Public App Logo
Profile Picture

Surajpura Rohtas Blocks

@9431jairamanuja
700Followers
1Following
बिक्रमगंज अनुमंडल के मतुली गाँव निवासी अमर प्रताप सिंह ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में 115वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। श्री बलराम सिंह के सुपुत्र अमर प्रताप सिंह का चयन बिहार प्रशासनिक सेवा में अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के पद पर हुआ है।
मतुली के अमर प्रताप सिंह बने एसडीएम, 70वीं BPSC में हासिल की 115वीं रैंक

अमर प्रताप सिंह की इस शानदार सफलता से पूरे मतुली गाँव सहित बिक्रमगंज अनुमंडल में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों, शुभचिंतकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। अमर की सफलता ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। 🎉🎊

<nis:link nis:type=tag nis:id=bpsc70th nis:value=BPSC70th nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=amarpratapsingh nis:value=AmarPratapSingh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sdm nis:value=SDM nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bikramganj nis:value=Bikramganj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=matuli nis:value=Matuli nis:enabled=true nis:link/>
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज आकाशदीप की होने वाली दुल्हन।
सूर्यपुरा सीओ गोल्डी कुमारी की बड़ी बहन रानी कुमारी बनीं बीडीओ

कहते हैं कि बेटियां अगर ठान लें तो इतिहास रच देती हैं। कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड स्थित कर्मनाशा बाजार की दो बहनों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर यह साबित कर दिया है। एक ही परिवार की दो बेटियों का बिहार प्रशासनिक सेवा में चयन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।
स्थानीय समाजसेवी बबन तिवारी की नातिनी एवं रत्नेश्वर तिवारी की पुत्री रानी कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 1323वीं रैंक हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पद पर चयनित होकर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है। रानी कुमारी की छोटी बहन गोल्डी कुमारी वर्तमान में रोहतास जिले के सूर्यपुरा प्रखंड में अंचलाधिकारी (सीओ) के पद पर कार्यरत हैं। गोल्डी कुमारी का चयन 64वीं बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से हुआ था। अब बड़ी बहन रानी कुमारी के बीडीओ बनने से परिवार की दोनों बेटियां प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगी।
ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने दोनों बहनों की उपलब्धि को बेटियों की शिक्षा, मेहनत और लगन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। उनकी सफलता से क्षेत्र की छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने की नई प्रेरणा मिलेगी।
रोहतास में एफसीआई ट्रक ने पुलिस बस को मारी टक्कर, 12 जवान घायल

रोहतास जिले में मंगलवार को दोपहर आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर सिकठी गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। चावल लदे एफसीआई ट्रक ने बिहार पुलिस के जवानों को लेकर जा रही बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें 9 महिला और 3 पुरुष जवान शामिल हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को तत्काल नोखा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। घायलों में शंकर हांसदा, उमेश पासवान, सविता कुमारी, सुजाता देवी, पूजा कुमारी, अमृता कुमारी, लाडली कुमारी, अन्नपूर्णा कुमारी, फुला कुमारी, नंदनी कुमारी, प्रियंका कुमारी, सलोनी कुमारी, रिंकू कुमारी और कृष्ण मुरारी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस की एक कंपनी बेगूसराय से डेहरी मुख्यालय जा रही थी। इसी दौरान सिकठी गांव के समीप पीछे से आ रहे ट्रक ने बस में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे जवान अपनी सीटों से उछल गए और कई जवान घायल हो गए। घायल महिला जवान नंदनी कुमारी की स्थिति गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल रेफर किया गया। हादसे की सूचना पर एसडीएम प्रभात कुमार, बीडीओ शेफाली, सीओ मधुसूदन चौरसिया, थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ट्रक और चालक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
BPSC में 167वीं रैंक लाने वाली सुधा सिंह को सांसद ने किया सम्मानित

दिनारा विधानसभा क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी श्री जगनारायण सिंह की पुत्री सुश्री सुधा सिंह ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 167वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। सुधा सिंह की सफलता पर बक्सर के सांसद Sudhakar Singh  ने उन्हें सम्मानित कर बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूर्व विधायक VIJAY KUMAR MANDALभी उपस्थित रहे। सांसद ने कहा कि सुधा सिंह की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उपस्थित लोगों ने भी सुधा सिंह की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सुधा सिंह सहित बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की
रोहतास जिला पदाधिका उदिता सिंह के विदाई और नए जिला पदाधिकार दीपक कुमार मिश्रा के स्वागत समारोह का हुआ आयोजन।
सूर्यपुरा सीओ गोल्डी कुमारी की बड़ी बहन रानी कुमारी बनीं बीडीओ

कहते हैं कि बेटियां अगर ठान लें तो इतिहास रच देती हैं। कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड स्थित कर्मनाशा बाजार की दो बहनों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर यह साबित कर दिया है। एक ही परिवार की दो बेटियों का बिहार प्रशासनिक सेवा में चयन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।
स्थानीय समाजसेवी बबन तिवारी की नातिनी एवं रत्नेश्वर तिवारी की पुत्री रानी कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 1323वीं रैंक हासिल कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पद पर चयनित होकर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है। रानी कुमारी की छोटी बहन गोल्डी कुमारी वर्तमान में रोहतास जिले के सूर्यपुरा प्रखंड में अंचलाधिकारी (सीओ) के पद पर कार्यरत हैं। गोल्डी कुमारी का चयन 64वीं बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से हुआ था। अब बड़ी बहन रानी कुमारी के बीडीओ बनने से परिवार की दोनों बेटियां प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगी।
ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने दोनों बहनों की उपलब्धि को बेटियों की शिक्षा, मेहनत और लगन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। उनकी सफलता से क्षेत्र की छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने की नई प्रेरणा मिलेगी।
धरहरा की बेटी सुधा सिंह बनीं एसडीएम, विधायक ने घर पहुंचकर दी बधाई

दिनारा विधानसभा क्षेत्र के धरहरा गांव की बेटी सुधा सिंह के 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) पद पर चयनित होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह ने उनके आवास पहुंचकर मुलाकात की और बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विधायक ने कहा कि आदरणीय जगनारायण सिंह की पुत्री सुधा सिंह की सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे धरहरा गांव, दिनारा विधानसभा क्षेत्र और रोहतास जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सुधा की कठिन मेहनत, लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सुधा सिंह की यह उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में भी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति उत्साह बढ़ेगा। विधायक ने विश्वास जताया कि सुधा सिंह अपने प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए जनसेवा, सुशासन और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस अवसर पर विधायक ने सुधा सिंह के उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशासनिक जीवन, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करते हुए उन्हें पुनः हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। 💐
आंगनबाड़ी सेविका के बेटे ने रचा इतिहास, बीपीएससी में सफलता पाकर बने राजस्व अधिकारी

रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के मेदनीपुर गांव में उस समय जश्न का माहौल बन गया, जब गांव के होनहार युवक चुनुल कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर राजस्व अधिकारी (आरओ) पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव समेत पूरे प्रखंड में खुशी की लहर है। चुनुल कुमार, सुरेंद्र प्रसाद पासवान के पुत्र हैं। उनकी मां आंगनबाड़ी सेविका हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद चुनुल ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। वर्तमान में वह वर्ष 2019 से बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की व्यस्तताओं के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। यह उनका पांचवां प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता मिली। चुनुल ने बताया कि उन्होंने कभी असफलताओं को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। लगातार प्रयास और सकारात्मक सोच के कारण आज उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करना है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा दावथ के उसरी गांव स्थित अपने मामा के घर पर हुई, जबकि उच्च शिक्षा विक्रमगंज अनुमंडल में पूरी की। तीन भाई और एक बहन में मंझले चुनुल ने अपनी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।
राजस्व अधिकारी बनने के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। स्थानीय मुखिया रंजय सिंह ने कहा कि चुनुल की सफलता गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।
इस अवसर पर दावथ के पूर्व प्रमुख चित्तरंजन पासवान ने कहां की भगिना की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। वो और जाए मेरी शुभकामनाएं है। उस पर परमनाथ प्रसाद, सत्यनारायण प्रसाद, बीडीसी सदस्य मदन प्रसाद, अखिलेश पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने चुनुल कुमार और उनके परिजनों को बधाई देते हुए मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
ग्रामीणों और बुजुर्गों का कहना है कि चुनुल कुमार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। मजबूत इरादे, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी व्यक्ति अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।
रसूलपुर पंचायत की बेटी सीमा कुमारी बनीं प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, 70वीं बीपीएससी में हासिल की सफलता

रोहतास। प्रखंड क्षेत्र की रसूलपुर पंचायत की बेटी सीमा कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO) पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।
सीमा कुमारी धर्मेंद्र सिंह एवं प्रमिला देवी की पुत्री हैं। उनके पिता एक प्रवासी श्रमिक हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण करते हुए बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सीमा ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है, जो उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा में चयनित होने वाली सीमा कुमारी आज क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता पर परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
रोहतास जिले जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने किया पदभार ग्रहण
दरिगांव के अवनीश कुमार बने श्रम प्रवर्तन अधिकारी, 70वीं बीपीएससी में पाई सफलता

रोहतास जिले के दरिगांव निवासी अवनीश कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Labour Enforcement Officer) पद पर चयनित होकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अवनीश कुमार, बिपिन बिहारी सिंह एवं बेबी सिंह के पुत्र हैं। उनकी इस सफलता से परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। जैसे ही उनके चयन की सूचना मिली, शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। अवनीश की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। उनकी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास का ही परिणाम है कि उन्होंने प्रतिष्ठित बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता से जिले के अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।
BPSC में चयनित शिक्षिका संरचना कुमारी का विद्यालय में हुआ भव्य स्वागत

रोहतास जिले के सूर्यपुरा प्रखंड स्थित गोशलडीह मध्य विद्यालय की विज्ञान एवं गणित शिक्षिका संरचना कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने 1954वीं रैंक हासिल करते हुए आपूर्ति निरीक्षक पद पर चयनित होकर अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया है।
उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय, गांव तथा पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आज सोमवार को विद्यालय परिसर में पहुंचने पर संरचना का भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जहां शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रधानाध्यापक राज किशोर ठाकुर के नेतृत्व में संरचना कुमारी को बुके, फूल-माला एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनकी सफलता को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। संरचना कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरुजनों एवं विद्यालय परिवार के सहयोग को देते हुए विद्यार्थियों को भी निरंतर मेहनत कर अपने सपनों को साकार करने का संदेश दिया। बता दे कि घर से ही पढ़कर यह मुकाम हासिल संरचना ने की है।
कोआथ के राजन पटेल बने नगर पालिका कार्यपालक पदाधिकारी,चौथे प्रयास में मिली सफलता।

रोहतास जिले दावथ प्रखंड अंतर्गत कोआथ नगर पंचायत के निवासी एवं मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी के भतीजे राजन पटेल ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 358वीं रैंक प्राप्त कर नगर पालिका कार्यपालक पदाधिकारी (एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) पद पर चयनित होकर अपने गांव, प्रखंड एवं जिले का नाम रोशन किया है। बीपीएससी 70वीं परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही राजन पटेल एवं उनके परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। मुख्य पार्षद धर्मेंद्र चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि उनके बड़े भाई मिथलेश चौधरी मणिपुर में व्यवसाय करते हैं। राजन उनके दो पुत्रों में बड़े हैं और बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं।
राजन की प्रारंभिक शिक्षा कोआथ एवं सासाराम में हुई। इसके बाद उन्होंने सैनिक स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की तथा पटना के ए.एन. कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और लगातार संघर्ष करते हुए चौथे प्रयास में बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर 358वीं रैंक प्राप्त की। मोबाइल पर बातचीत के दौरान राजन पटेल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ अपने चाचा एवं प्रेरणास्रोत धर्मेंद्र चौधरी को दिया। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कड़ी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की। राजन ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उच्च प्रशासनिक पद पर पहुंचना है, जिसके लिए वे अभी से तैयारी में जुटे हुए हैं। राजन की इस उपलब्धि पर चुन्नू पटेल, कपिल पासवान, धनजी पटेल, पूर्व चेयरमैन सोनी खान, शिवाधार चौधरी, रितेश केशरी, सुरेंद्र चंद्रवंशी, प्रवीण तिवारी, विक्की सिंह, रघुनाथ सिंह सहित कोआथ नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षण के साथ रची सफलता की नई इबारत, बीपीएससी 70वीं में 1954वीं रैंक लाकर आपूर्ति निरीक्षक बनीं संरचना

रोहतास जिले के सूर्यपुरा प्रखंड क्षेत्र के गोशलडीह मध्य विद्यालय में कार्यरत विज्ञान एवं गणित शिक्षिका संरचना ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 1954वीं रैंक प्राप्त कर आपूर्ति निरीक्षक पद पर चयनित होकर विद्यालय, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। अवकाश प्राप्त वायु सैनिक हरेराम पाल एवं गृहिणी चंदा देवी की पुत्री संरचना बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वे बीपीएससी टीआरई-2 के माध्यम से चयनित होकर 12 फरवरी 2024 से गोशलडीह मध्य विद्यालय में विज्ञान एवं गणित विषय की विद्यालय अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
शिक्षण कार्य की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। संरचना मूल रूप से नासरीगंज प्रखंड के कछवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सबारी गांव की निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की, जबकि 10वीं एवं 12वीं की पढ़ाई जयपुर (राजस्थान) से पूरी की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद से उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरे समर्पण और आत्मविश्वास के साथ करने का संदेश दिया। संरचना ने बताया कि उनका लक्ष्य अभी और ऊंचा है। वे भविष्य में उच्च प्रशासनिक पदों पर सेवा देने की इच्छा रखती हैं और इसके लिए यूपीएससी एवं बीपीएससी की आगामी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखेंगी। उनकी इस सफलता पर विद्यालय परिवार, ग्रामीणों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
भारतीय क्रिकेटर टीम के खिलाड़ी आकाश दीप के पैतृक गांव बड्डी में तिलक समारोह।
बिक्रमगंज के अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी दीपक कुमार सिंह बने डीएसपी, BPSC में हासिल की 107वीं रैंक

रोहतास जिले के बिक्रमगंज में अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी के पद पर कार्यरत दीपक कुमार सिंह ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 107वीं रैंक प्राप्त कर बिहार पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कैमूर जिले के इटाढ़ी गांव (पोस्ट- कैथी, थाना- सोनहन) निवासी दीपक कुमार सिंह ने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की। व्यस्त सरकारी सेवा के बीच उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम प्राप्त किया। दीपक कुमार सिंह की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार के त्याग, माता-पिता के सपनों और वर्षों की मेहनत का प्रतिफल है। साधारण परिवेश से निकलकर बिहार पुलिस सेवा में डीएसपी बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दीपक कुमार सिंह की सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता।
मजदूर की बेटी बनीं असिस्टेंट टैक्स कमिश्नर, स्वाध्याय से हासिल की बीपीएससी में सफलता

बक्सर जिले के बनारपुर गांव की बेटी सुंदरी कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर असिस्टेंट टैक्स कमिश्नर पद पर चयनित होकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
सुंदरी कुमारी के पिता अनिल रविदास मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सुंदरी ने हौसला नहीं छोड़ा और बिना किसी कोचिंग के केवल स्वाध्याय (सेल्फ स्टडी) के बल पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। सुंदरी की इस उपलब्धि से गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा लोग उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सुंदरी कुमारी को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अकोढ़ीगोला की सीओ निधि ज्योत्सना बनीं एसडीएम, 70वीं बीपीएससी में हासिल की सफलता

अकोढ़ीगोला की अंचलाधिकारी (सीओ) निधि ज्योत्सना ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर बिहार प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया है। अब वह अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
निधि ज्योत्सना ने वर्तमान में सीओ पद पर कार्यरत रहते हुए सेल्फ स्टडी के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों के साथ-साथ क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। निधि, भोजपुर समाहरणालय की भू-अर्जन शाखा में प्रधान सहायक जयराम दास की पुत्री हैं। सीमित समय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर बीपीएससी की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित की। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। निधि ज्योत्सना की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
दिनारा की बिटिया सुधा बनीं एसडीएम, पहले प्रयास में हासिल की 167वीं रैंक

दिनारा प्रखंड क्षेत्र के करहंसी पंचायत अंतर्गत धरहरा गांव में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब ग्रामीणों को पता चला कि गांव की बेटी सुधा सिंह ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया है। धरहरा गांव निवासी जगनारायण सिंह की पुत्री सुधा सिंह ने अपने पहले ही प्रयास में बीपीएससी की कठिन परीक्षा में पूरे राज्य में 167वीं रैंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे दिनारा प्रखंड और रोहतास जिले में हर्ष का माहौल है। सुधा सिंह के चयन की खबर फैलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं शुभचिंतक मिठाई खिलाकर उन्हें और उनके पिता को बधाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी उपलब्धि की सराहना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सुधा सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश की बेटियां भी बड़े सपने साकार कर सकती हैं। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर अग्रसर होने का हौसला देगी।
सुधा सिंह की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।
संवेदनशीलता और कार्यकुशलता की मिसाल रहीं रोहतास की पहली महिला जिलाधिकारी उदिता सिंह

रोहतास जिले की पहली महिला जिलाधिकारी उदिता सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे जिले के कर्मचारी और आमजन लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को गति दी, बल्कि कार्यालयी कार्यसंस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया।
आमतौर पर उच्च अधिकारियों का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति रवैया सख्त माना जाता है, लेकिन उदिता सिंह ने इस धारणा को बदला। उन्होंने छोटे से लेकर बड़े हर कर्मचारी को सम्मानपूर्वक “आप” कहकर संबोधित किया। उनके इस व्यवहार ने कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और कार्यस्थल का माहौल अधिक सहयोगपूर्ण बनाया। परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला और कई क्षेत्रों में रोहतास को राज्य स्तर पर पहचान मिली।
पहली महिला जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण का भी मजबूत संदेश दिया। उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं को गति मिली और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर रहा। अब बिहार सरकार ने उनकी प्रशासनिक क्षमता और उत्कृष्ट कार्यशैली को देखते हुए उन्हें नालंदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। रोहतास में उनके कार्य और व्यवहार की चर्चा आज भी सम्मान के साथ की जाती हैं
के दीपक कुमार बने बीडीओ, 70वीं बीपीएससी परीक्षा में हासिल की सफलता

नोखा। रोहतास जिले के नोखा प्रखंड अंतर्गत बिसेनी खुर्द गांव निवासी दीपक कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पद हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दीपक कुमार कमलेश प्रसाद एवं चंद्रकला देवी के पुत्र हैं। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव के लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया है। दीपक की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि दीपक कुमार ने अपने परिवार के साथ-साथ बिसेनी खुर्द और नोखा प्रखंड का नाम भी रोशन किया है। उनकी इस सफलता पर गांव में हर्ष का वातावरण है और लोग उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं।
बिक्रमगंज की बेटी सलोनी कुमारी बनीं बीडीओ, 70वीं बीपीएससी में हासिल की सफलता

बिक्रमगंज। रोहतास जिले के बिक्रमगंज की बेटी सलोनी कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 1156वीं रैंक प्राप्त कर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। सलोनी कुमारी, सुदर्शन साह एवं राजकांति देवी की पुत्री हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिक्रमगंज में ही प्राप्त की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए पटना गईं, जहां उन्होंने पटना वीमेंस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक के दौरान ही उन्होंने बीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और अपने कठिन परिश्रम, लगन तथा आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता हासिल की। सलोनी की सफलता पर परिजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
सलोनी कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया है। उनकी इस उपलब्धि से बिक्रमगंज का गौरव बढ़ा है।
अकबरपुर की बेटी शिरीन नाज़ बनीं DSP, क्षेत्र में खुशी की लहर

रोहतास। नगर पंचायत अकबरपुर की बेटी शिरीन नाज़ ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 259वीं रैंक प्राप्त कर डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से अकबरपुर सहित पूरे रोहतास जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। शिरीन नाज़ की उपलब्धि को क्षेत्र के लोग बेटियों की शिक्षा, मेहनत और लगन की बड़ी मिसाल मान रहे हैं। छोटे शहर से निकलकर बड़ी सफलता हासिल करने वाली शिरीन ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता से युवाओं, विशेषकर छात्राओं को नई प्रेरणा मिली है।
परिजनों और शुभचिंतकों ने शिरीन नाज़ को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का सम्मान है। शिरीन नाज़ की सफलता ने अकबरपुर का गौरव बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का नया अध्याय लिखा है। बेटियां बोझ नहीं, समाज का गौरव होती हैं" — शिरीन नाज़ की यह सफलता इस संदेश को और मजबूत करती है। 🎉👮‍♀️🌹
सासाराम के आशीष कुमार बने DSP, 70वीं BPSC में हासिल की 469वीं रैंक

सासाराम। रोहतास जिले के सासाराम शहर के खिलनगंज निवासी काशी प्रसाद के पुत्र आशीष कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 469वीं रैंक प्राप्त कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
आशीष कुमार वर्तमान में सीतामढ़ी जिले के पिपरी में निबंधन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर बीपीएससी की परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
उनकी उपलब्धि को लेकर सासाराम एवं आसपास के क्षेत्रों में हर्ष का माहौल है। परिजनों, शुभचिंतकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों का कहना है कि आशीष की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देगी।
आशीष कुमार की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे रोहतास जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि निरंतर प्रयास और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
Surajpura Rohtas Blocks (@9431jairamanuja) | Public App