
Bokaro में फायर सेफ्टी नियमों पर सख्ती, 47 होटल-प्रतिष्ठानों की जांच में मिलीं गंभीर खामियां
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Bokaro : जिले में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
शनिवार को वीडियो संवाद के माध्यम से आयोजित बैठक में जिले के होटल एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 47 होटल एवं प्रतिष्ठानों के निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं।
##कई प्रतिष्ठानों में एक ही रास्ते से प्रवेश और निकास
निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश चिन्हित प्रतिष्ठानों में प्रवेश और निकास के लिए एक ही साझा मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा कई प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षित फायर सेफ्टी कर्मियों की भी व्यवस्था नहीं मिली। ऐसी स्थिति को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने तत्काल आवश्यक सुधार कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि फायर सेफ्टी सीधे लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए निर्धारित मानकों के अनुपालन में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को सभी संबंधित प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, नेशनल बिल्डिंग कोड, आपातकालीन निकास, बेसमेंट के उपयोग, अग्निशमन वाहनों के पहुंच मार्ग तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच करने को कहा।
##सात दिनों में कार्रवाई की रिपोर्ट
उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, चास को निर्देश दिया कि निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले चिन्हित प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी किया जाए। नोटिस के बाद सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध, पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से पूरी की जाए। प्रत्येक निरीक्षण और कार्रवाई का विधिवत रिकॉर्ड रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
##अब कोचिंग, लाइब्रेरी और हॉस्टल की भी होगी जांच
प्रशासन अब फायर सेफ्टी जांच का दायरा और बढ़ाने जा रहा है। उपायुक्त ने कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, हॉस्टल और शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ अन्य सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में भी अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी और आम लोग मौजूद रहते हैं। इसलिए वहां आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है।
##हर दो माह में नियमित निरीक्षण
उपायुक्त ने फायर सेफ्टी निरीक्षण को नियमित प्रक्रिया के रूप में अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर दो माह में संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाए, ताकि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की समय रहते पहचान कर उनका सुधार कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित अग्निकांड से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
Chas, Bokaro | Aug 22, 2026