
*अधिवक्ताओं ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय कराया बंद, निष्पक्ष जांच की मांग*
*ब्राह्मण परिवार पर मुकदमे को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश*
पट्टी। कोतवाली परिसर में युवक अर्जुन गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद दर्ज मुकदमे को लेकर बुधवार को पट्टी तहसील के अधिवक्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
बार एसोसिएशन पट्टी के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में सुबह करीब 10:30 बजे बार भवन में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में प्रकरण की निष्पक्ष जांच और मुकदमे को लेकर विरोध जताते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और रजिस्ट्री कार्यालय बंद करा दिया।
बार अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि कोतवाली परिसर में युवक की मौत के मामले में पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग की और मजिस्ट्रियल जांच पर भरोसा नहीं जताया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि मृतक परिवार को न्याय मिलने के साथ ही मुकदमे में नामजद लोगों के संबंध में भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी मांग रखने तथा उनके आने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही।
विरोध प्रदर्शन में दिलीप मिश्रा, रवि सिंह, नंदन चतुर्वेदी, अंबरीश तिवारी, अंजनी शुक्ल, शुभम सांडिल्य, रजनीश पांडेय, अनुराग त्रिपाठी, प्रदीप पाठक, संसार सिंह, अनुज मिश्र समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।