पट्टी कोतवाली में नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी की संदिग्ध मौत, ब्राह्मण पिता-पुत्र पर मुकदमे को लेकर परशुराम सेना का विरोध
प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी अर्जुन गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में ब्राह्मण पिता-पुत्र पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राष्ट्रीय परशुराम सेना ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नामजद परिवार का पक्ष भी सामने लाने की मांग की है।
राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अभिषेक तिवारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप शुक्ल समेत संगठन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मोलनापुर पहुंचकर संबंधित ब्राह्मण परिवार से मुलाकात करने की बात कही थी। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सुबह ही पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक तिवारी समेत कुछ पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया।
संगठन की ओर से कहा गया कि इसके बावजूद राष्ट्रीय परशुराम सेना के सदस्य और पदाधिकारी सुबह करीब 10:30 बजे कचहरी में एकत्रित होंगे। यदि प्रशासन उन्हें मोलनापुर जाने की अनुमति नहीं देता है तो कम से कम शिकायतकर्ता ब्राह्मण परिवार से मुलाकात कराई जाए, ताकि मामले की वास्तविकता और संबंधित पक्ष की बात प्रत्यक्ष रूप से सामने आ सके।
परशुराम सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। संगठन पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता जानना चाहता है और सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि पट्टी कोतवाली में युवक की संदिग्ध मौत के बाद मृतक के पिता की शिकायत पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठन ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ शिकायतकर्ता और नामजद दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी है।