
बड़े बैनर की आड़ में गद्दारी… लेकिन सच की आवाज नहीं रुकेगी!
कालपी नगर के एक बड़े अखबार के पत्रकार बंधु ने अगस्त महीने में हमारे खिलाफ कोतवाली कालपी में एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री के साथ मिलकर प्रार्थना पत्र लिखवाकर दिलवाया।
हमारा कहना है कि प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोप झूठे थे।
उस समय मैं बनारस में था।
मामले की निष्पक्ष जांच तत्कालीन कोतवाली प्रभारी श्री परमहंस तिवारी जी द्वारा की गई और प्रार्थना पत्र को झूठा पाया गया।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि हमारे अनुसार यह प्रार्थना पत्र कालपी यमुना पुल पार कर कानपुर देहात बॉर्डर के यमुना पुल पर लिखवाया गया था।
प्रार्थना पत्र लिखने वाला कोई और था, जबकि बोलने वाला कालपी का ही एक पत्रकार था—बड़े बैनर वाला!
और साहब… जिनसे कभी कई कार्य और खबरें हमसे चलवाई गईं, उन्हीं की तरफ से हमारे साथ गद्दारी की गई।
लेकिन हमें यह भी अच्छे से पता है कि हमारे साथ जैसा किया गया, वैसा ही कई और लोगों के साथ भी किया गया है।
परिणाम सामने हैं, फिर भी अक्ल नहीं आ रही…
कहावत याद आती है—
रस्सी जल गई, बल नहीं गया।
बड़े बैनर के तले काम… और कारनामों पर सवाल!
हमने अपनी सोच से कभी किसी के साथ गलत नहीं किया।
शायद यही वजह है कि राधा रानी शुरू से लेकर आज तक हमें न्याय दिलाती आ रही हैं और आगे भी न्याय दिलाती रहेंगी। 🙏
तो साहब…
उगते हुए सूरज को आखिर कौन रोक सकता है?
आप साज़िशें करते रहिए,
हम अपना रास्ता चलते रहेंगे…
और वक्त आने पर वही साज़िशें करने वाले उन्हीं में उलझते रहेंगे।
राधा रानी जी की जय हो। 🙏🚩
इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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Kalpi, Jalaun | Sep 2, 2026