
गौसगंज में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की हालत पर उठे सवाल, निर्माण से भुगतान तक जांच की मांग
हरदोई। विकासखंड कछौना क्षेत्र के गौसगंज गांव में स्थित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। केंद्र के निर्माण की गुणवत्ता, योजना के क्रियान्वयन और सरकारी धन के उपयोग की जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित इस केंद्र की वास्तविक स्थिति और उपयोगिता का तकनीकी परीक्षण कराए जाने की आवश्यकता जताई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरे के उचित निस्तारण और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ऐसे केंद्रों का निर्माण कराया जाता है। इन परियोजनाओं पर सरकारी धन खर्च किया जाता है, ताकि गांवों में कचरे का व्यवस्थित निस्तारण हो सके। ऐसे में गौसगंज स्थित केंद्र की मौजूदा स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह जानना जरूरी है कि केंद्र का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच जरूरी
गौसगंज के इस केंद्र के मामले में निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्धारित मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही माप पुस्तिका, भुगतान संबंधी अभिलेखों और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र का सत्यापन कराए जाने पर भी जोर दिया गया है।
जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जा सकता है कि निर्माण कार्य स्वीकृत योजना के अनुसार कराया गया या नहीं और वर्तमान में केंद्र की स्थिति क्या है। यदि निर्माण में किसी प्रकार की कमी या वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अभिलेखों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
अधिकारियों की निगरानी पर भी उठे सवाल
मामले में ग्राम पंचायत, विकासखंड और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा किए जाने की मांग भी उठी है। सवाल है कि निर्माण के बाद केंद्र का निरीक्षण किया गया या नहीं, कमियां मिलने पर उन्हें दूर कराने के लिए क्या कदम उठाए गए और केंद्र का नियमित संचालन हो रहा है या नहीं।
इन बिंदुओं पर विभागीय अभिलेखों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि योजना का लाभ ग्रामीणों को निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप मिल रहा है या नहीं।
जिलाधिकारी और सीडीओ से जांच कराने की मांग
गौसगंज स्थित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के मामले में जिलाधिकारी हरदोई, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से स्थलीय निरीक्षण कराकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। मांग है कि तकनीकी अधिकारियों की टीम केंद्र के निर्माण, गुणवत्ता, स्वीकृत बजट, भुगतान और वर्तमान संचालन की स्थिति का आकलन करे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कमियों को दूर कराने और यदि वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित हों तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। हालांकि, सरकारी धन के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और जांच के माध्यम से केंद्र की वास्तविक स्थिति के बारे में क्या तथ्य सामने आते हैं। निष्पक्ष जांच से न केवल उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
रिपोर्ट: पुनीत सिंह पटेल
Bilgram, Hardoi | Oct 22, 2026