
भीषण गर्मी में पशुओं से काम लेना पड़ेगा भारी, दोपहर 12 से 3 बजे तक उपयोग पर रोक
भीलवाड़ा( महेन्द्र नागौरी) प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए पशु कल्याण के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशानुसार अब 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घोड़े, गधे, खच्चर, बैल, भैंसे सहित सभी भारवाहक पशुओं से कृषि एवं भारवहन कार्य कराना प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेज गर्मी में पशुओं से काम लेने पर उन्हें हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण, अत्यधिक थकान और मृत्यु तक का खतरा रहता है। ऐसे में संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों और पुलिस प्रशासन को नियमों की सख्ती से पालना कराने तथा प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार कृषि एवं परिवहन कार्यों में लगे पशुओं के लिए पर्याप्त छाया, स्वच्छ एवं ठंडे पेयजल तथा पौष्टिक चारे की व्यवस्था करना पशुपालकों की जिम्मेदारी होगी। वहीं 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में पशुओं का पैदल परिवहन भी प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने ग्रीष्मकाल में निराश्रित और राहगीर पशुओं के लिए गौशालाओं, पशु आश्रय स्थलों, चारागाहों और प्रमुख मार्गों पर जलकुंड स्थापित करने तथा पक्षियों के लिए सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और घरों में परिंडे लगाने की अपील की है।
साथ ही सामाजिक संगठनों, गौशालाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन से जलकुंडों एवं परिंडों में नियमित रूप से पानी भरने में सहयोग करने का आह्वान किया गया है, ताकि भीषण गर्मी के दौर में पशु-पक्षियों को राहत मिल सके।
प्रशासन ने कहा है कि पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 एवं संबंधित नियमों के तहत पशुओं को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाना दंडनीय है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों और पशुपालकों को नियमों की पालना सुनिश्चित करनी होगी।