
*गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई: 9 माह में 1,709 आरोपी गिरफ्तार, 44.16 करोड़ रुपये की राशि होल्ड/रिकवर तथा 29 करोड़ रुपये कराए पीड़ितों को वापस।*
*बैंकिंग API के माध्यम से NBFCs एवं वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए गुरुग्राम पुलिस सख्त; 17 बैंकों के नोडल एवं IT अधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश।*
`गुरुग्राम: 22 अक्टूबर 2026`
▪️गुरुग्राम पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, साइबर ठगी से पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित कराने, आरोपियों की पहचान करके उनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुग्राम पुलिस से श्री गौरव फौगाट ACP Cyber ने बैंकिंग एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के दुरुपयोग के माध्यम से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) एवं अन्य वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए बैंकों के नोडल एवं IT अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
▪️वहीं, वर्ष 2026 में 01 जनवरी से 30 सितंबर तक के उपलब्ध साइबर अपराध संबंधी आंकड़े गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित कराने तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के प्रयासों को दर्शाते हैं।
*1. साइबर अपराधों के विरुद्ध गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े (01 जनवरी 2026 से 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार):*
- 33,376 साइबर शिकायतें प्राप्त हुईं।
- 1,66,46,57,635 रुपये (लगभग 166.47 करोड़ रुपये) की कुल ठगी दर्ज की गई।
- 44,16,57,620 रुपये (लगभग 44.17 करोड़ रुपये) की धनराशि होल्ड/रिकवर की गई।
- 29,00,97,627 रुपये (लगभग 29.01 करोड़ रुपये) की धनराशि शिकायतकर्ताओं एवं पीड़ितों को वापस किए जाने का विवरण दर्ज है।
- 1,017 FIR दर्ज की गईं।
- 530 मामले वर्क आउट किए गए।
- 1,709 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
ये आंकड़े साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ ठगी की धनराशि को सुरक्षित कराने और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करते हैं।
*2. साइबर ठगी की राशि को सुरक्षित कराने के लिए प्रभावी प्रयास:* उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साइबर अपराध से संबंधित मामलों एवं शिकायतों में कुल 44.16 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि होल्ड/रिकवर की गई। इसके अतिरिक्त, पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को कुल 29 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वापस किए जाने का विवरण दर्ज है। धनराशि को समय रहते होल्ड कराने, संबंधित बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन की जानकारी प्राप्त करने तथा ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाने में बैंकों और जांच एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरुग्राम पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ-साथ ठगी के कारण आर्थिक नुकसान झेल रहे पीड़ितों को राहत दिलाने के प्रयासों को भी प्रभावी बनाना है।
*3. बैंकिंग API के दुरुपयोग से वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने के मामलों पर गंभीरता:* दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को ACP Cyber Crime, गुरुग्राम द्वारा अपने कार्यालय में गुरुग्राम में कार्यरत विभिन्न बैंकों के नोडल एवं IT अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) को निशाना बनाकर किए जा रहे अनधिकृत वित्तीय लेन-देन तथा NBFCs एवं अन्य वैध वित्तीय संस्थानों को होने वाले आर्थिक नुकसान की रोकथाम के लिए ठोस उपायों पर चर्चा करना था। बैठक में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, साइबर थानों में इस प्रकार की कुल 3 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें संबंधित NBFCs एवं अन्य वैध वित्तीय संस्थानों को लगभग 12 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। इन घटनाओं में साइबर अपराधियों द्वारा बैंकिंग प्रणालियों की कमजोरियों अथवा API के कथित दुरुपयोग के माध्यम से अनधिकृत लेन-देन कर धनराशि अज्ञात लाभार्थी खातों में स्थानांतरित किए जाने की आशंका पर चर्चा की गई। ऐसे मामलों में वित्तीय संस्थानों को भी गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है, भले ही उनकी ओर से कोई स्पष्ट चूक सामने न आई हो।
*4. 17 बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा:* बैठक में निम्नलिखित बैंकों के नोडल एवं IT अधिकारियों/प्रतिनिधियों ने भाग लिया:
1. यस बैंक — सुरेंद्र बिष्ट
2. कोटक महिंद्रा बैंक — त्रिपत सलूजा
3. बंधन बैंक — हेमंत गोधा
4. फिनो पेमेंट्स बैंक — एस. एम. तबिश
5. इंडसइंड बैंक — सौरभ श्रीवास्तव एवं समीर गुप्ता
6. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया — विकास खन्ना एवं जसप्रीत सिंह
7. IDFC FIRST बैंक — उदय परांडे
8. फेडरल बैंक — गुरजीत सिंह धनोआ
9. ICICI बैंक — सिनोज अब्राहम एवं जावेद चौहान
10. इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक — श्री हरि एवं संजय यादव
11. बैंक ऑफ महाराष्ट्र — सानोज कुमार एवं आकाश शर्मा
12. AU स्मॉल फाइनेंस बैंक — भारत सिंह
13. UCO बैंक — हर्ष कुमार ओझा
14. केनरा बैंक — अनुज कुमार
15. रत्नाकर बैंक लिमिटेड — अधीश सिंह
16. HDFC बैंक — सार्थक शर्मा
17. भारतीय स्टेट बैंक — अंशू टिक्कू एवं प्रमोद कुमार
बैठक में बैंकिंग प्रणालियों की सुरक्षा, संदिग्ध लेन-देन की निगरानी, साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा जांच एजेंसियों के साथ सूचनाओं के समयबद्ध आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया।
*5. बैंकों को सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश:* ACP Cyber Crime, गुरुग्राम द्वारा बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने बैंकिंग API एवं संबंधित डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करके उसे और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
- *API एवं डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा:* बैंकिंग API और उनसे जुड़ी प्रणालियों में सुरक्षा एवं प्रमाणीकरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
- *संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी:* अनधिकृत API हिट, असामान्य गतिविधियों एवं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पहचान के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- *तत्काल कार्रवाई:* किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर बिना अनावश्यक देरी के आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- *शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण:* साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
- *जांच में पूर्ण सहयोग:* जांच एजेंसियों को आवश्यक बैंकिंग रिकॉर्ड, संबंधित जानकारी एवं अन्य प्रासंगिक विवरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
- *धनराशि का पता लगाना एवं वापसी:* ठगी की रकम के लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने तथा धनराशि की रिकवरी में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जाए।
6. बैंक, NBFC एवं पुलिस के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बैंक, NBFCs एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि वित्तीय प्रणालियों में मौजूद संभावित सुरक्षा कमजोरियों की पहचान की जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में समय पर सूचना साझा करना, संदिग्ध खातों एवं लेन-देन की पहचान करना और जांच एजेंसियों को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे ठगी की धनराशि के प्रवाह का पता लगाने तथा उसे सुरक्षित कराने के प्रयासों को गति मिल सकती है।
*7. गुरुग्राम पुलिस की आमजन एवं वित्तीय संस्थानों से अपील:* गुरुग्राम पुलिस सभी बैंकों, NBFCs एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से अपील करती है कि वे अपनी बैंकिंग API और डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, संदिग्ध गतिविधियों की निरंतर निगरानी करें तथा साइबर धोखाधड़ी की किसी भी आशंका की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस इकाई को दें। साथ ही, आमजन से भी अपील है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध डिजिटल अनुरोधों पर भरोसा करने अथवा अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा आधिकारिक पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। गुरुग्राम पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा मजबूत करने तथा साइबर ठगी से प्रभावित पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Uklana, Hissar | Oct 22, 2026