
सात साल पुराने मामले में जहानाबाद के डीईओ पर विभागीय कार्रवाई, जांच के आदेश
जहानाबाद : जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार के खिलाफ शिक्षा विभाग ने विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई उनके सुपौल में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहने के दौरान वर्ष 2019 की मैट्रिक परीक्षा के मूल प्रमाण-पत्रों के अप्राप्त रहने के मामले से जुड़ी है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सुपौल डीईओ सुरेंद्र कुमार को मामले के लिए उत्तरदायी माना गया है। बताया गया है कि मैट्रिक परीक्षा-2019 के बाद सुपौल जिले के माध्यमिक विद्यालयों के कई छात्रों के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं हो सके थे।
बिहार बोर्ड के सचिव की ओर से नौ सितंबर 2025 को आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद विभाग ने अनुशासनिक प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था। सुरेंद्र कुमार ने 17 जून 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय समीक्षा में उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना गया।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने वृहद जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच प्रक्रिया के संचालन के लिए विभाग के संयुक्त सचिव शाहजहां को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
वर्तमान में सुरेंद्र कुमार जहानाबाद में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। विभागीय कार्रवाई की सूचना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।