एसआइआर रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग, किसानों ने निकाला मार्च
जहानाबाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) रद्द करने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और मतदान के अधिकार से वंचित किए गए 13.41 करोड़ मतदाताओं के अधिकार बहाल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जहानाबाद में किसानों ने मार्च निकाला। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत भाकपा माले कार्यालय से निकला मार्च पटना-गया मुख्य पथ से होते हुए अरवल मोड़ पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं माले राज्य कमेटी के सदस्य रामाधार सिंह, माले राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र यादव, किसान महासभा के जिला सचिव शौकीन यादव समेत अन्य किसान नेताओं ने किया। इसमें बैजनाथ यादव, विजय यादव, अरविंद मिस्त्री, अरविंद चौधरी, सुनील यादव, बाबूलाल यादव, सतीश चौधरी, अंबिका यादव और सीमा कुमारी सहित कई लोग शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता संजय चंद्रवंशी ने की।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए व्यापक जनसंघर्ष जरूरी है। उन्होंने एसआइआर को तत्काल रद्द करने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के अभाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने प्रभावित मतदाताओं के मतदान के अधिकार तत्काल बहाल करने की मांग की।
नेताओं ने वर्ष 2023 के संबंधित अधिनियम में संशोधन करने और चयन पैनल में प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत कैबिनेट मंत्री के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा व्यापक चुनाव सुधार लागू करने और आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाने और कथित तौर पर फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने के मामले में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जनता से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने की अपील की। नेताओं ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान व्यापक जनभागीदारी और जनआंदोलन के माध्यम से ही संभव है।