
महिला लिपिक ने बीएसए व बीईओ पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, जाँच के आदेश
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#हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी ने बीएसए सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भरावन में कार्यरत कनिष्ठ सहायक लिपिक श्रीमती प्रत्यूषा लहरी से खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी भरावन एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा एक संबद्ध कर्मचारी पर संगठित भ्रष्टाचार, जातिगत उत्पीड़न, अवैध धन उगाही और नियम विरुद्ध निलंबन का आरोप लगाया है। रिश्वत 2 अप्रैल 2026 को खंड शिक्षा अधिकारी भरावन कृष्ण कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रत्यूषा लहरी से मांग की गई जब रिश्वत देने से सहमत ना हुई तो दिनांक 18 अप्रैल 2026 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर निलंबन करा दिया गया।
लिपिक प्रत्यूषा ने दावा किया है कि अनुसूचित जाति की महिला कर्मचारी होने के कारण उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि विभागीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनका बार-बार स्थानांतरण किया गया और बाद में भरावन ब्लॉक में तैनात कर उन पर दबाव बनाया गया कि वे कथित वित्तीय अनियमितताओं में सहयोग करें। आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और सेवा जीवन प्रभावित करने की धमकियां दी गईं।
चिकित्सा अवकाश स्वीकृत करने के नाम पर 25 हजार #वसूली का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्वीकृत चिकित्सा अवकाश को बाद में मानव संपदा पोर्टल पर तकनीकी रूप से उलझाकर उसे विवादित बनाया गया। प्रत्यूषा का कहना है कि अवकाश को नियमित कराने और सेवा अभिलेख सुरक्षित रखने के नाम पर उनसे 25 हजार की अवैध धनराशि ली गई। आरोप यह भी है कि इसके बाद भी अतिरिक्त धन की मांग जारी रही, जिसका ऑडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित है।
#ऑडियो रिकॉर्डिंग में ‘हिस्सेदारी सिस्टम’ का दावा
सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायतकर्ता के पास मौजूद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर विभागीय फाइलों के निस्तारण के बदले विभिन्न स्तरों पर होने वाली “हिस्सेदारी” की चर्चा की जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस बातचीत में विभिन्न कर्मचारियों और अधिकारियों के हिस्से की बात स्वीकार की गई तथा खंड शिक्षा अधिकारी भरावन कृष्ण कुमार त्रिपाठी 80 हजार एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई सहित कुल 01.20 लाख की रिश्वत मांगी गई। शिकायत में कहा गया है कि रिश्वत देने से इंकार करने के बाद उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
निलंबन को बताया #प्रतिशोधात्मक कार्रवाई
प्रत्यूषा ने अपने निलंबन को भी दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षिका के पेंशन एवं ग्रेच्युटी प्रकरण को लंबित खंड शिक्षा अधिकारी भरावन कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने के द्वारा जो पत्रावली बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है उस पत्र में खुद स्वीकार किया है कि पेंशन एवं ग्रेच्युटी आवेदनकर्ता खुद अधोहस्ताक्षरी खंड शिक्षा अधिकारी भरावन कृष्ण कुमार त्रिपाठी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए जिस वजह से पत्रावली को लंबित किया गया बल्कि लंबित पत्रावली का आरोप कनिष्ठ लिपिक प्रत्यूषा लहरी पर लगाया गया, वह अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाता। शिकायत के अनुसार संबंधित पत्रावली फरवरी 2026 में ही वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को भेजी जा चुकी थी। साथ ही मृत शिक्षिका के पुत्र-पुत्री द्वारा दिए गए शपथ पत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कथित तौर पर शिकायतकर्ता पर किसी प्रकार की धन मांग या फाइल रोकने का आरोप नहीं लगाया गया है।
जांच समिति से की ये प्रमुख #मांगें
प्रत्यूषा ने संयुक्त जांच समिति से ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने, मानव संपदा पोर्टल के लॉग डेटा की जांच कराने, अनुचर की संबद्धता की जांच करने, निलंबन आदेश निरस्त कराने तथा आरोपित अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति करने की मांग की है। शिकायतकर्ता द्वारा संयुक्त जांच समिति को दिए गए प्रतिवाद पत्र में लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
#रिपोर्ट: H. Shyam Bajpai
Hardoi, Hardoi | Jun 22, 2026