
सड़क बनी नाला, जिम्मेदार बेखबर! बारिश में जान जोखिम में डालकर निकल रहे ग्रामीण . #हरदोई के नगरिया साधो गांव में जलभराव से बदहाल सड़क, ग्राम प्रधान और विकास विभाग पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा . #हरदोई। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के नगरिया साधो गांव की बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव की यह सड़क किसी नहर या नाले जैसी दिखाई देती है, जहां बारिश के बाद जलभराव के चलते आवागमन बेहद कठिन और जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लगातार अनदेखी के कारण सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। मामूली बारिश होते ही पूरी सड़क पानी से लबालब भर जाती है, जिससे पैदल चलने वाले, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशान होते हैं। #TheTelecast
Hardoi, Hardoi | Jul 11, 2026

दलित विधवा को जाति सूचक गाली देकर पीटा, खेत जोतने और घर खाली करने की धमकी, 112 बुलाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं #हरदोई। टडियावां थाना क्षेत्र के गांव बरुआर में एक दलित विधवा महिला और उसकी बेटी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि दबंगों ने पुराने लेन-देन को लेकर उनके खेत को जबरन जोतने और घर खाली कराने की धमकी दी। 112 नंबर पर पुलिस बुलाने के बाद भी थाने में कोई कार्रवाई नहीं की गई रेशमा पत्नी स्व0 सन्तराम ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति की गरीब विधवा महिला है। 3 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे वह और उसकी पुत्री अनूपा घर पर थीं। तभी गांव के ही अरविंद कुमार, मोनू, अनूप पुत्रगण अनिरुद्ध उनके घर आए। आरोपियों ने कहा कि रेशमा के लड़के बबलू ने उनसे कुछ रुपये लिए थे जो नहीं लौटाए। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। रेशमा और उसकी बेटी द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने जाति सूचक गालियां देते हुए कहा "साली चमारिया बहुत जुबान लड़ाती है" और दोनों मां-बेटी को लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हो गए तो आरोपी गालियां देते हुए भाग गए। पीड़िता की पुत्री अनूपा ने तुरंत 112 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाया। 112 पुलिस ने थाने आने को कहा। रेशमा थाना टडियावां गई और प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने न तो कोई कार्रवाई नही की है अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है #TheTelecast
Hardoi, Hardoi | Jul 11, 2026

बारिश ने खोली मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की पोल, मुख्य गेट और ओपीडी के सामने जलभराव . #हरदोई। जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज में हल्की बारिश के बाद ही मुख्य गेट और ओपीडी के सामने जलभराव की स्थिति बन गई है। अस्पताल परिसर में भरे पानी के कारण मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि मेडिकल कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर पानी भर जाने से एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश में ही जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ गई है। लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभाग से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। #TheTelecast
Hardoi, Hardoi | Jul 11, 2026

हरदोई में शंकराचार्य का दो-टूक ऐलान- जो रोकेगा गौ-हत्या, उसी को समर्थन . #हरदोई। ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने हरदोई के गांधी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्पष्ट संदेश दिया है कि गौ-रक्षा के मुद्दे पर अब कोई समझौता नहीं होगा। पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि "हम उसी राजनीतिक दल का समर्थन करेंगे, जो देश और प्रदेश में गौ-हत्या को पूरी तरह रोकने के लिए प्रतिबद्ध होगा।" गौ-रक्षा को लेकर संतों की हुंकार: अपनी 81 दिवसीय 'गविष्ठ गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के तहत हरदोई पहुंचे शंकराचार्य ने गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने की अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौ-हत्या का कलंक सनातन संस्कृति पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है, जिसे मिटाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद उसी को मिलेगा जो गौ-वंश की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाएगा और उसका पालन सुनिश्चित करेगा। . अखिलेश पाठक को सौंपी गौशाला निर्माण की कमान: कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने हरदोई में गौशाला निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले एक प्रतिनिधि की मांग की। इस आह्वान पर मंच पर मौजूद बिंदु चौहान, रामज्ञान गुप्ता सहित कई स्थानीय नेताओं ने अपना समर्थन व्यक्त करते हुए हाथ खड़े किए। हालांकि, उपस्थित जनसमूह के भारी समर्थन और सर्वसम्मति को देखते हुए शंकराचार्य ने अखिलेश पाठक को गौशाला निर्माण और आंदोलन को गति देने के लिए मुख्य प्रतिनिधि (अगुवा) घोषित किया। शंकराचार्य का संदेश: शंकराचार्य ने कहा कि गौशाला केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गौ-सेवा का केंद्र होनी चाहिए। उन्होंने अखिलेश पाठक को निर्देश दिया कि वे आम जनमानस को साथ लेकर इस पवित्र कार्य को धरातल पर उतारें। पूरे प्रदेश में जारी है यात्रा: गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जाकर जन जागरण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य गौ-हत्या मुक्त भारत का संकल्प पूरा करना है। हरदोई में उनके आगमन को लेकर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। #रिपोर्ट: अखिल सिंह चंदेल | द टेलीकास्ट न्यूज़ 1008.Guru
Hardoi, Hardoi | Jul 6, 2026

चकबंदी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर किसानों का कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन . मुख्यमंत्री को भेजे शिकायत पत्र में गंभीर आरोप, कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान . #हरदोई। तहसील सवायजपुर के परगना कटियारी स्थित ग्राम मुर्वा शाहबुद्दीनपुर के किसान चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाएगी, तब तक धरना जारी रहेगा। धरनारत किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र भी भेजा है, जिसमें चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसानों का कहना है कि गांव की अधिकांश भूमि गंगा और रामगंगा नदियों के बीच स्थित है तथा कटान प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद चक निर्धारण में इस स्थिति की अनदेखी की गई। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों से कथित लेन-देन कर मनमाने ढंग से भूमि आवंटित की गई, जबकि गरीब और असहाय किसानों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। किसानों का यह भी आरोप है कि सर्वे के दौरान बोरिंग, पेड़, कुएं सहित अन्य स्थायी परिसंपत्तियों का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया तथा कई किसानों की भूमि नाप में कम कर दी गई। किसानों के अनुसार मुख्य सड़क किनारे स्थित कुछ लोगों की आवासीय भूमि को चकबंदी से बाहर कर दिया गया, जबकि अन्य लोगों के साथ ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा कम मालियत वाली जमीन को अधिक मालियत दर्शाकर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने और कम जमीन वाले किसानों के बड़े-बड़े चक बनाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं कुछ किसानों को नदी कटान क्षेत्र में चक आवंटित किए जाने की शिकायत भी की गई है। धरनारत किसानों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित किसानों को न्याय दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। #TheTelecast
Hardoi, Hardoi | Jul 4, 2026