
पिपरा देवस पंचायत सिर्फ कलम पूरा किया गया है जिसमें 28 तारीख को पंचायत में अलाउंस करना था जो आम सभा है लेकिन ऐसा नहीं होता है
संवाददाता मुकेश कुमार
बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस पंचायत मैं सिर्फ कागज पर ही सालत जाता है यह आम सभा नहीं है चोर सभा है यह पिपरा मेंबरौनी (बेगूसराय): बरौनी प्रखंड अंतर्गत पिपरा देवस पंचायत के श्री राम पुस्तकालय में सोमवार को बुलाई गई आम सभा को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आम सभा की सूचना देने के लिए पंचायत में किसी भी तरह की माइकिंग (मुनादी) नहीं कराई गई, जिसके कारण आम जनमानस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
कागजों तक सीमित प्रशासनिक प्रक्रिया ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सरकारी योजनाओं और आम सभाओं का प्रचार-प्रसार केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गया है।
3 वर्षों से माइकिंग बंदः स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले 3 साल से अधिक समय से पंचायत में किसी भी सार्वजनिक सूचना या बैठक के लिए लाउडस्पीकर से कोई प्रचार नहीं किया गया है।
चुनिंदा लोगों तक सीमित बैठकः ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आम सभा केवल वार्ड सदस्यों और उनके कुछ चुनिंदा सहयोगियोंतक ही सीमित रहकर पूरी कर ला जाता ह।
सचिवों की ढुलमुल कार्यशैली: ग्रामीणों का कहना है कि पिपरा देवस पंचायत में अब तक जितने भी पंचायत सचिव पदस्थापित हुए हैं, सभी का रवैया एक जैसा ही रहा है और वे पारदर्शिता बरतने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग प्रशासनिक लापरवाही और पंचायत स्तर पर हो रही इस खानापूर्ति से स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक आम जनता को बैठकों और सरकारी निर्णयों की जानकारी समय पर नहीं दी जाएगी, तब तक पंचायत का वास्तविक विकास संभव नहीं है।
ग्रामीणों की मांगः इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप कर दोषी पंचायत सचिव एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में आम सभा की पारदर्शिता बनी रहे और हर ग्रामीण को अपना पक्ष रखने का मौका मिले।