
दलहन-तिलहन की वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
जहानाबाद : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से गुरुवार को प्रखंड कृषि कार्यालय, जहानाबाद सदर में दलहनी एवं तिलहनी फसलों की वैज्ञानिक खेती विषय पर किसान गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन उप निदेशक कृषि अभियंत्रण अजय कुमार, उप परियोजना निदेशक आत्मा राकेश कुमार एवं सहायक निदेशक प्रक्षेत्र ब्रजेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अरहर, चना, मसूर, खेसारी, उड़द, मूंग के साथ राई, सरसों और सूरजमुखी की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी। किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत कृषि तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि धान-गेहूं आधारित पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण अपनाने से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। दलहन और तिलहन फसलों में अपेक्षाकृत कम पानी व लागत की जरूरत होती है। दलहनी फसलें मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक होती हैं।
गोष्ठी में बीजोपचार को बेहतर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। किसानों को बुवाई से पहले उचित तरीके से बीजोपचार करने की सलाह दी गई, जिससे फसलों में कीट एवं रोगों के प्रकोप को कम करने में मदद मिल सकती है।
कृषि पदाधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र किसानों से इनका लाभ उठाने की अपील की। आत्मा की ओर से जिले के सभी प्रखंडों में तिथिवार किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जा सके। गोष्ठी में प्रखंड कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार, निकिता कौशल, पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक लाल बहादुर प्रसाद समेत कृषि कर्मी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।