
कोसली बस स्टैंड का नाम न बदलने को लेकर कोसली विकास मंच ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
कोसली के ग्रामीणों ने भाकली की मांग को बताया आधारहीन
*कोसली /- ओमप्रकाश डाबला*
कोसली बस स्टैंड के नए भवन का नाम यथावत कोसली के नाम पर ही बनाए रखने की मांग को लेकर *कोसली विकास मंच के बैनर तले कोसली के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को *मार्फत उपमंडल अधिकारी (ना.) कोसली* के माध्यम से मंगलवार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि आज से 44 साल पहले निर्मित कोसली बस स्टैंड की जर्जर इमारत को सरकार से कंडम घोषित करा कर नया भवन बनाने के लिए 11 करोड़ 57 लाख की राशि मन्जूर की है।अनिल यादव , विधायक कोसली ने *16.10.2026 को शिलान्यास* किया था। लेकिन *21.10.2026 को गांव भाकली के कुछ लोगों द्वारा*कोसली एसडीएम को ज्ञापन देकर यह यह मांग रखी कि जमीन उनके गांव की हदबस्त में है, इसलिए बस स्टैंड का नाम बदलकर *बस स्टैंड भाकली* किया जाए।
*कोसली विकास मंच ने इस मांग को अनुचित, आधारहीन बताते हुए ठोस तर्क दिए हैं:-*
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि कोसली उपमंडल हरियाणा की एक प्रशासनिक इकाई है जिसमें 54 गांव आते हैं। यहां के सभी सरकारी भवन - जैसे लघु सचिवालय, तहसील कार्यालय, कोर्ट परिसर, PWD, पब्लिक हेल्थ, बिजली विभाग, अनाज मंडी, किसान भवन, HSVP सेक्टर - सभी या तो पंचायती भूमि पर या सरकार द्वारा मुआवजा देकर अधिग्रहण की गई जमीन पर *कोसली के नाम से ही* स्थापित किए गए हैं।
1982 में कोसली बस स्टैंड* का निर्माण क्षेत्र के लोगों को कोसली मंडी तक परिवहन सुविधा देने के लिए किया गया था।
सबसे बड़ा तथ्य यह है कि *2014 में कोसली और भाकली पंचायतों के बीच नामकरण को लेकर कोसली व भाकली गांव के बीच गम्भीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी जिसमे कोसली के एक व्यक्ति की जान चली गई थी जिस कारण भाकली के काफी लोग जेल भी गए थे। तब कोसली व भाकली गांव के मौजिज लोगो के साथ एक लिखित समझौता* हुआ था, जिसमें भाकली पंचायत ने लिखकर वचन दिया था कि भविष्य में कोसली बस स्टैंड सहित कोसली स्टेशन के आस-पास स्थित किसी भी भवन का नाम बदलने की अनुचित मांग फिर कभी नहीं दोहराई जाएगी।
अब मंच ने मांग की है कि भाकली गांव की इस अनुचित मांग पर सरकार कोई अनुचित फैसला न ले।
Ambala, Ambala | Oct 29, 2026