
फर्जी फाइनेंस एजेंट बन हाईवे पर कर रहे थे अवैध वसूली, तीन गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ / भीलवाड़ा
(नवीन/ महेन्द्र नागोरी) सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने फर्जी फाइनेंस रिकवरी एजेंट बनकर हाईवे पर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से प्रयुक्त कार जब्त की है। कार्रवाई चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोजुन्दा पुलिया के पास की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि फर्जी फाइनेंस एवं रिकवरी एजेंटों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएसपी मुकुल कुमार शर्मा एवं डीएसपी बृजेश सिंह के सुपरविजन में सदर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके पर एक बोलेनो कार में सवार तीन व्यक्तियों को वाहनों को रोककर खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताते हुए किश्तों के नाम पर अवैध वसूली करते पकड़ा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी किसी भी फाइनेंस कंपनी के अधिकृत एजेंट होने अथवा वाहन रिकवरी से संबंधित वैध लाइसेंस और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने मदनलाल गुर्जर (30), शैतान सिंह राजपूत (31) एवं राजू गुर्जर (31) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अवैध वसूली में प्रयुक्त बोलेनो कार को भी जब्त कर लिया गया।
भीलवाड़ा में भी सक्रिय हैं फर्जी रिकवरी एजेंट?
चित्तौड़गढ़ में हुई इस कार्रवाई के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या भीलवाड़ा जिले में भी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में फर्जी एजेंट सक्रिय हैं? पिछले कुछ समय से वाहन चालकों और ऋणधारकों को कथित रिकवरी एजेंटों द्वारा धमकाने, वाहन जब्त करने और दबाव बनाकर वसूली करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के लिए यह जांच का विषय है कि कहीं फर्जी रिकवरी का यह नेटवर्क आसपास के जिलों में भी तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताकर वसूली या वाहन जब्ती की कार्रवाई करता है तो पहले उसके दस्तावेजों और पहचान की जांच करें तथा संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।