
ऑपरेशन सिंदूर' के अमर शहीदों को कृतज्ञ राष्ट्र का नमन
मातृभूमि की रक्षा में थल और वायु सेना के 6 वीर जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
देश की सीमाओं और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सशस्त्र बलों के छह वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए इन रणबांकुरों में भारतीय थल सेना और वायु सेना के अदम्य साहसी जवान शामिल हैं। देश अपने इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई और जून महीने के दौरान इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में अलग-अलग रेजिमेंट और विंग के जवानों ने अद्वितीय शौर्य का प्रदर्शन किया। इनमें वीर चक्र (VrC) और वायु सेना पदक (VM) से सम्मानित जांबाज भी शामिल हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' के इन वीर जवानों ने दी शहादत:
लांस नायक दिनेश कुमार: 5 फील्ड रेजिमेंट के इस जांबाज सिपाही ने 7 मई को देश के लिए अपना बलिदान दिया।
एविएटर मूड मुरलीनायक: 851 लाइट रेजिमेंट में तैनात इस वीर ने 9 मई को वीरगति प्राप्त की।
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार: भारतीय वायु सेना के 39 विंग के इस अदम्य साहसी जवान ने 10 मई को शहादत दी। उन्हें अदम्य साहस के लिए 'वायु सेना पदक (VM)' से भी अलंकृत किया गया था।
सूबेदार मेजर पवन कुमार: मुख्यालय, 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार 10 मई को मातृभूमि पर कुर्बान हुए।
राइफलमैन सुनील कुमार: 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के इस जवान ने भी 10 मई को शहादत दी। उनके अद्वितीय पराक्रम के लिए उन्हें 'वीर चक्र (VrC)' से सम्मानित किया गया था।
हवलदार सुनील कुमार सिंह: 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह ने 6 जून को देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
पूरा देश और 'द बीकानेर न्यूज़' परिवार इन वीर सपूतों के अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को शत-शत नमन करता है। शोक की इस घड़ी में पूरा राष्ट्र इन शहीदों के परिजनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।
जय हिंद! जय भारत!