
ईरान ने अमेरिका को नए सिरे से युद्ध शुरू नहीं करने के लिए चेताया है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल की ओर से फिर उसकी जमीन पर सैन्य हमले होते हैं तो वह अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ा देगा। वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर अटैक करेगा। साथ ही खाड़ी देशों के आर्थिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने साफ किया है कि लड़ाई छिड़ी तो क्षेत्र के खाड़ी देश इससे सीधेतौर पर प्रभावित होंगे। अमेरिका-इजरायल की ओर से फिर से ईरान पर नए हमलों का संकेत मिलने के बाद तेहरान से ये बयान आया है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजई ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल की ओर से कोई नया हमला होता है तो ईरान खाड़ी के देशों में तेल सुविधाओं, समुद्र के नीचे बिछी केबलों, डेटा सेंटरों और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सुविधाओं पर हमला करेगा। इससे युद्ध का दायरा बहुत बढ़ जाएगा।
'नया हमला मतलब अस्तित्व पर खतरा'
मेहदी मोहम्मदी की ओर से कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू हमले के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत थे लेकिन वे इसके सफल परिणाम की गारंटी नहीं दे सके। हम अगले संघर्ष को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं। दो साल में तीसरे युद्ध का मतलब है- अस्तित्व पर खतरा। इसमें हमारी रणनीति जीरो रेड लाइन्स (कोई सीमा तय ना रखने) की है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा है कि ईरान संघर्ष जैसी कोई चीज नहीं है। यह अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ छेड़ा गया एक गैरकानूनी आक्रामक युद्ध है। शांति कभी भी हमलावरों को खुश करके, आक्रमण को वैध ठहराकर, पीड़ित पक्ष को दोषी ठहराकर या बुनियादी सिद्धांतों की बलि देकर कायम नहीं की जा सकती है।
ईरान को रोकना जरूरी: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान पर आगे भी सैन्य हमले संभव है। ट्रंप ने कहा है कि एक तरह से लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि मैं वही कर रहा हूं जो पहले के राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था। दूसरी तरफ कुछ लोग शायद इसे पसंद नहीं भी करें। इसके लिए एक राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है लेकिन हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते हैं। #Iran #Israel #USA #War #MiddleEast #Oil #Conflict
Chapra, Saran | Oct 23, 2026