
• राजस्व कार्यों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, नागरिक न हों परेशान - कलेक्टर
• दुर्घटना एवं आपदा राहत के प्रकरणों में करें त्वरित कार्रवाई - कलेक्टर
• आरसीएमएस प्रकरणों के निराकरण में संभाग में सीहोर जिला प्रथम
• कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित
कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित राजस्व कार्यों, लंबित प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन, भू-अर्जन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए तथा आमजन को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रगति के साथ-साथ लंबित प्रकरणों की स्थिति की भी तहसीलवार समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमांकन, नामांतरण और बंटवारा जैसे प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। नागरिकों को अपनी जमीन से संबंधित कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत लगातार बढ़ाने तथा पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली का सीधा संबंध आम नागरिकों और किसानों से है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शासन की सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराएं। कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री सहित किसान हित से जुड़े कार्यों में भी प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रकरणों के निराकरण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने दें।
उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना, आपदा एवं राहत से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों को नियमानुसार जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए। शासकीय विभागों को भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों में भी शीघ्र कार्रवाई कर संबंधित विभागों को समय पर भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वन व्यवस्थापन, वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन, भू-अर्जन, राजस्व वसूली, फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व संबंधी बिंदुओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 19 अगस्त 2026 की स्थिति में जिले में समस्त राजस्व प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत 81.82 प्रतिशत रहा है। वहीं नामांतरण प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत 77.40 प्रतिशत और बंटवारा प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत 73.98 प्रतिशत रहा। भूमि सीमांकन के प्रकरणों में जिले ने 99.68 प्रतिशत निराकरण दर हासिल की है। प्रदेश स्तर पर भी सीहोर जिले की राजस्व प्रकरणों के निराकरण में बेहतर स्थिति रही है। 19 अगस्त 2026 की स्थिति में जिले की समस्त आरसीएमएस प्रकरणों के निराकरण की दर 81.82 प्रतिशत रही और प्रदेश की रैंकिंग में सीहोर छठे स्थान पर रहा। संभाग स्तर पर सीहोर प्रथम स्थान पर रहा। बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती किरण बरबड़े, श्री प्रेमसिंह गोंड़, श्री गिरिराज परिहार सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। सभी तहसील एवं जनपद स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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