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PRO JS SEHORE

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भावांतर योजना में सोयाबीन किसानों की पंजीयन अवधि 24 अक्टूबर तक बढ़ाई

                          राज्य शासन ने किसानों के व्यापक हित में ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन के पंजीयन की अवधि 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। भारत सरकार की भावांतर योजना में खरीफ 2026 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक निर्धारित थी। इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं। उन्हें पंजीकृत कृषकों का सत्यापन भी इस अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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विकसित शहर, बेहतर सुविधाएं और समृद्ध भविष्य। मध्यप्रदेश Urban Growth Conclave 2.0 शहरी विकास की नई संभावनाओं का मंच बनेगा।

Dr Mohan Yadav 
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मध्यप्रदेश के शहरों के विकास को मिलेगी नई दिशा। Urban Growth Conclave 2.0 में निवेश, नवाचार और आधुनिक शहरी सुविधाओं पर होगा मंथन।

Dr Mohan Yadav  
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मध्यप्रदेश में मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और निवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Dr Mohan Yadav  
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वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला अस्पताल में विशेष चेस्ट क्लिनिक आयोजित

      वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए जिला अस्पताल सीहोर में विशेष चेस्ट क्लिनिक शुरू किया गया है। यहां नागरिकों को सांस संबंधी समस्याओं की जांच, उपचार और परामर्श की सुविधा मिलेगी। क्लिनिक का संचालन 15 अक्टूबर से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा।

      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) के अंतर्गत यह पहल की गई है। क्लिनिक में सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, चक्कर आना, आंखों में जलन और छाती से जुड़ी समस्याओं की जांच की जाएगी। मरीजों को उचित निदान, उपचार और नियमित फॉलो-अप की सुविधा भी मिलेगी।

      क्लिनिक में विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों का अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा। साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्‍यूआई) खराब होने पर बरती जाने वाली सावधानियों, मास्क के सही उपयोग और धूम्रपान छोड़ने के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों का फॉलो-अप भी किया जाएगा।

      डॉ. डेहरिया ने नागरिकों से अपील की है कि वायु प्रदूषण या धुएं के कारण सांस, फेफड़े अथवा हृदय से संबंधित परेशानी होने पर जिला अस्पताल के चेस्ट क्लिनिक में पहुंचकर जांच कराएं और स्वास्थ्य लाभ लें।

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आष्टा के पाडलिया गांव के कृषक देवकरण ठाकुर ने अमरूद की खेती से बदली अपनी किस्मत, पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी में कमाई बंपर शुद्ध आय 

                   मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पाडलिया के प्रगतिशील कृषक श्री देवकरण ठाकुर ने सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर खेती में एक नई मिसाल पेश की है। उद्यानिकी विभाग की एमआईडीएच योजना के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार (अमरूद) घटक के तहत उन्हें वर्ष 2023-24 में लाभान्वित किया गया था। उन्हें शासन की ओर से 1.50 हेक्टेयर रकबें में अमरूद की खेती करने के लिए 60,000 रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई, जिसने उन किसानी की दिशा ही बदल दी।

            पारंपरिक फसलों के मुकाबले बागवानी को अपनाने के बाद श्री देवकरण ठाकुर की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। योजना से लाभान्वित होने से पहले वे अपने खेतों में पारंपरिक रूप से गेहूं की फसल उगाते थे, जिससे उन्हें 80 क्विंटल उपज मिलती थी और 70,000 रुपये की लागत के बाद 1,30,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होती थी। वहीं, एमआईडीएच योजना के सहयोग से अमरूद (स्-49 प्रजाति) की बागवानी अपनाने के बाद वर्ष 2026-27 में उन्हें बंपर 220 क्विंटल की कुल उपज प्राप्त हुई है।

            इस आधुनिक और लाभकारी बागवानी में उनकी कुल लागत 1,25,000 रुपये आई, जिसके एवज में उन्हें 5,50,000 रुपये की कुल आय हुई और तमाम खर्च निकालकर उन्हें सीधे तौर पर 4,25,000 रुपये की शानदार शुद्ध आय प्राप्त हुई है। पारंपरिक गेहूं की खेती के मुकाबले अमरूद के बाग ने उनकी शुद्ध आय में लगभग तीन गुना से अधिक की वृद्धि कर दी है। कृषक देवकरण ठाकुर की यह सफलता अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणा स्त्रोत है, जो यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं के सहयोग और नवाचार से किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

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• कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कृषि, सहकारिता, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की

• रबी सीजन में किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और बीज उपलब्ध कराएं, कालाबाजारी पर रखें नजर

• योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने, फील्ड निरीक्षण बढ़ाने और लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति के दिए निर्देश

                   कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कृषि, सहकारिता, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने तथा खेती को लाभकारी बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक के अधिकारी किसानों के निरंतर संपर्क में रहें और उनकी समस्याओं का समय पर निराकरण करें। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए।

रबी सीजन में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण पर विशेष ध्यान दें

 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने रबी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए जिले में उर्वरक की उपलब्धता, वितरण एवं आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को आवश्यकता के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा उर्वरक की कालाबाजारी, अनियमित वितरण और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए मैदानी अमला नियमित रूप से उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करे और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

 समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर उपलब्ध जानकारी की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि विभाग के उप संचालक से फील्ड की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति, किसानों की आवश्यकताओं, उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता और योजनाओं की प्रगति की अद्यतन जानकारी होना चाहिए। अधिकारी केवल कार्यालयीन रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि नियमित रूप से खेतों, कृषि केंद्रों और गांवों का भ्रमण कर वस्तुस्थिति का आकलन करें।

गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और गुणवत्ता नियंत्रण के निर्देश

 कलेक्टर ने बीज वितरण, बीज उत्पादन, अनुदान वितरण तथा फसल प्रदर्शन से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे बीज से फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होता है, इसलिए बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उसके वितरण की प्रभावी निगरानी की जाए। बीज एवं अन्य कृषि आदानों के गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने, खरीफ फसलों से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा तथा फसल प्रदर्शन की जानकारी व्यवस्थित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि फसल प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, बेहतर बीजों और उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी जाए। किसानों को उपलब्ध कराए गए बीज, अनुदान और बीज उत्पादन कार्यक्रमों की प्रगति का नियमित आकलन किया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंच सके।

कृषि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाएं

 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मृदा परीक्षण तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन के अंतर्गत संचालित आत्मा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ पात्र एवं जरूरतमंद किसानों तक पहुंचना चाहिए। सभी विभागीय अधिकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जिन गतिविधियों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उनमें तेजी लाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण, किसान संगोष्ठी, जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शन गतिविधियां आयोजित की जाएं। इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक किसानों को आमंत्रित कर उन्हें योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध सहायता तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाए। योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं, जिससे किसानों को समय पर जानकारी मिल सके और वे उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर

 कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के उद्देश्यों, प्राकृतिक खेती की पद्धतियों और इसके संभावित लाभों से अवगत कराया जाए। किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचारों को प्रोत्साहित करना और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उद्यानिकी फसलों और अश्वगंधा की खेती को दें प्रोत्साहन

 कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए क्लस्टर आधारित विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यानिकी क्लस्टरों में किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसानों को फल, सब्जी तथा अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को उनकी भूमि, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाए, जिससे खेती की लागत को नियंत्रित करने और आय बढ़ाने में सहायता मिल सके। उन्होंने अश्वगंधा की खेती से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ लाभकारी वैकल्पिक फसलों के बारे में भी जानकारी दी जाए। इसके लिए खेती की तकनीक, उत्पादन की संभावनाओं और बाजार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभागीय अधिकारी परंपरागत गतिविधियों के साथ नए प्रयोगों और नवाचारों को भी बढ़ावा दें। किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें।

पशुपालन योजनाओं के लक्ष्य पूरे करें, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की निगरानी बढ़ाएं

 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पशुपालन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-संवर्धन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय अधिकारी सक्रियता से कार्य करें। पशुपालन को किसानों की आय का अतिरिक्त एवं स्थायी स्रोत बनाने के लिए हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चलित पशु चिकित्सा इकाइयों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन वाहनों की क्षेत्रवार आवाजाही, निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम और किसानों एवं पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की निगरानी की जाए।

किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल बनाएं

 कलेक्टर ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए फसल ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए। नवीन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऑनलाइन स्वीकृति की व्यवस्था में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और योजनाओं की प्रभावी निगरानी के निर्देश

 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने मत्स्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कोलार जलाशय से संबंधित कार्यों, भूमि आवंटन, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, स्मार्ट फिश, मत्स्य बीज उत्पादन तथा मत्स्य उत्पादन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

 कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित मैदानी भ्रमण करें, किसानों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद बनाए रखें और योजनाओं की प्रगति का निरंतर आकलन करें। उन्होंने कहा कि कृषि, सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान करें। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र हितग्राही तक पहुंचाना, कृषि उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीइओ श्रीम‍ती सर्जना यादव, डीडीए श्री एके उपाध्‍याय, उपसंचालक पशुपालन डॉ आर.पी.गौतम, सहायक आयुक्‍त सहकारिता श्री सुधीर केथवास, सहायक संचालक मत्स्‍य श्री प्रशांत हर्ष तथा सहायक संचालक उद्यानिकी श्री जगदीश मुजालदा उपस्थित रहे।

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Urban Growth Conclave 2.0 में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ शहरी विकास की संभावनाओं पर मंथन होगा। विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर।

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• कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर लगायें सख्ती से अंकुश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

• कोई भी दुर्घटना हुई तो कलेक्टर - एसपी होंगे जिम्मेदार

• त्यौहारों में नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिष्ठान बिकने नहीं पाएं

• मुख्यमंत्री ने आगामी त्यौहारों और सामाजिक मेलों के दौरान कानून व्यवस्था की बेहतर तैयारी रखने के दिए निर्देश

• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी-आईजी के साथ की समीक्षा बैठक

                  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी तीज-त्यौहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान सभी कलेक्टर्स-एसपी विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि त्यौहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग नहीं हों, क्योंकि लोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प मानवों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगायें। कहीं भी और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होने पाये। किसी जिले में यदि किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति निर्मित होगी, तो इसके लिए कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार माने जायेंगे। उन्होंने कहा कि तीज-त्यौहारों के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर रखने की सभी तैयारियां अभी से कर लें। सुरक्षा और आकस्मिक प्रबंधन से जुड़े विषयों पर आपसी सामंजस्य से काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स और एसपी-आईजी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की सभी फ्लैगशिप स्कीम्स एवं विकास कार्यक्रमों के फील्ड में क्रियान्वयन का फीडबैक लिया तथा आगामी माहों में सभी तीज-त्यौहारों में कानून-व्यवस्था की बेहतर से बेहतर तैयारी रखने के निर्देश भी दिए। कलेक्‍टर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कलेक्‍टर श्री बालागुरू के, एसपी श्रीमती सोनाक्षी सक्‍सेना तथा जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, अपर कलेक्‍टर श्री ब्रजेश सक्‍सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्यौहारों और सामाजिक मेलों के आयोजन के संदर्भ में कलेक्टर-एसपी को विशेष रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ायें। कहीं भी किसी भी प्रकार की सामाजिक/साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए, सभी आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं सुरक्षा कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखें। इन स्थानों पर नियमित एवं प्रभावी पेट्रोलिंग की जाए। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटाखों की दुकानों को लायसेंस जारी करते समय सभी जरूरी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। विक्रेताओं की दुकानों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण भी किया जाए। किसी भी स्थान पर विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण न होने दें। अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय, भंडारण एवं उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगाई जाए।

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्बाइड गन एवं कार्बाइड लैंप के उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं एवं संभावित जनहानि के मद्देनजर इनके उपयोग पर सख्ती से रोक लगायें। दीपावली के दौरान संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहनों, अग्निशमन उपकरणों एवं प्रशिक्षित स्टॉफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निकटवर्ती अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों को पूर्व से अलर्ट रखा जाए तथा चिकित्सकों की ड्यूटी तय कर दी जाए। शहर और कस्बों के प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में आगामी पर्वों के दृष्टिगत सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें। सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करें, ताकि त्यौहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं बगैर दुर्घटना के सम्पन्न हो सके।

कार्बाइड गन के बारे में

     कार्बाइड गन के उपयोग की प्रक्रिया में पानी के संपर्क में आने पर कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसीटिलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है, जो थोड़ी सी चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है। इस विस्फोट में छोटे-छोटे प्लास्टिक और धातु के कण बाहर निकलकर आँखें, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। एसीटिलीन गैस के जलने से त्वचा पर झुलसने या आग लगने का खतरा रहता है। एसिटिलीन गैस आंखों एवं त्वचा के लिए बेहद हानिकारक होती है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 में एक एडवाइजरी भी जारी की गई है।

पटाखों के भंडारण एवं क्रय-विक्रय पर रखें निगरानी

     बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जिलों में पटाखों के भंडारण और क्रय-विक्रय पर कड़ी निगरानी रखें, ताकि छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो और जान-माल सुरक्षा से भी किसी भी प्रकार का समझौता न हो। त्यौहारों के दौरान अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिये सभी आवश्यक प्रबंध किये जाये।

मिलावटखोरी को सख्ती से रोकें

     बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी सभी तीज-त्यौहारों के दौरान खाद्य सामग्रियों में मिलावटखोरी को सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयां न बिकने पाये। विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक मिलावटखोरी पाए जाने पर 17 लायसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 42 प्रकरणों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन अभियान चला कर अधिक से अधिक निरीक्षण करें। मिलावट की शंका होने पर खाद्य पदार्थों के नमूनें लेने एवं आवश्यक हो तो खाद्य पदार्थों को जब्त करने की कार्रवाई करें। जिलों में विशेष दल बनाए जाकर खाद्य पदार्थों की मिलावट की रोकथाम संबंधी कार्यवाही निरंतर करते रहें। मिलावट की शंका होने पर खाद्य पदार्थों के सीमित नमूने लें एवं आवश्यक हो तभी खाद्य पदार्थों को जब्त करने की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जब्त करने की कार्रवाई में किसी को भी अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ स्थानों में खाद्य पदार्थ निर्माण एवं विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम अनुसार कार्रवाई की जाए।

     बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वीसी में जिलों के कलेक्टर्स एवं एसपी ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी दी।

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भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के तहत मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

                      जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित सीहोर द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के तहत 10 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की स्वरोजगार परियोजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

                योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह आयकरदाता नहीं होना चाहिए। योजना के अंतर्गत बैंक द्वारा वितरित एवं बकाया ऋण (टर्म लोन एवं वर्किंग कैपिटल लोन) पर 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान अधिकतम 5 वर्ष तक,  मोरेटोरियम अवधि सहित,  नियमित रूप से निर्धारित समय और राशि के अनुसार ऋण भुगतान करने की शर्त पर मिलेगा और गारंटी फीस भी देय होगी।

                योजना के लिए इच्छुक आवेदक समस्त मध्यप्रदेश पोर्टल www.samast.mp.gov.in⁠ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित,  कलेक्ट्रेट कार्यालय सीहोर के कक्ष क्रमांक 121 एवं 122 में कार्यालयीन समय के दौरान संपर्क किया जा सकता है।

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Urban Growth Conclave 2.0 में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ शहरी विकास की संभावनाओं पर मंथन होगा। विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर।
  
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जिले में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सत्रों का आयोजन

                    जिले में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अंतर्गत यू-विन पोर्टल पर 32 सत्रों की योजना बनाई गई थी, जिनमें से 32 सत्र आयोजित किए गए। आयोजित सत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों के टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई।

      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया के निर्देशन में  ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित सत्र में 0 से 1 वर्ष तक के 205 बच्चे, 1 वर्ष से अधिक आयु के 65 बच्चों का टीकाकरण किया गया। साथ ही 19 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच की गई। डॉ. डहरिया ने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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• कहानी बदलाव की

• राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से केशव को मिली नई मुस्कान, निःशुल्क ऑपरेशन से संवरा भविष्य

                  जन्म के साथ ही मासूम केशव के होंठ और तालू में जन्मजात विकृति थी। महज चार माह की उम्र में इस समस्या से जूझ रहे खजूरी (टिटोरा) गांव निवासी केशव के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उम्मीद की नई किरण बनकरआया। सीहोर की आरबीएसके अर्बन टीम ने समय पर समस्या की पहचान कर उसके उपचार की पहल की। टीम के प्रयासों से केशव का पूरी तरह निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया।

            अब केशव स्वस्थ है और उसके बेहतर भविष्य की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं। एक छोटे बच्चे के लिए जन्मजात विकृति न केवल स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौती होती है, बल्कि परिवार के लिए भी चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे में समय पर उपचार मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया। आरबीएसके टीम ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पहल करते हुए केशव को उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निःशुल्क ऑपरेशन से परिवार को आर्थिक बोझ से राहत मिली और बच्चे के स्वस्थ जीवन की राह आसान हुई। उपचार की प्रक्रिया में आरबीएसके अर्बन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के समन्वित प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि जन्मजात समस्या से जूझ रहे मासूम को समय पर उचित उपचार मिल सके।

            राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना है। केशव की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर पहचान, संवेदनशील पहल और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता किसी बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। केशव का स्वस्थ होना उसके परिवार के लिए खुशियों की नई शुरुआत है और ऐसे बच्चों के लिए उम्मीद का संदेश भी, जिन्हें उचित उपचार से स्वस्थ जीवन की राह मिल सकती है।

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शहरी विकास का नया विजन, मध्यप्रदेश का उज्ज्वल भविष्य। Urban Growth Conclave 2.0 विकास की नई संभावनाओं का मंच बनेगा।

Dr Mohan Yadav 
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आष्टा में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, फल और पनीर के नमूने लिए

                          आम नागरिकों को शुद्ध एवं मिलावट रहित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री बालागुरू के. के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में लगातार निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बंसल ने आष्टा क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर फल एवं पनीर के नमूने लिए।

      कार्रवाई के दौरान पुराना बस स्टैंड स्थित एसएस एंड संस फ्रूट्स सप्लायर से केले, जुम्मापुरा स्थित एसएन फ्रूट मर्चेंट से केले तथा पुराना बस स्टैंड स्थित एमएम फ्रूट मर्चेंट से पपीता एवं सेब के नमूने लिए गए। इसके अलावा कन्नौद रोड स्थित भगवती पैलेस से पनीर का नमूना जांच के लिए एकत्रित किया गया।

      सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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भावांतर योजना में सोयाबीन किसानों की पंजीयन अवधि 24 अक्टूबर तक बढ़ाई

                          राज्य शासन ने किसानों के व्यापक हित में ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन के पंजीयन की अवधि 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। भारत सरकार की भावांतर योजना में खरीफ 2026 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक निर्धारित थी। इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं। उन्हें पंजीकृत कृषकों का सत्यापन भी इस अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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• पुलिस स्मृति दिवस परेड का गरिमामय आयोजन

• कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

• पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने किया शहीदों के नामों का वाचन

• प्रधान जिला न्यायाधीश, कलेक्टर, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, एएसपी सहित अनेक अधिकारियों ने पुष्पांजलि अपर्ति की।

                 पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल, कलेक्टर श्री बालागुरू के. द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री महेश वर्मा, जिला रजिस्ट्रार श्री अरविंद सिंह, एएसपी डॉ.  प्रशांत चौबे सहित अनेक अधिकारियों ने पुष्पांजलि अपर्ति की।

            समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक सीहोर, श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 67 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र हॉट स्प्रिंग में 16,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात सी.आर.पी.एफ.  की एक गश्ती टुकड़ी पर चीनी सेना ने घात लगाकर हमला किया था। सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे जवानों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए चीनी सेना का डटकर मुकाबला किया और अंतिम सांस तक अपनी पोस्ट नहीं छोड़ी। मातृभूमि की रक्षा में सी.आर.पी.एफ. के 10 शूरवीर जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देश भर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

            पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने विगत एक वर्ष (1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक) की अवधि में संपूर्ण भारतवर्ष में कर्तव्य की वेदी पर शहीद हुए राज्य पुलिस बल, केंद्रीय पुलिस बल एवं अन्य पुलिस संगठनों के 154 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का वाचन कर उन्हें नमन किया । इन अमर बलिदानियों में मध्यप्रदेश पुलिस के 09 वीर जवान भी शामिल हैं ।

            स्मृति दिवस परेड की कमान सूबेदार श्री अजय भिरे एवं पीसी गणेश सिंह डामोर द्वारा संभाली गई। परेड में शामिल प्लाटूनों द्वारा शोक शस्त्र की कार्यवाही करते हुए अमर शहीदों को सलामी दी गई तथा उपस्थित सभी जनों ने मौन रखकर वीरगति प्राप्त जवानों को स्मरण किया। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्रीमती नीलमणि लड़िया, एसडीओपी श्री प्रेम नारायण गोयल, डीएसपी श्री प्रवीण चढ़ोकर, रक्षित निरीक्षक श्री उपेंद्र यादव सहित अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

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• स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के पंजीयन में तेजी लाएं, लक्ष्य के अनुरूप करें कार्य - कलेक्टर श्री बालागुरू के.

• कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर पंजीयन कार्य की प्रगति का लिया जायजा, अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

                       कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वामित्व अधिकार योजना के अंतर्गत स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए पटवारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम पचामा, ग्राम सारंगाखेड़ी, ग्राम तकीपुर सहित अन्य गांवों का भ्रमण कर पंजीयन कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

                कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि स्वामित्व अधिकार योजना शासन की प्राथमिकता वाली महत्वपूर्ण योजना है। योजना के अंतर्गत स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण होने से संबंधित स्वामित्वधारियों के विभिन्न उपयोगों के लिए  लाभ मिलेगा। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन सुनिश्चित करें। पंजीयन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

                उन्होंने निर्देश दिए कि पंजीयन कार्य के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या या तकनीकी कठिनाई सामने आती है, तो उसका तत्काल निराकरण किया जाए। यदि समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो, तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए, ताकि पंजीयन का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तेजी से पंजीयन का कार्य किया जाना सुनिश्चित करें।

                कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के पंजीयन कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। वे अपने क्षेत्र में पंजीयन की प्रगति की निरंतर समीक्षा करें तथा जिन ग्रामों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष ध्यान देकर कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मैदानी अमले को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराते हुए पंजीयन कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।

                कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वामित्व अधिकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित करने और स्वामित्वधारियों को उनके अधिकारों का लाभ उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए पंजीयन की प्रगति सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री तन्मय वर्मा भी उपस्थित थे।

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🚩 दशहरे पर शस्त्र पूजन, वीरता और परंपरा का सम्मान! 🙏🇮🇳

विजयादशमी के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड, सीहोर में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा जी ने शस्त्रों एवं वाहनों का पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा,  कलेक्टर श्री बालागुरू के., एसपी श्रीमति सोनाक्षी सक्सेना,  एएसपी श्री प्रशांत चौबे, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्री सन्नी गौरव महाजन  सहित अनेक जनप्रतिनिधी एवं अधिकारी कर्मचारी तथा नागरिक उपस्थित रहे। सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी शस्त्र एवं वाहनों का पूजन किया।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। शस्त्र पूजन हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति, वीरता और आत्मरक्षा की परंपरा का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने तथा समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है।

✨ आप सभी को विजयादशमी एवं दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! 🚩

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• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशिया पेरा गेम्स के पदक विजेताओं को दी बधाई

• मुख्यमंत्री ने जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर श्री कपिल परमार को बधाई दी है

               मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एशियन पैरा गेम्स-2026 में पहले ही प्रयास में, पुरूषों की लॉन्ग जम्प टी 47 स्पर्धा में 7.11 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीतने पर श्री निशाद कुमार को हार्दिक बधाई दी है। इसी क्रम में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने पर सुश्री मोना अग्रवाल और सिल्वर मैडल जीतने पर सुश्री अवनि लखेरा को बधाई दी।
            मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला जूडोजे2-52 किग्रा. श्रेणी में रजत पदक जीतने पर सुश्री कोकिला कौशिकलाते को तथा जूडो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर श्री कपिल परमार को भी बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का पल है, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है।

            मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे भी स्वनिधि सफलता के लिए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खिलाड़ियों का परिश्रम और समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के लिए होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवान तैनात

                जिले में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के लिए जिला होमगार्ड कमांडेंट द्वारा ड्यूटी लगा गई हैं। जारी आदेश के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 से जिले के प्रमुख विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवानों को आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ तैनात किया गया है।

                सीहोर शहर के प्रमुख विसर्जन स्थलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रमुख स्थलों में टाउन हॉल के पास विसर्जन स्थल, सीवन नदी घाट, ईटलाईमाता विसर्जन स्थल (करवा), जमोनिया तालाब, श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर, आष्टा, जावर, सिद्धीकगंज, इछावर, भैंरूंदा, गोपालपुर, रेहटी एवं बुधनी के विसर्जन स्थल शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय की रिजर्व आपदा टीम को भी तत्काल रवाना किया जाएगा।

                प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे विसर्जन के दौरान शांति एवं सतर्कता बनाए रखें और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों के निर्देशों का पालन करें, ताकि प्रतिमा विसर्जन का कार्य सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।   

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• शारदीय नवरात्रि में विजयासन देवी धाम सलकनपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

• लाखों श्रद्धालुओं ने किए मां विजयासन देवी के दर्शन, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए किए व्यापक इंतजाम

                        शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से नवमी तक प्रसिद्ध विजयासन देवी धाम सलकनपुर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ रही। लाखों श्रद्धालुओं ने सलकनपुर पहुंचकर मां विजयासन देवी के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। दूर-दराज के क्षेत्रों से महिला, पुरुष, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे धाम में नौ दिनों तक भक्ति, श्रद्धा और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

            नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा मां विजयासन देवी के सुगम एवं सुरक्षित दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। कलेक्टर श्री बालागुरू के. के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया। मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे दर्शनार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

पेयजल, स्वच्छता, बिजली और चिकित्सा सुविधाओं पर रहा विशेष ध्यान

            जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा और यातायात प्रबंधन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। भीड़ के दौरान व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी लगातार सक्रिय रहे। यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने तथा दर्शन मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने पर भी ध्यान दिया गया। प्रशासनिक अमले की सतत सक्रियता से नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक ढंग से दर्शन कराने के लिए व्यवस्थाएं संचालित की गईं।

आस्था के साथ व्यवस्थाओं का बेहतर समन्वय

            मां विजयासन देवी धाम सलकनपुर में नवरात्रि के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ क्षेत्र में माता के प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाती है। देवी आराधना के इस विशेष पर्व पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए किए गए इंतजामों तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों ने पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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बदलते शहर, बढ़ते अवसर और आधुनिक अधोसंरचना की नई उड़ान

मध्यप्रदेश के शहरों को Future-Ready बनाने, शहरी विकास को गति देने और निवेश के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से Madhya Pradesh Urban Growth Conclave 2.0 का आयोजन 

💠 अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत ₹2,753.10 करोड़ की शहरी विकास परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के शहरों को मिलेगी नई गति

🗓️ 28 अक्टूबर 2026
📍 ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर

Dr Mohan Yadav   <nis:link nis:type=tag nis:id=cmmadhyapradesh nis:value=CMMadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=mpurbangrowthcon nis:value=MPUrbanGrowthCon nis:enabled=true nis:link/>