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PRO JS SEHORE

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जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं

                       कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से आए 82 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए। जिला मुख्यालय के साथ ही जनपद कार्यालयों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई।  जनसुनवाई में भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, आपसी विवाद, मेढ.-रास्ता विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, गन लाइसेंस,  वृद्धावस्था पेंशन, आर्थिक सहायता, मुआवजा से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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कृत्रिम पैरों से अरविंद के आत्मविश्वास और सपनों को मिली नई उड़ान

                          शासन द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र कल्याण और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक है “एडिप योजना”, जो दिव्यांगजनों के जीवन में नई रोशनी और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर आवश्यक सहायता मिल रही है।

      सीहोर जिले के ग्राम मेमदाखेड़ी निवासी श्री अरविंद सिंह के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। जब उन्हें जानकारी मिली कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीहोर में विशेष शिविर आयोजित कर दिव्यांगजनों को ऑन द स्पॉट कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे, तो वे निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचे। शिविर में उनका पंजीयन किया गया और विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण उपरांत उन्हें वहीं निशुल्क कृत्रिम पैर प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें उपयोग में सुविधा के लिए आरामदायक जूते भी निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।

      कृत्रिम पैर प्राप्त करने के बाद श्री अरविंद सिंह के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि अब वे पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे और आत्मनिर्भर जीवन जी पाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में एक नया मोड़ लेकर आई है।

      एडिप योजना के माध्यम से शासन न केवल दिव्यांगजनों को सहारा दे रहा है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन को नई दिशा दे रहा है। ऐसे प्रयास यह सिद्ध करते हैं कि सरकार संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचकर उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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• सीहोर जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” अंतर्गत चलाया जा रहा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान

• अधिक से अधिक पांडुलिपियों का पंजीयन करने की कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील

                          भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत देशव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों का सर्वे, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य “ज्ञान भारतम्” पोर्टल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राचीन पांडुलिपियों का डेटा संकलित कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।

      इस अभियान की विशेष बात यह है कि “Gyan Bharatm App” के माध्यम से कोई भी नागरिक, संस्था, मंदिर, आश्रम, पुस्तकालय, शिक्षण संस्थान अथवा निजी संग्रहकर्ता स्वयं अपनी पांडुलिपियों का सर्वे कर सकता है। नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी, फोटो एवं आवश्यक विवरण अपलोड कर सीधे अभियान से जुड़ सकते हैं। इससे अधिक से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित की जा सकेगी। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नागरिकों से अपील की है, कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ, ताम्रपत्र, धार्मिक अथवा ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे “Gyan Bharatm App” के माध्यम से उनका पंजीयन अवश्य करें। इससे इन धरोहरों का संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं राष्ट्रीय स्तर पर दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। यह अभियान भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देश की प्राचीन विरासत से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

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कीटनाशक छिड़काव के लिए श्रमिकों का साक्षात्कार 25 जून को

                         राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बुधनी एवं भैरूंदा विकासखंड के हाई रिस्क वाले चिन्हित ग्रामों में मलेरिया की रोकथाम हेतु कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए श्रमिकों की आवश्यकता है। यह कार्य सीमित अवधि का होगा और कीटनाशक छिड़काव में लगने वाले श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान कलेक्टर रेट पर निर्धारित दर अनुसार किया जायेगा।

      इस कार्य के लिए 25 जून को प्रात: 11 बजे से 05 बजे तक बुधनी सिविल अस्पताल में इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति अपने आवेदन एवं मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते है। यह कार्य पूर्णत अस्थायी है और अंतिम निर्णय समिति का होगा।

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• सीहोर जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” अंतर्गत चलाया जा रहा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान

• अधिक से अधिक पांडुलिपियों का पंजीयन करने की कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील

                          भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत देशव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों का सर्वे, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य “ज्ञान भारतम्” पोर्टल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राचीन पांडुलिपियों का डेटा संकलित कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।

      इस अभियान की विशेष बात यह है कि “Gyan Bharatm App” के माध्यम से कोई भी नागरिक, संस्था, मंदिर, आश्रम, पुस्तकालय, शिक्षण संस्थान अथवा निजी संग्रहकर्ता स्वयं अपनी पांडुलिपियों का सर्वे कर सकता है। नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी, फोटो एवं आवश्यक विवरण अपलोड कर सीधे अभियान से जुड़ सकते हैं। इससे अधिक से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित की जा सकेगी। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नागरिकों से अपील की है, कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ, ताम्रपत्र, धार्मिक अथवा ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे “Gyan Bharatm App” के माध्यम से उनका पंजीयन अवश्य करें। इससे इन धरोहरों का संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं राष्ट्रीय स्तर पर दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। यह अभियान भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देश की प्राचीन विरासत से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

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एडीबी विशेषज्ञों ने बुधनी टॉय विलेज परियोजना का किया निरीक्षण, प्रगति का लिया जायजा

                 नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) की परियोजना क्रियान्वयन इकाई भोपाल अंतर्गत एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के विशेषज्ञ सदस्य श्री विवेक विशाल, सुश्री रुपोस्रोता कहाली एवं श्री कार्लिटो द्वारा बुधनी एकीकृत विकास परियोजना के तहत निर्माणाधीन टॉय विलेज का निरीक्षण किया गया।

      निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ दल ने परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा विभिन्न अवसंरचनात्मक घटकों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता मानकों एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप हो रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने परियोजना को क्षेत्रीय पर्यटन संवर्धन, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की विकास परियोजनाएँ स्थानीय स्तर पर सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करती हैं।

      उल्लेखनीय है कि एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा प्रदेश में विभिन्न महत्वाकांक्षी अधोसंरचना परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य शहरी सुविधाओं का विस्तार एवं समग्र विकास को बढ़ावा देना है। निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी श्री सुबोध जैन, सहायक परियोजना प्रबंधक श्री राहुल समाधिया, सीडीओ श्री गिरीश नायर, डॉ. अमित कुल्हार, परियोजना प्रबंधन सलाहकार फर्म के श्री दीपक हतवाले, संविदाकार के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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• जनकल्याण अभियान में पात्र हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

• 89 हजार से अधिक आवेदनों का हुआ निराकरण

• पर्यावरण दिवस से विश्व योग दिवस तक जिलेभर में आयोजित हुए जनकल्याण शिविर

                   कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार जिले में 5 जून पर्यावरण दिवस से 21 जून विश्व योग दिवस तक जनकल्याण अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनकल्याण शिविर आयोजित कर आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। अभियान के दौरान कुल 89 हजार 398 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 89 हजार 219 आवेदनों का निराकरण किया गया। जनकल्याण अभियान प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर संवाद का माध्यम बना, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक लाभान्वित हुए।

विकासखंडवार उपलब्धियां

      ग्रामीण क्षेत्र में आष्टा विकासखंड में 21 हजार 931 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सभी आवेदनों का निराकरण किया गया। सीहोर विकासखंड में 19 हजार 311 आवेदन, भैरूंदा में 17 हजार 398 आवेदन, इछावर में 10 हजार 83 आवेदन तथा बुधनी विकासखंड में 7 हजार 215 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।

नगरीय निकायवार उपलब्धियां

      नगर पालिका सीहोर में 3 हजार 252 आवेदन, आष्टा में 2 हजार 844, कोठरी में 2 हजार 33, रेहटी में 1 हजार 101, बुधनी में 1 हजार 64, जावर में 932, भैरूंदा में 887, इछावर में 782 तथा शाहगंज में 565 आवेदन प्राप्त हुए। इन सभी नगरीय क्षेत्रों में भी आवेदनों का लगभग शत-प्रतिशत निराकरण किया गया।

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📜 ज्ञान भारतम् पोर्टल से जुड़ें, अपनी विरासत को संरक्षित करें 📜

जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम् पोर्टल पर पांडुलिपियों के अपलोड का अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य हमारी अमूल्य ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

सभी नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालयों, शोधकर्ताओं एवं निजी संग्रहकर्ताओं से आग्रह है कि वे अपने पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा करें तथा उन्हें ज्ञान भारतम् पोर्टल पर अपलोड कराने में सहयोग करें। जनभागीदारी से ही हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी संरक्षण संभव हो सकेगा।

आइए, ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने के अभियान में सहभागी बनें।

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पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 

                       पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की छात्रवृत्ति हेतु MPTAAS पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। जिन विद्यार्थियों ने अभी तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं किया है वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर दें। इसके साथ ही जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी संस्था में अध्ययनरत सभी पात्र विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति का आवेदन कराएं।

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• इछावर एवं भैरूंदा में जनकल्याण शिविर आयोजित
 
• सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति योजनाओं का लाभ पहुंचाना है - केंद्रीय कृषि मंत्री
 
• सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकार - राजस्व मंत्री
 
           इछावर एवं भैरूंदा में जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया। इछावर में आयोजित शिविर में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा शामिल हुए। इस अवसर उन्होंने जन चौपाल आयोजित कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिविर निरीक्षण कर हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाकर नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
 
      इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविरों के माध्यम से शासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 
 
      उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने और मिट्टी में जिन तत्वों की कमी हो, उसी के अनुसार खाद का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर सड़कों के माध्यम से गांवों में विकास की धारा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। 
 
      केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कहा कि, इस योजना में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आवास योजना के लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और अब पात्रता का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिले में लगभग 21 हजार लोगों का सर्वे किया गया है। सरकार का प्रयास है कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, उन्हें योजना का लाभ मिले और कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित न रहे।
 
      इछावर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं और योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। जनकल्याण शिविर इसी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 

 इछावर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना मेवाड़ा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, इछावर नगर परिषद अध्यक्ष श्री देवेंद्र वर्मा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती रेखा जगदीश पटेल, सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, श्री गौरव सन्नी महाजन, श्री पंकज गुप्ता, एसडीएम श्रीमती स्वाति मिश्रा, जनपद सीईओ श्रीमती रूषाली पोरष सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।
 
सरपंचों को प्रदान किए 133 करोड़ रूपये से अधिक की सड़कों के स्वीकृति पत्र
 
      कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत स्वीकृत 67 ग्रामीण सड़कों के स्वीकृति पत्र संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रदान किए। इनमें विधानसभा क्षेत्र इछावर की 36 सड़कों तथा विधानसभा क्षेत्र बुधनी की 31 सड़कों का निर्माण शामिल है। इछावर क्षेत्र में 106.37 किलोमीटर लंबाई की सड़कों के निर्माण पर लगभग 82.77 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिससे 19 हजार 692 से अधिक ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। वहीं बुदनी क्षेत्र में 61.48 किलोमीटर लंबाई की 31 सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 50.73 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे 16 हजार 269 ग्रामीण लाभान्वित होंगे। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ एवं जनजातीय बस्तियों का संपर्क मुख्य मार्गों से जुड़ेगा, ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
 
भैरूंदा में किया 28.53 करोड़ की परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण
 
      केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने भैरूंदा में 28.53 करोड़ रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण कियाग। उन्होंने 16.59 करोड़ रुपये लागत के 06 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 11.94 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले सांदीपनि स्कूल, बालक-बालिका छात्रावास कन्या आश्रम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं को सम्मानित किया और भैरूंदा नगर परिषद के 6 हितग्राहियों को आवासीय अधिकार पत्र सौपें। उन्होंने संबल योजना के हितग्राहियों को अनुग्रह राशि के स्वीकृति पत्र सौंपे। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को 6,00,000 रुपये का ऋण का स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को भी हितलाभ वितरित किए।
 
      भैरूंदा में आयोजित कार्यक्रम में बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, खातेगांव विधायक श्री आशीष शर्मा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण वित्त निगम अध्यक्ष श्री रवि मालवीय, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला बारेला, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, नगर परिषद अध्यक्ष श्री मारूति शिशिर, भैरूंदा जनपद अध्यक्ष श्री मंजू अवध पटेल, भैरूंदा एसडीएम श्री सुधीर कुशवाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

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• अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित हुए सामूहिक योग कार्यक्रम 

• स्वस्थ समाज का दिया संदेश

            अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिलेभर में उत्साह एवं उमंग के साथ सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। सीहोर जनपद कार्यालय, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जिला न्यायालय, आरएके कॉलेज, कन्या शिक्षा परिसर, महिला आईटीआई, डाइट, नगर परिषद रेहटी, जिला अस्पताल, वर्धमान प्राइवेट लिमिटेड, ट्राइडेंट ग्रुप बुधनी सहित अनेक शासकीय एवं निजी संस्थानों में योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं निरोगी जीवन का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, प्रशासनिक कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

      सीहोर जनपद कार्यालय में आयोजित योग कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती नाबड़ी बाई, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती नमिता बघेल, एपीओ श्री गुलाब अहिरवार सहित माय भारत एवं हिताय एनजीओ के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगासन एवं प्राणायाम किए तथा योग के महत्व को समझते हुए नियमित अभ्यास करने का संकल्प लिया।

      इसी प्रकार जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री हेमंत जोशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती विनीता गुप्ता, न्यायाधीश श्री दीपेन्द्र मालू सहित अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स तथा न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने योग को तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसके नियमित अभ्यास पर बल दिया।

      जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। आरएके कॉलेज, कन्या शिक्षा परिसर, महिला आईटीआई एवं डाइट में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। वहीं जिला अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने योग कर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया। रेहटी नगर परिषद, वर्धमान प्राइवेट लिमिटेड तथा ट्राइडेंट ग्रुप बुधनी में भी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए योग के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ, खुशहाल एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में आयोजित '36वां दीक्षांत समारोह'
21 जून को सलकनपुर जोन के 69 गांवों में नहीं होगा जल प्रदाय

                       मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के जल शोधन संयंत्र पर लगे पंप में मेंटेनेंस कार्य के कारण 21 जून को सलकनपुर जोन के 69 ग्रामों में जल प्रदाय बाधित रहेगा। जिन ग्रामों में जल प्रदाय बाधित रहेगा उनमें अंवालीघाट, गंजीत, इटारसी, पानगुराड़िया, मठिनी, मुर्रा, धनकोट, पाथोड़ा, चरुआ, जहाजपुरा, ओंडिया, सतारा, दीपाखेड़ा, होलीपुरा, पिलीकरार, खंडावड़, बन्या, ऊंचाखेड़ा, पांडाडोह, देवगांव, महुकला, जमुनियाकला एवं भूरीटेक, भादकुल, खेड़ी, बोरधी, मैलबन्या, सगुनिया, गेहूंखेड़ा, कोसमी, झोलियापुर, प्रतापुरा, जमुनिया प्रजापत, गोंडीगुराड़िया, चिचला खुर्द, सोयत, नरेला, नदियाखेड़ा, मर्दानपुर, बहराखेड़ी, डोंगरी, बोरी, पिपलिया, रेवागांव, नेहलई, मट्ठागांव, मंझारकुई, नयागांव, काकरधा, खडली, बरखेड़ा, बसनिया कला, भोमड़ा, सावलखेड़ा, धनकोट, बसनिया खुर्द, मोगरा, पांगरा, फुलदा, सेमरी, सलकनपुर, खानपुरा, मकोड़िया, सेमरिया, रतनपुर (सेमरी), इटावाजदीद, रिंझारिया, बोरघाटी, कलवाना, रामगढ़ा शामिल हैं।

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विभागीय भविष्य निधि प्रकरणों के निराकरण में आएगी तेजी, अब ई-डीपीएफ प्रणाली से होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

                        मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों के विभागीय भविष्य निधि (DPF) प्रकरणों के निराकरण को अधिक सरल, पारदर्शी और समय-सीमा में पूरा करने के उद्देश्य से ई-डीपीएफ (e-DPF) प्रणाली लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत भविष्य निधि से संबंधित सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संपादित की जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

      ई-डीपीएफ प्रणाली के माध्यम से विभागीय भविष्य निधि अभिदाता अपने भविष्य निधि खाते की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। कर्मचारी IFMIS (Integrated Financial Management Information System) के ESS मॉड्यूल में लॉगिन कर वेतन से की गई कटौतियों, शासन द्वारा देय ब्याज तथा भविष्य निधि खाते से संबंधित अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आती है तो कर्मचारी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) को इसकी जानकारी देकर सुधार करा सकेंगे।

      वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार सेवानिवृत्ति के पूर्व भविष्य निधि के अंतिम भुगतान की प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन होगी। सेवानिवृत्ति से लगभग चार माह पहले कर्मचारी को IFMIS के ESS मॉड्यूल के माध्यम से अंतिम भुगतान हेतु आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित DDO द्वारा कर्मचारी की सेवा पुस्तिका, भविष्य निधि अभिलेख और ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी का परीक्षण कर प्रकरण को आगे की कार्यवाही के लिए ऑनलाइन

नई व्यवस्था में आवेदन प्रक्रिया के दौरान कर्मचारी द्वारा दी गई जानकारी की शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित बैंक खाते में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। साथ ही आवेदन के समय प्राप्त OTP एवं सिस्टम द्वारा जनरेट की गई आईडी को सुरक्षित रखना कर्मचारी की जिम्मेदारी होगी।

      ई-डीपीएफ प्रणाली लागू होने से भविष्य निधि प्रकरणों की निगरानी भी आसान होगी। विभागीय अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से प्रकरणों की स्थिति देख सकेंगे, जिससे लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

      वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नई ऑनलाइन व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भविष्य निधि की राशि का भुगतान बिना विलंब के प्राप्त हो सके।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हुई अभिलाषा के गृहस्थ जीवन की शुरुआत

                मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी और अनूठी योजनाओं में से एक है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और धूमधाम से कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत जहां एक ओर सामूहिक विवाह समारोह के माध्यम से बेटियों का नया जीवन शुरू होता है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिल रही है और माता-पिता बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त हो रहे हैं।

      सीहोर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीहोर जिले के ग्राम रातिखेड़ा की बेटी अभिलाषा भी परिणय सूत्र में बंधीं। अभिलाषा बताती हैं कि यह योजना उनके जैसी कई बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण उनका विवाह सम्मानपूर्वक और खुशियों के माहौल में सम्पन्न हुआ। सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता से उन्हें अपने नए गृहस्थ जीवन की शुरुआत करने में भी मदद मिलेगी।

      बेटी अभिलाषा ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मान के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर दिया है। यह योजना न केवल बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बना रही है बल्कि समाज में उनके सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने और आवारा कुत्तों के प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा हाल ही में उज्जैन में घटित हुई डॉग बाइट की घटना को दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी जनपदों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को जिले में घूमने वाले आवारा कुत्तों के प्रभावी नियंत्रण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये है। अभियान के अंतर्गत निरीक्षण कर आवारा कुत्तों को चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही कुत्तों का आवश्यकतानुसार परीक्षण कर रोगों से पीड़ित या आक्रामक कुत्तो के उपचार, वैक्सीनेशन और शेल्टर स्थल में रखे जाने का कार्य भी किया जाएगा।

              जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने बताया कि डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा भी पूर्व में दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिनका पालन सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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🌍🤝 **FTA कूटनीति से मजबूत हुआ भारत का वैश्विक व्यापारिक प्रभाव!**

पिछले वर्षों में भारत ने कई महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और आर्थिक साझेदारियों के माध्यम से वैश्विक व्यापार के नए द्वार खोले हैं। इन समझौतों ने निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आज भारत विश्व व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, जो विकास, विश्वास और वैश्विक सहयोग की नई कहानी लिख रहा है। 🇮🇳

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🌍 विश्व पटल पर भारत का बढ़ता गौरव! 🇮🇳

पिछले 12 वर्षों में भारत वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। G20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी, AI Impact Summit, शतरंज ओलंपियाड, IOC सत्र और विश्व धरोहर समिति के आयोजन भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता के प्रमाण हैं।

नए भारत की यही पहचान है—विश्वास, विकास और जनकल्याण के साथ विश्व मंच पर सशक्त उपस्थिति। ✨

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“प्राकृतिक खेती” विषय पर एक दिवसीय किसान संगोष्ठी आयोजित

                     कृषि विभाग द्वारा जनकल्याण अभियान एवं आत्मा योजना के अंतर्गत सीहोर के आरएके कॉलेज में “प्राकृतिक खेती” विषय पर एक दिवसीय खरीफ कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजन किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से अवगत कराना, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देना तथा पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित करना था। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही किसानों को खरीफ मौसम में सोयाबीन की उन्नत खेती के लिए रेज्ड बेड फर्रो (Raised Bed Furrow) तकनीक से बुवाई करने के लाभ बताए गए।

      किसानों को गोबर, गोमूत्र, गुड़ एवं बेसन की सहायता से जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं अन्य जैविक कीट नियंत्रकों को तैयार करने की विधि समझाई गई और जीवमृत के लाभ के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही योजनाओं एवं तकनीकी सहायता की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री मानसिंह, श्री जितेन्द्र सिंह गौर, डॉ. आई.एस. तोमर, कृषि उप संचालक श्री अशोक कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक श्री जी.एस. गाठिये, डॉ. डी.के. पपाती, सहायक संचालक श्री अनिल कुमार जाट, सहायक तकनीकी प्रबंधक सुश्री पल्लवी जैन सहित किसान उपस्थित थे।

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• अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा

• योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के दिए निर्देश

                               राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण एवं विकास से संबंधित विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

      बैठक में विभागों द्वारा योजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, संयुक्त कलेक्टर श्री रविंद्र परमार, जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक श्री अरविंद कुशवाह, श्री कैलाश बगाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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🌍🤝 **FTA कूटनीति से मजबूत हुआ भारत का वैश्विक व्यापारिक प्रभाव!**

पिछले वर्षों में भारत ने कई महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और आर्थिक साझेदारियों के माध्यम से वैश्विक व्यापार के नए द्वार खोले हैं। इन समझौतों ने निर्यात को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आज भारत विश्व व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, जो विकास, विश्वास और वैश्विक सहयोग की नई कहानी लिख रहा है। 🇮🇳

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सिकल सेल दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

                      विश्व सिकल सेल दिवस पर सीहोर के गल्ल मंडी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर संजीवनी क्लिनिक पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था में आए मरीजों को सिकल सेल रोग के बारे में जानकारी दी गई और इसके लक्षणों, उपचार और बचाव के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही सभी का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।

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🌍📈 **राष्ट्र प्रथम के 12 वर्ष — व्यापार, सम्मान और साझेदारी की नई पहचान!**

पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए आयाम स्थापित किए हैं। आज भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर विकास, विश्वास और अवसरों का केंद्र बन रहा है।

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ देश निरंतर प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। 🇮🇳

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🌍 विश्व पटल पर भारत का बढ़ता गौरव! 🇮🇳

पिछले 12 वर्षों में भारत वैश्विक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। G20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी, AI Impact Summit, शतरंज ओलंपियाड, IOC सत्र और विश्व धरोहर समिति के आयोजन भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता के प्रमाण हैं।

नए भारत की यही पहचान है—विश्वास, विकास और जनकल्याण के साथ विश्व मंच पर सशक्त उपस्थिति। ✨

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किसानों को रेज्ड बेड फरो एवं ब्रॉड बेड फरो पद्धति से सोयाबीन बुवाई हेतु किया जा रहा जागरूक
 
                   आगामी खरीफ मौसम में वर्षा की अनिश्चितता एवं बदलते मौसम के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों को सोयाबीन की बुवाई रेज्ड बेड फरो (Raised Bed Furrow) एवं ब्रॉड बेड फरो (Broad Bed Furrow) पद्धति से करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग के अमले द्वारा ग्राम स्तर पर किसानों को इन तकनीकों के लाभों की जानकारी दी जा रही है तथा खेतों पर प्रदर्शन के माध्यम से उनकी उपयोगिता समझाई जा रही है।
 
      कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को बताया जा रहा है कि कभी अत्यधिक वर्षा तो कभी अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों में रेज्ड बेड एवं ब्रॉड बेड फरो तकनीक फसल के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है। अधिक वर्षा होने पर खेत में जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होती तथा अतिरिक्त पानी नालियों के माध्यम से आसानी से निकल जाता है। वहीं कम वर्षा की स्थिति में नालियों में नमी संरक्षित रहने से फसल को आवश्यक नमी उपलब्ध होती रहती है।
 
      इसी क्रम में भैरूंदा विकासखंड के एक प्रगतिशील किसान द्वारा सोयाबीन की बुवाई रेज्ड बेड फरो पद्धति से की गई है। किसान द्वारा इस तकनीक को अपनाकर अन्य कृषकों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। कृषि विभाग द्वारा ऐसे सफल प्रयासों को किसानों के बीच साझा कर उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
 
      रेज्ड बेड पद्धति में फसल को ऊंची क्यारियों पर बोया जाता है तथा दोनों ओर नालियां बनाई जाती हैं, जिससे अतिरिक्त वर्षा जल का त्वरित निकास संभव हो पाता है। वहीं ब्रॉड बेड फरो पद्धति में चौड़ी क्यारियों एवं नालियों के माध्यम से जल प्रबंधन बेहतर होता है, जिससे पौधों की वृद्धि एवं विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त होता है।
 
      कृषि विभाग के अनुसार रेज्ड बेड एवं ब्रॉड बेड फरो तकनीक अपनाने से जलभराव से होने वाली फसल क्षति में कमी आती है, जड़ों का विकास बेहतर होता है, उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, सिंचाई जल की बचत होती है तथा फसल में रोग एवं कीट प्रकोप की संभावना कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त पौधों की समान वृद्धि होने से उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी बढ़ जाती है।
 
      कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे खरीफ मौसम में सोयाबीन की बुवाई वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार रेज्ड बेड फरो अथवा ब्रॉड बेड फरो पद्धति से करें तथा अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क करें।

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