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PRO JS SEHORE

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तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का हुआ समापन

                     जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 11 से 13 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु सामुदायिक मध्यस्थों को आवश्यक ज्ञान, व्यवहारिक कौशल एवं मध्यस्थता की तकनीकों से प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों से चयनित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया।

      समापन अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने कहा कि, विवादों का पुलिस थानों एवं न्यायालयों में आने से पूर्व ही समाज में समझौते के माध्यम से निपटारा करने के उद्देश्य से समाज के प्रबुद्धजन को मीडिएशन प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मीडिएशन की तकनीक को समझ कर बेहतर परिणाम दिला सकें।

      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने भी समाज के विकास में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ विभिन्न क्षेत्रों में मीडिएशन सेंटर स्थापित कर समाज के विवादों का प्रारंभिक स्तर पर निराकरण कर सकेंगे।

      प्रशिक्षण में सीनियर ट्रेनर एम.सी.पी.सी. श्री शाहिद मोहम्मद एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मध्यस्थ कु. भावना साधो द्वारा प्रतिभागियों को मध्यस्थता के सिद्धांतों. संवाद कौशल, विवाद समाधान की प्रभावी तकनीकों एवं सामुदायिक स्तर पर शांति एवं सौहार्द स्थापित करने में मध्यस्थों की भूमिका से अवगत कराया गया। समापन अवसर पर बेथेल फॉर रिफ्यूज वेलफेयर सोसायटी श्रीमती बॉशी राबी वर्गीज एवं रॉबी वर्गीज के सहयोग से दिव्यांगजन बालक को एक व्हीलचेयर प्रदान की गई।

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दिव्यांगजन नीति के संबंध में बैठक आयोजित कर आयुक्त ने लिए सुझाव

                       दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में राज्य दिव्यांगजन नीति के संबंध में चर्चा एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों, दिव्यांगजनों तथा उनसे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए गए।

      बैठक मे डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि प्रदेश स्तर पर ऐसी समग्र एवं व्यवहारिक दिव्यांगजन नीति तैयार की जानी चाहिए, जिससे दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास और सशक्तिकरण से जुड़े कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि नीति ऐसी हो, जिससे दिव्यांगजनों को जिला स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ सरलता और समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके।

      उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में जमीनी अनुभवों और हितधारकों के सुझावों का विशेष महत्व है। इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं सामाजिक संगठनों के सुझावों को गंभीरता से शामिल किया जाएगा, ताकि दिव्यांगजनों के लिए अधिक समावेशी, सुविधाजनक एवं परिणाममुखी व्यवस्था विकसित की जा सके।

      बैठक में सहायक संचालक श्री महेश यादव, अंर्राष्ट्रीय पैरालंपिक जूडो खिलाड़ी श्री कपिल परमार, श्री अर्जुन सिंह, एनआईएमएचआर के प्रतिनिधि सहित दिव्यांगजन, संगठनों के प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

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💧 वर्षा काल में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन अभियान जारी

वर्षा ऋतु में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिलेभर में पेयजल स्रोतों, हैंडपंपों एवं जल प्रदाय योजनाओं का नियमित क्लोरीनेशन किया जा रहा है। साथ ही, पेयजल परीक्षण किट से पानी की गुणवत्ता की सतत जांच कर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित किया जा रहा है।

आप भी सावधानी बरतें — केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।

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28 जुलाई से 08 अगस्त 2026 तक भोपाल में आयोजित होगी सेना भर्ती रैली

                      सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा 28 जुलाई से 08 अगस्त 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, भोपाल में सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। भर्ती रैली में मध्यप्रदेश के 15 जिलों अशोकनगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्णा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर एवं विदिशा के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणियों की भर्ती आयोजित की जाएगी। साथ ही मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए धर्म गुरु एवं एजुकेशन हवलदार की भर्ती रैली भी आयोजित की जाएगी।

      सेना द्वारा 01 जून से 12 जून 2026 तक ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) आयोजित की गई थी। सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का परिणाम 12 जुलाई 2026 को जॉइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है। ऑनलाइन परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही शारीरिक दक्षता सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे।

      भर्ती रैली में भाग लेने वाले पात्र अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 13 जुलाई 2026 को उनके पंजीकृत ई-मेल पर भेजे जाएंगे। भर्ती रैली में अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर अंकित तिथि एवं समय के अनुसार ही प्रवेश दिया जाएगा। सेना भर्ती कार्यालय ने बताया है कि भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थी भर्ती अधिसूचना के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लाएं। साथ ही आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर एवं इंटरनेट कनेक्शन युक्त स्मार्ट मोबाइल फोन भी अपने साथ लाना अनिवार्य होगा।

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एमआईडीएच सहित अन्य उद्यानिकी योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित

                          उद्यानिकी विभाग को एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) एवं राज्य योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत फल, सब्जी, पुष्प, मसाला क्षेत्र विस्तार, संरक्षित खेती, जैविक खेती और यंत्रीकरण में लक्ष्य प्राप्त हुये है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान विभागीय पोर्टल MPFSTS की बेब साईट https://mpfsts.mp.gov.in पर पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। योजनांतर्गत कृषकों का चयन वरिष्ठ कार्यालय से संचालित लॉटरी के माध्यम किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 127 में संपर्क किया जा सकता है।

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• ई-प्रवेश अभियान में अब तक प्रदेश में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश

• प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई

                    मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। प्रदेश भर के विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते उत्साह का परिणाम है कि 11 जुलाई 2026 तक 6,53,103 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है, जबकि 5,65,576 आवेदनों का सत्यापन सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। द्वितीय चरण की कॉलेज स्तरीय काउंसिलिंग (CLC) वर्तमान में संचालित है तथा पंजीयन एवं प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित है। प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत अब तक 4,00,206 विद्यार्थियों ने विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शिक्षक शिक्षा (NCTE) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त कर लिया है। इनमें 2,87,564 विद्यार्थी स्नातक, 85,909 स्नातकोत्तर तथा 26,733 विद्यार्थी शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों में सम्मिलित हुए हैं।

      यह उपलब्धि प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास तथा ई-प्रवेश प्रणाली की पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी व्यवस्था को रेखांकित करती है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को उसकी रुचि के अनुरूप उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया जाए। ऐसे सभी विद्यार्थी जिन्होंने अभी तक प्रवेश नहीं लिया है, वे इस अवसर का लाभ उठाकर निकटतम महाविद्यालय में अपनी पसंद के पाठ्यक्रम में प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं।

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• अमरगढ़ वॉटरफॉल जा रहे 20 लोगों को लौटाया वापस

• कलेक्टर ने वर्षाकाल में जोखिमपूर्ण स्थलों पर न जाने की नागरिकों से की अपील

                         कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार वर्षाकाल में नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों एवं अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी हैं। इन स्थानों पर वर्षा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए राजस्व, वन, पुलिस तथा अन्य विभागों के मैदानी अमले की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके तथा उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।

      कलेक्टर के निर्देशानुसार अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल सहित इन सभी दुर्घटना संभावित स्थलों पर नागरिकों को जाने से रोकने के लिए इनके पहुंच मार्गों पर टीमें तैनात की गई हैं। टीम द्वारा अमरगढ़ वॉटरफॉल जा रहे 20 लोगों को प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी देकर वापस लौटाया गया।

      कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। नागरिकों का जीवन एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में जिले के इन पर्यटन स्थलों पर सीहोर के साथ-साथ भोपाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है।

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• ई-लोक अदालत में कराया गया 14 प्रकरणों में समझौता

• 53 लाख से अधिक की समझौता राशि जमा

                     राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला न्यायालय एवं तहसील न्यायालयों में ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। ई-लोक अदालत में सीहोर जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 09 खण्डपीठों का गठन किया गया। ई-लोक अदालत में कुल 45 प्रकरण रखे गये 14 प्रकरणों का निराकरण कर समझौता राशि 53 लाख 69 हजार 593 रूपये प्राप्त हुई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा ई-लोक अदालत लगाये जाने के निर्देश के पालन में जिला सीहोर में पहल की गई तथा ई-लोक अदालत में पक्षकारों को न्यायालय तक ना आना पड़े इसके लिए वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कर पक्षकारों के आपसी सहमति एवं स्वेच्छा से कुल 14 प्रकरणों में समझौता करवाया गया।

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तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

                   प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सीहोर श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला न्यायालय में 11 से 13 जुलाई तक आयोजित होने वाले सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

      इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, न्याय केवल न्यायालयों में नहीं मिलता अनेक बार वह समाज के भीतर संवाद विश्वास और सहभागिता से भी स्थापित होता है। यदि प्रत्येक समुदाय में प्रशिक्षित मध्यस्थ उपलब्ध हो तो अनेक विवाद प्रारंभिक स्तर पर ही शांतिपूर्वक सुलझाये जा सकते है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि ऐसी दृष्टि विकसित करना है जो विवाद को संघर्ष नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग का अवसर समझें। यह प्रशिक्षण केवल ज्ञान अर्जित करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक उत्तरदायित्व स्वीकार करने का अवसर भी है।

      प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान करने के उ‌द्देश्य से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम की पहल से अवगत कराते हुये कहा कि म.प्र. में सर्वप्रथम यह पहल की गई है, जिसके सुखद परिणाम प्राप्त हो रहे है। समुदाय विशेष के लोग अपने समुदाय के विकास में इस पहल के माध्यम से योगदान दे सकते है।

      सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम सत्र में एमसीपीसी सीनियर ट्रेनर मोहम्मद शाहिद खान एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मास्टर ट्रेनर कु. भावना साधी ने मीडिएशन का महत्व, उद्देश्य एवं अन्य तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया।

      इस अवसर पर सीनियर ट्रेनर एम.सी.पी. सी. मोहम्मद शाहिद, मास्टर ट्रेनर सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश कु भावना साधी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश श्री हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश श्रीमती स्मृतासिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश श्री एम. के. वर्मा,  जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री फारूक अहमद सि‌द्दीकी सहित न्यायिक अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, विधिक सेवा कर्मचारीगण सहित विभिन्न समुदायों के प्रतिभागीगण उपस्थित रहे।

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• वर्षाकाल में जोखिमपूर्ण पर्यटन स्थलों पर प्रवेश प्रतिबंध का सख्ती से कराया जा रहा पालन

• भोपाल से आए अनेक पर्यटकों को समझाइश देकर वापस लौटाया गया

                         कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार वर्षाकाल में नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों एवं अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी हैं। इन स्थानों पर वर्षा के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए राजस्व, वन, पुलिस तथा अन्य विभागों के मैदानी अमले की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके तथा उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके।

      नायब तहसीलदार श्री रामलोचन तिवारी ने बताया कि आज दिगंबर वॉटरफॉल पर भोपाल से आए 15 से अधिक पर्यटकों को प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी देकर संभावित दुर्घटनाओं के मद्देनज़र वापस लौटाया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पर्यटकों से अपील की कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें।

      जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों का जीवन एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में जिले के इन पर्यटन स्थलों पर सीहोर के साथ-साथ भोपाल से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की गई है।

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एसडीएम-तहसीलदार ने किया कालियदेव झरने का निरीक्षण

              इछावर एसडीएम श्रीमती स्वाति मिश्रा, तहसीलदार सुश्री अनामिका चतुर्वेदी सहित राजस्व,पुलिस एवं जनपद के अधिकारियों द्वारा कालियादेव वॉटरफॉल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने झरना स्थल पर की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली और वॉटरफॉल पर आमजन के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध का पूर्णतः और सख्ती के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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बिजली कंपनी द्वारा शिविर लगाकर किया गया बिजली संबंधी समस्याओं का निराकरण

                        विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। महाप्रबंधक श्रीमती पूनम तुमराम ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के साथ सीधा संवाद कर उन्हें त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है। अभियान के अंतर्गत सीहोर संभाग के ग्राम सुलखेड़ी, रासलाखेड़ी, हिन्नौती, बिछिया, पड़ीयाला, एवं आष्टा संभाग अंतर्गत ग्राम बलाखेड़ा में शिविर लगाए गये और नागरिकों की बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण किया गया।

11 जुलाई को इन स्थानों पर लगेंगे शिविर

      अभियान के अंतर्गत 11 जुलाई को  आष्टा संभाग अंतर्गत ग्राम कुण्डियानाथु, भीलखेड़ी, कल्यानपुरा, धनाना, गुराड़ियारूपचंद, पउखेड़ी, आष्टा शहर वार्ड नं. 12. छापर में शिविर लगाए जाएंगे।

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• लोक सेवा गारंटी अधिनियम में बड़ा बदलाव, अब अपील होगी स्वतः दर्ज

• समय-सीमा में सेवा का निराकरण नहीं होने पर आवेदन स्वतः प्रथम एवं द्वितीय अपील में जाएगा

                    लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को सेवाएं समय-सीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपील प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधान के अनुसार अब सेवा आवेदन निर्धारित समय-सीमा में निराकृत नहीं होने पर आवेदक को अलग से अपील दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

            नए नियम के तहत यदि किसी सेवा आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होता है, तो समय-सीमा समाप्त होने के 15 दिन बाद संबंधित आवेदन स्वतः प्रथम अपील में दर्ज हो जाएगा। इसी प्रकार यदि प्रथम अपील का भी समय-सीमा में निराकरण नहीं किया जाता है, तो 15 दिन बाद वह स्वतः द्वितीय अपील में दर्ज हो जाएगी।

            यह नई व्यवस्था मध्यप्रदेश के e-District पोर्टल पर विकसित कर दी गई है और आज मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के नियम-8 में किए गए इस संशोधन का उद्देश्य नागरिकों को अपील प्रक्रिया में राहत प्रदान करना, सेवाओं के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करना तथा जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इससे नागरिकों को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी और लंबित प्रकरणों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।

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जनगणना निदेशक ने किया फील्ड फंक्शनरीज के प्रशिक्षण का निरीक्षण

                            जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक श्री संजीव श्रीवास्तव ने सीहोर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में जनगणना 2027 के अंतर्गत फील्ड फंक्शनरीज को दिए जा रहे जिला जनगणना हस्तपुस्तिका प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करते हुए प्रशिक्षण की गुणवत्ता, विषयवस्तु तथा जनगणना कार्य से संबंधित आधारभूत एवं तकनीकी जानकारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री बृजेश कुमार सक्सेना भी उपस्थित थे।

      निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि जिले में कुल 19 जनगणना चार्ज हैं, जिनमें 10 ग्रामीण एवं 9 नगरीय चार्ज सम्मिलित हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 1,084 राजस्व ग्रामों के आंकड़ों के संकलन हेतु 255 फील्ड फंक्शनरीज तथा 9 नगरीय क्षेत्रों हेतु 9 फील्ड फंक्शनरीज नामित किए गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 264 फील्ड फंक्शनरीज इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए नियुक्त किए गए हैं।

      इन सभी फील्ड फंक्शनरीज का प्रशिक्षण कार्यक्रम 08 जुलाई 2026 से 15 जुलाई 2026 तक सात बैचों में आयोजित किया जा रहा है। बैच क्रमांक 1 से 5 तक का प्रशिक्षण शासकीय कन्या महाविद्यालय, सीहोर के कक्ष क्रमांक-21 में जिला स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

      बैच क्रमांक-6 का प्रशिक्षण 14 जुलाई को चार्ज तहसील भैरूंदा एवं नगर परिषद भैरूंदा के फील्ड फंक्शनरीज हेतु नगर परिषद भैरूंदा के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा। इसी प्रकार बैच क्रमांक-7 का प्रशिक्षण 15 जुलाई को तहसील बुधनी, तहसील रेहटी, नगर परिषद बुधनी, नगर परिषद रेहटी तथा नगर परिषद शाहगंज के फील्ड फंक्शनरीज हेतु नगर परिषद बुधनी के सभा कक्ष में आयोजित किया जाएगा।

      प्रशिक्षण उपरांत सभी नामित फील्ड फंक्शनरीज अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए आवश्यक आंकड़ों का संकलन निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं त्रुटिरहित रूप से सुनिश्चित करेंगे।

      प्रशिक्षण कार्यक्रम में में जनगणना कार्य निदेशालय, भोपाल द्वारा नामित मास्टर प्रशिक्षक श्रीमती वंदना तिवारी एवं सुश्री  यशस्वी द्वारा प्रतिभागियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु आंकड़ों के संकलन, प्रपत्रों के संधारण, आंकड़ों के सत्यापन तथा तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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• वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव एवं सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

• सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचें

            वर्षा ऋतु में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा आवासीय परिसरों में सांपों की गतिविधियां बढ़ने के कारण सर्पदंश की घटनाओं की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं।

      सीएमएचओ डॉ सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों का सफल उपचार संभव है।

      उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को शांत एवं स्थिर रखें तथा अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं। दंश वाले स्थान को साफ पानी से धोकर स्वच्छ कपड़े से ढक दें और जिस अंग पर सांप ने काटा हो उसे यथासंभव स्थिर रखें। सूजन की संभावना को देखते हुए अंगूठी, कड़ा, घड़ी, बेल्ट अथवा अन्य आभूषण निकाल दें। यदि पीड़ित बेहोश हो या उल्टी की संभावना हो तो उसे करवट की स्थिति में लिटाकर अस्पताल ले जाएं। यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो चिकित्सक को सर्पदंश का समय तथा सांप का स्वरूप बताएं, लेकिन सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।

      स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास का सहारा न लें। दंश वाले स्थान को काटने, चूसने या चीरा लगाने का प्रयास न करें तथा कसकर पट्टी न बांधें। बर्फ, तेल, मिट्टी, रसायन या किसी जड़ी-बूटी का उपयोग न करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें। उपचार में देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।

      नागरिकों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। खेतों, झाड़ियों अथवा अंधेरे स्थानों पर जाते समय पैरों को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनें, रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें तथा हाथ या पैर किसी स्थान पर रखने से पहले वहां अच्छी तरह देख लें। फर्श पर सोने से बचें और आवश्यकता होने पर अच्छी तरह बंद मच्छरदानी का उपयोग करें। घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियां, कचरा एवं लकड़ियों के ढेर हटाएं तथा चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं।

      स्वास्थ्य विभाग के अनुसार काटे गए स्थान पर तेज दर्द या सूजन, पलकों का भारी होना, धुंधला दिखाई देना, अत्यधिक पसीना आना, मतली या उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में घबराने के बजाय तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचें। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में रोगी का जीवन बचाया जा सकता है।

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एमआईडीएच सहित अन्य उद्यानिकी योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित

                  उद्यानिकी विभाग को एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) एवं राज्य योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत फल, सब्जी, पुष्प, मसाला क्षेत्र विस्तार, संरक्षित खेती, जैविक खेती और यंत्रीकरण में लक्ष्य प्राप्त हुये है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान विभागीय पोर्टल MPFSTS की बेब साईट https://mpfsts.mp.gov.in पर पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। योजनांतर्गत कृषकों का चयन वरिष्ठ कार्यालय से संचालित लॉटरी के माध्यम किया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 127 में संपर्क किया जा सकता है।

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नवोदय स्कूल में प्रवेश परीक्षा के आवेदन प्रारंभ, आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई

                  सीहोर जिले के श्यामपुर स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए होने वाली चयन परीक्षा के आवेदन प्रारंभ हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन बेवसाईट www.navodaya.gov.in अथवा http://cbseitms.rcil.gov.in/nvs के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

      पंजीयन के लिए विद्यार्थी की जन्म तारीख 01 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही किसी भी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल से तीसरी एवं चौथी कक्षा पास तथा वर्तमान सत्र में कक्षा पाँचवी में अध्ययनरत होना चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी आधार कार्ड के अनुसार सीहोर जिले का निवासी होना चाहिए।

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• नरवाई जलाने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समन्वय बैठक आयोजित

• "नरवाई मुक्त एवं प्रदूषण मुक्त कृषि" के लिए नई पहल

                        आगामी रबी फसल कटाई के दौरान नरवाई जलाने की समस्या को रोकने एवं फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की पूर्व तैयारी के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं वर्धमान फैब्रिक्स, बुधनी द्वारा समन्वय बैठक आयोजित की गई।

      बैठक में यह भी चर्चा की गई कि यदि किसान फसल अवशेषों को जलाने के स्थान पर उन्हें उपयोग के लिए उपलब्ध कराते हैं, तो इससे अनेक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण में कमी आएगी, मृदा के लाभकारी सूक्ष्मजीव एवं पोषक तत्व सुरक्षित रहेंगे, खेतों की उर्वरता बनी रहेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, फसल अवशेषों का औद्योगिक उपयोग होने से उन्हें "अपशिष्ट से संसाधन " के रूप में उपयोग किया जा सकेगा । 

      आगामी फसल सीजन प्रारंभ होने से पूर्व ही किसानों को व्यापक रूप से जागरूक किया जाएगा, ताकि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके उचित उपयोग एवं संग्रहण की व्यवस्था से जुड़ सकें। इस दिशा में वर्धमान फैब्रिक्स द्वारा क्षेत्रवार अधिकृत वेंडर्स (आपूर्तिकर्ता) नियुक्त किए जाएंगे, जो संबंधित गांवों से किसानों के फसल अवशेषों का संग्रहण कर कंपनी तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। कृषि विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं मृदा संबंधी दुष्प्रभावों तथा फसल अवशेषों के वैकल्पिक एवं उपयोगी प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।

      बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि यदि आगामी सीजन से पूर्व यह व्यवस्था प्रभावी रूप से विकसित कर ली जाती है, तो किसानों को पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा फसल अवशेषों का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग में भी किया जा सकेगा। यह पहल जिले में "नरवाई मुक्त एवं प्रदूषण मुक्त कृषि" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। जिससे कृषि एवं उद्योग के बीच एक सतत एवं लाभकारी समन्वय स्थापित होगा। बैठक में कृषि उपसंचालक कृषि श्री अशोक उपाध्याय, सहायक संचालक श्री अनिल कुमार जाट सहित वर्धमान फैब्रिक्स से प्लांट हेड श्री विजय करांडे, मैनेजर श्री अतुल शर्मा, सीनियर मैनेजर श्री प्रशांत द्विवेदी, चीफ मैनेजर श्री दिनेश कुमार उपस्थित रहे।

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जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला एवं चार्ज स्तरीय फील्ड फंक्शनरीज को दिया जा रहा प्रशिक्षण

                   जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने के उद्देश्य से सीहोर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में 08 से 13 जुलाई तक जिला एवं चार्ज स्तरीय फील्ड फंक्शनरीज को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

      जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम एवं नगरीय निकाय से नागरिक सुविधाओं, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक-आर्थिक जानकारी का डिजिटल माध्यम से सटीक एवं समयबद्ध संकलन, सत्यापन एवं प्रमाणीकरण किया जाएगा। इस कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। ताकि, आंकड़ों की गुणवत्ता, एकरूपता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके तथा योजना निर्माण एवं नीति-निर्धारण के लिए प्रामाणिक आधारभूत आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

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आंगनबाड़ी कार्यकार्ता एवं सहायिका के लिए आवेदन आमंत्रित

                             महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं के पूर्णतः अस्थाई एवं मानदेय आधारित मानसेवी रिक्त पदों के लिए निर्धारित योग्यताधारी पात्र महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र महिलाएं MP Online द्वारा तैयार चयन पोर्टल (https://chayan.mponline.gov.in) के माध्यम से 01 जुलाई से 13 जुलाई के बीच आवेदन कर सकती हैं। आवेदन में त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 15 जुलाई है। विस्तृत जानकारी चयन पोर्टल (https://chayan.mponline.gov.in) एवं संबंधित परियोजना कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

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• खाद्य विभाग एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया पौधरोपण

• 50 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

                        पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य विभाग एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सीहोर के पचामा स्थित तिलहन संघ के गोदाम परिसर में संयुक्त रूप से पौधरोपण किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के 50 पौधे रोपे गए तथा उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया।

      पौधरोपण कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने आसपास हरियाली बढ़ाने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। इस अवसर पर कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी श्री आकाश चंदेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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• खुशियों की दास्तां

• कृत्रिम पैरों से विष्णु के आत्मविश्वास और सपनों को मिली नई उड़ान
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                        शासन द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र कल्याण और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक है “एडिप योजना”, जो दिव्यांगजनों के जीवन में नई रोशनी और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर आवश्यक सहायता मिल रही है।

      सीहोर जिले के ग्राम सेमरादांगी निवासी श्री विष्णुप्रसाद के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। जब उन्हें जानकारी मिली कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीहोर में विशेष शिविर आयोजित कर दिव्यांगजनों को ऑन द स्पॉट कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे, तो वे निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचे। शिविर में उनका पंजीयन किया गया और विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण उपरांत उन्हें वहीं निशुल्क कृत्रिम पैर प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें उपयोग में सुविधा के लिए आरामदायक जूते भी निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।

      कृत्रिम पैर प्राप्त करने के बाद श्री विष्णुप्रसाद के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि अब वे पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे और आत्मनिर्भर जीवन जी पाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में एक नया मोड़ लेकर आई है।

      एडिप योजना के माध्यम से शासन न केवल दिव्यांगजनों को सहारा दे रहा है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन को नई दिशा दे रहा है। ऐसे प्रयास यह सिद्ध करते हैं कि सरकार संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचकर उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक ने किया कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण

      मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक श्री सुभाष चंद्र ने सीहोर स्थित कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां देखीं और कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, संगीत कक्ष, कंप्यूटर कक्ष एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में अध्ययनरत बालिकाओं से संवाद कर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए।

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ग्रामीण विकास और रोजगार को नई गति! 🌾🇮🇳

विकसित भारत – जी-राम जी (VB-G RAMG) योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आधारभूत सुविधाओं के विकास और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

सशक्त गांव • सशक्त नागरिक • विकसित भारत

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ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर शिविर लगाकर किया गया 1291 बच्चों का टीकाकरण

                 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेभर में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं एवं अनेक स्थानों पर प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके तहत शिविर लगाकर टीकाकरण के साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत जिले में 07 जुलाई को आयोजित शिविरों में शून्य से एक वर्ष की आयु के 926 बच्चों तथा एक वर्ष से अधिक आयु के 368 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही 235 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

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