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आज से करीब 13.8 अरब साल पहले... कुछ भी नहीं था जैसा हम आज देखते हैं। न तारे, न ग्रह, न आकाशगंगाएँ। फिर हुआ बिग बैंग, और उसी पल से शुरू हुआ ब्रह्मांड का सबसे लंबा सफर। शुरुआत में पूरा ब्रह्मांड बेहद गर्म और ऊर्जा से भरा हुआ था। समय बीतने के साथ यह ठंडा होने लगा। फिर लगभग 13.7 अरब साल पहले, गैसों के विशाल बादलों से पहली बार तारों का जन्म हुआ। इन्हीं तारों ने ब्रह्मांड के अंधेरे को पहली रोशनी दी। इसके कुछ समय बाद, करीब 13.6 अरब साल पहले, गैस, धूल और अरबों तारों ने मिलकर विशाल आकाशगंगाएँ बनानी शुरू कीं। इन्हीं में से एक बनी हमारी मिल्की वे, यानी आकाशगंगा। करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों साल गुजर गए। फिर करीब 4.6 अरब साल पहले, हमारी आकाशगंगा के एक कोने में गैस और धूल का एक बादल सिकुड़ने लगा, और उसके केंद्र में जन्म हुआ सूर्य का। सूर्य के चारों ओर बची हुई धूल और चट्टानों के टुकड़े आपस में टकराते रहे। धीरे-धीरे उनसे ग्रह बनने लगे। करीब 4.5 अरब साल पहले, हमारी पृथ्वी अस्तित्व में आई। शुरुआती पृथ्वी आग का गोला थी, लेकिन समय के साथ ठंडी हुई, महासागर बने और आखिरकार जीवन की शुरुआत हुई। इसी दौर में एक विशाल टक्कर के बाद पृथ्वी का चंद्रमा भी बना। चंद्रमा ने पृथ्वी की घूर्णन गति और झुकाव को काफी हद तक स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे लंबे समय में जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी रहीं। यानी आज आसमान में चमकता हर तारा, हमारी पृथ्वी, और हम खुद... 13.8 अरब साल लंबी एक ब्रह्मांडीय कहानी का हिस्सा हैं। #Space #Universe #BigBang #Astronomy #AmazingFacts - Bihar News