
लेखक एवं प्रस्तुति: राजेश तिवारी ईश्वर का निर्णय जब चारों ओर रास्ते बंद हों, तब भी उम्मीद का दीपक जलाए रखना चाहिए।
एक घने जंगल में एक गर्भवती हिरनी अपने बच्चे को जन्म देने के लिए सुरक्षित स्थान की तलाश कर रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे नदी के किनारे ऊँची और घनी घास दिखाई दी। उसे लगा कि यह स्थान उसके बच्चे को जन्म देने के लिए उचित रहेगा।
वह जैसे ही वहाँ पहुँची, उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
लेकिन तभी परिस्थितियाँ अचानक बदलने लगीं। आसमान में काले बादल छा गए। बिजली कड़कने लगी और तूफान आने के संकेत मिलने लगे।
हिरनी ने बाईं ओर देखा तो एक शिकारी उस पर तीर चलाने के लिए निशाना साध रहा था।
दाईं ओर देखा तो एक भूखा शेर उस पर हमला करने की तैयारी में था।
सामने सूखी घास में आग फैल रही थी और पीछे नदी का तेज बहाव था।
अब हिरनी क्या करती?
चारों तरफ खतरा था। एक ओर शिकारी, दूसरी ओर शेर, सामने आग और पीछे उफनती नदी।
वह चाहकर भी कहीं भाग नहीं सकती थी। प्रसव पीड़ा बढ़ती जा रही थी। उसके सामने एक बहुत बड़ा संकट था।
न जाने अगले ही पल क्या होने वाला था!
क्या हिरनी अपनी जान बचा पाएगी?
क्या वह अपने बच्चे को जन्म दे पाएगी?
क्या उसका नन्हा शावक इस दुनिया में सुरक्षित आ पाएगा?
हिरनी के सामने चारों ओर मुश्किलें थीं, लेकिन उसके पास एक जिम्मेदारी भी थी—अपने बच्चे को जन्म देना।
उसने घबराहट में इधर-उधर भागने के बजाय अपना पूरा ध्यान अपने बच्चे को जन्म देने पर केंद्रित कर दिया।
और फिर प्रकृति ने ऐसा दृश्य रचा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
अचानक आसमान में जोरदार बिजली चमकी। उसकी चमक से शिकारी की आँखें कुछ पल के लिए चौंधिया गईं और उसका छोड़ा हुआ तीर अपने लक्ष्य से भटक गया।
लोकप्रिय प्रेरक कथा के अनुसार, तीर शेर की आँख में जा लगा। शेर घायल होकर दहाड़ने लगा। यह देखकर शिकारी घबराकर वहाँ से भाग गया।
इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई और जंगल में फैल रही आग बुझने लगी।
प्रकृति का प्रकोप धीरे-धीरे शांत होने लगा।
और उसी संकट के बीच हिरनी ने एक नन्हे शावक को जन्म दिया।
जिस समय उसे लग रहा था कि चारों ओर केवल खतरा ही खतरा है, उसी समय परिस्थितियाँ बदल गईं और उसके सामने जीवन की एक नई शुरुआत हुई।
यह कहानी हमें याद दिलाती है कि मुश्किल समय में भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।
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🌹 ✨ कहानी से मिलने वाली अनमोल सीख ✨ 🌹
हमारे जीवन में भी कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं, जब चारों ओर परेशानियाँ दिखाई देती हैं। परिवार की चिंता, काम का दबाव, आर्थिक कठिनाइयाँ और भविष्य का डर हमें अंदर से कमजोर करने लगते हैं।
ऐसे समय में हम अक्सर आने वाली हर समस्या के बारे में सोचकर इतना घबरा जाते हैं कि वर्तमान में जो काम हमारे हाथ में है, उसे भी ठीक से नहीं कर पाते।
लेकिन याद रखिए—
मुसीबतें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, घबराहट से नहीं, धैर्य और समझदारी से उनका सामना किया जाता है।
हर परिस्थिति हमारे नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन उस परिस्थिति में हम क्या करते हैं, यह काफी हद तक हमारे हाथ में होता है।
इसलिए जब जीवन में चारों ओर अंधेरा दिखाई दे, तब अपने विश्वास को कमजोर मत होने दीजिए।
जब रास्ते बंद दिखाई दें, तब हिम्मत मत हारिए।
जब लोग आपका साथ छोड़ दें, तब अपने आत्मविश्वास को मत खोइए।
और जब परिस्थितियाँ आपके अनुकूल न हों, तब भी अपने कर्तव्य से पीछे मत हटिए।
🙏 ईश्वर पर विश्वास रखिए, लेकिन अपने कर्म करना मत छोड़िए। क्योंकि विश्वास हमें शक्ति देता है और कर्म हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं।
🌼 याद रखिए, हर रात के बाद सुबह होती है, हर पतझड़ के बाद बहार आती है और हर कठिन दौर हमेशा के लिए नहीं रहता।
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💐 जीवन की कुछ अनमोल पंक्तियाँ 💐
🌺 जो बीत गया, उसे बदला नहीं जा सकता।
🌺 जो आने वाला है, उसे पूरी तरह जाना नहीं जा सकता।
🌺 लेकिन जो आज हमारे पास है, उसे बेहतर जरूर बनाया जा सकता है।
इसलिए बीते कल के पछतावे में अपना आज मत खोइए और आने वाले कल की चिंता में अपनी आज की खुशियाँ मत गंवाइए।
🌷 ईश्वर पर भरोसा रखिए, अपने कर्म पर विश्वास रखिए और अपने मन में उम्मीद का दीपक हमेशा जलाए रखिए।
🙏 सदैव प्रसन्न रहिए, क्योंकि प्रसन्नता जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।
✨ जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है।
✨ जिसका मन मस्त है, उसके पास समस्त है।
✨ जो कर्म में विश्वास रखता है, वही कठिनाइयों में भी रास्ता खोज लेता है।
🌹 ईश्वर करे, आपके जीवन में सुख, शांति, प्रेम और विश्वास का सदैव वास रहे। 🌹
🙏 जय श्री राम | हर हर महादेव | राधे-राधे 🙏
Rahui, Nalanda | Oct 19, 2026