
राजधानी बेंगलुरु में नगर निगम के एक नियमित सफाई अभियान के दौरान सामने आए महिला के शव ने करीब 20 दिन पुराने सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाते हुए मृतका के 32 वर्षीय पति सागर चंद्र रावत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी 28 वर्षीय पत्नी अनुसूया बेहरा की गला दबाकर हत्या करने और शव को सुनसान प्लॉट में फेंकने का आरोप है।
2 सितंबर को संपिगेहल्ली इलाके में नगर निगम कर्मचारी एक सुनसान और खाली पड़े प्लॉट की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान कर्मचारियों को चादर में लिपटा एक महिला का शव दिखा। लगभग 20 दिन पुराना होने के कारण शव अत्यधिक सड़ चुका था और आवारा जानवरों द्वारा क्षत-विक्षत किए जाने की वजह से पहचान करना लगभग नामुमकिन था। संपिगेहल्ली पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
शव की शिनाख्त के लिए कोई पहचान पत्र या दस्तावेज मौजूद नहीं था, लेकिन मृतका के कपड़ों पर लगा एक ब्रांडेड टैग पुलिस के हाथ लग गया। बिलिंग रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महिला की पहचान 28 वर्षीय अनुसूया बेहरा के रूप में हुई। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि अनुसूया एक कपड़ों के शोरूम में काम करती थी, जबकि उसका पति सागर एक होटल में कार्यरत था। दोनों लंबे समय से रिश्ते में थे और प्रेम विवाह के बाद बेंगलुरु शिफ्ट हुए थे। हालांकि, शादी के कुछ ही समय बाद आर्थिक तंगी को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे थे। पैसों को लेकर हुए तीखे विवाद के दौरान सागर ने तैश में आकर अनुसूया का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घबरा गया और शव को एक चादर में लपेटकर करीब तीन दिन तक घर के अंदर ही बिस्तर पर छिपाए रखा। बदबू फैलने के डर से तीन दिन बाद वह शव को संपिगेहल्ली इलाके के एक सुनसान प्लॉट में फेंक आया और सामान्य दिनों की तरह होटल में काम पर जाने लगा। महिला की पहचान होने के बाद जब पुलिस ने उसके परिजनों और पति से संपर्क साधने की कोशिश की, तो पति की गतिविधियों पर गहरा शक हुआ। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी सागर चंद्र रावत ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने