
कार्यपालक सहायकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर हुई बैठक,अक्टूबर से राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान
सरकार की ढुलमुल रवैया एवं वादाखिलाफी के विरोध में आंदोलन की रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा
छपरा(सारण)। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के सारण जिला इकाई की बैठक रवीश कुमार श्रीवास्तव एवं कार्यकारी जिला अध्यक्ष जन्मजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित गोप पुट के संघ भवन में की गई। बैठक में सबसे पहले सारण जिला कमेटी के तत्कालीन जिला अध्यक्ष निलेश कुमार के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जिला अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है, जिस पर सर्वसम्मति से चुनाव कराने पर विस्तार से चर्चा किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आगामी 20 सितंबर तक जिला अध्यक्ष एवं जिला कमेटी का गठन कर लिया जाए। जिस पर बैठक में उपस्थित सभी कार्यपालक सहायकों ने सर्वसम्मति से आगामी 20 सितंबर तक प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष को चुनने का निर्णय लिया गया। साथ ही 20 सितंबर को संघ भवन में प्रदेश अध्यक्ष का सम्मान समारोह भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के वक्ताओं ने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैया एवं वादाखिलाफी के खिलाफ जिले में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कार्यपालक सहायक को सम्मानजनक वेतन वृद्धि एवं राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग किया गया। कहा कि सितंबर माह पूर्ण होने तक सरकार हमारी मांगों को पूर्ण नहीं करती है तो अक्टूबर माह में सभी कार्यपालक सहायकों के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी बिहार सरकार एवम मिशन कार्यालय की होगी। संघ के नेताओ ने कहा का पूर्व में किए गए आंदोलन एवं हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से मांगों के समाधान को लेकर आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद आश्वासन के बाद लगभग एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस एवं सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। जिससे सरकार के प्रति कार्यपालक सहायकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों एवं सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज एवं लंबित मांगों की अनदेखी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों एवं सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज एवं लंबित मांगों की अनदेखी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में संघ को और अधिक मजबूत एवं संगठित बनाने तथा सभी कार्यपालक सहायकों को एकजुट करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित कार्यपालक सहायकों ने एकजुटता के साथ अपने अधिकारों एवं जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
संघ के जिला उपाध्यक्ष रवीश श्रीवास्तव ने कहा कि 26.08.2025 की 36वीं शासी परिषद की बैठक में मानदेय पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव पर अगली बैठक में प्राथमिकता से विचार का निर्णय हुआ था। इसके बाद 06.10.2025 को अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, BPSMS के साथ वार्ता में मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया गया। पुनः 10.12.2025 की 37वीं शासी परिषद की बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित कर तीन माह में अनुशंसा देने का निर्णय लिया गया। इसके बावजूद निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी मानदेय पुनर्निर्धारण पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
बैठक में संघ को और अधिक मजबूत एवं संगठित बनाने तथा सभी कार्यपालक सहायकों को एकजुट करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपस्थित कार्यपालक सहायकों ने एकजुटता के साथ अपने अधिकारों एवं जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। इस मौके पर बैठक में पप्पू पासवान, रितेश कुमार, श्री राम जी, मोहम्मद अमीर हसन, निक्कू माझी, विक्की कुमार सिंह, चंदन कुमार, निर्भय कुमार निर्मल, राजन कुमार, विकास कुमार, विशाल कुमार, सोनू कुमार, अभिषेक कुमार, सुशील कुमार शर्मा, मोहम्मद जाकिर हुसैन, मुन्ना कुमार, संदीप कुमार, शेषनाथ शर्मा, राजेश प्रसाद, अजय राज, मोहम्मद मुमताज, सनी कुमार, राजेश कुमार, आदित्य कुमार मल्होत्रा, सुधांशु श्रीवास्तव, नागमणि प्रसाद, अमर कुमार, सोनी कुमार सैनी, बृजमोहन कुमार, रवि कुमार, नवीन कुमार गिरी, सुबोध महतो, जयप्रकाश, भास्कर, मुन्ना कुमार, मनमोहन कुमार, अभिषेक कुमार, संदीप रंजन, मुकेश कुमार, कमलेश कुमार, पंकज कुमार, प्रवीण कुमार इत्यादि समेत दर्जनों कार्यपालक सहायक उपस्थित थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि—
• आवास विभाग एवं मनरेगा यानी भीबी जी रामजी में कार्यरत कार्यपालक सहायकों का 7 माह से लंबित मानदेय भुगतान करने की मांग किया गया
•सभी विभागों में समूह स्वास्थ्य बीमा एवं कॉरपोरेट सैलरी पैकेज लागू करने के लिए सरकार को अल्टीमेटम दिया जाएगा।
• कार्यपालक सहायकों को हटाकर उनकी जगह आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा लेने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
• कार्य समीक्षा अथवा वित्तीय बोझ का हवाला देकर कार्यपालक सहायकों को हटाने की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
• EPF, अवकाश एवं अन्य वैधानिक/देय सुविधाओं में अनियमितता के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
• मानदेय पुनर्निर्धारण एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में सरकार और मिशन कार्यालय द्वारा लंबे समय से किए जा रहे आश्वासनों एवं टालमटोल के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
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Chapra, Saran | Sep 13, 2026