
जालौन में अब खजूर, ड्रैगन फ्रूट और अंजीर की खेती को मिलेगा बढ़ावा
क्लस्टर आधारित बागवानी से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी, डीएम समीर ने अधिकारियों को दिए लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश
उरई/जालौन बुंदेलखंड के किसानों के लिए पारंपरिक खेती के साथ अब नई और बाजार में मांग वाली फसलों के रास्ते खोलने की तैयारी तेज हो गई है। जालौन में खजूर, ड्रैगन फ्रूट और अंजीर जैसी अपरंपरागत बागवानी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला औद्यानिक मिशन समिति, जनपद स्तरीय क्रियान्वयन समिति एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को मंजूरी दी गई।
बैठक में डीएम ने कहा कि स्थानीय जलवायु के अनुकूल और बाजार में मांग वाली फसलों को प्राथमिकता देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने खजूर, ड्रैगन फ्रूट, अंजीर के साथ अदरक, हल्दी, शिमला मिर्च, बैंगन और टमाटर जैसी नकदी एवं मसाला फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, खजूर, नींबू-मुसम्मी, अनार, पपीता, आंवला और कटहल समेत विभिन्न फसलों के अलावा शाकभाजी, प्याज, लहसुन, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, स्प्रेयर, मचान, मल्चिंग समेत अन्य सुविधाओं का लाभ देने की योजना है।
क्लस्टर मॉडल से किसानों को जोड़ने पर जोर
डीएम ने योजनाओं को क्लस्टर के रूप में संचालित करने पर जोर दिया, ताकि एक क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को एक साथ जोड़कर उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच को मजबूत किया जा सके। बैठक में बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में औद्यानिक विकास योजना के तहत 50 हेक्टेयर, ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम के तहत 3400 हेक्टेयर तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत 861 इकाइयों की स्थापना के लक्ष्यों पर चर्चा हुई।
सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना में पात्र इकाइयों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की 35 प्रतिशत अनुदान सहायता का प्रावधान बताया गया।
डीएम ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति क्षेत्र के किसानों, महिला कृषकों और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और बीज एवं रोपण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
खेत से प्रसंस्करण और रोजगार तक बनेगी कड़ी
जिलाधिकारी ने औद्यानिक उत्पादों के खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें। औषधीय फसलों को लेकर संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों और किसानों के बीच संवाद कराने को भी कहा गया।
मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने हाईटेक नर्सरी का शीघ्र संचालन कर किसानों को गुणवत्तापूर्ण शाकभाजी पौध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों को लेकर संबंधित संस्थानों, उद्यान विभाग और किसानों के साथ कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी ए.के. सिंह, जिला कृषि अधिकारी जी.डी. सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि एवं प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।
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Kalpi, Jalaun | Oct 1, 2026