पाखंडी करे राम मंदिर में चोरी,
दान करी हम,
नेता रहे छाँव में,
घामें में जरी हम,
जलपान करे मंत्री
भुगतान करे हम,
किसानन के दुर्भाग्य त देखा
गेहूं के धरे दिल्ली,
भूसा के धरी हम,
पेपर लिक महोदय करे,
अनशन करी हम,
तानाशाही अब ना चली,
जल्दी होखी पतन!!
स्वरचित - अमित सिंह बखरी
सिवान बिहार '
Siwan, Siwan | Aug 5, 2026