
बीकानेर: प्रसूता शारदा नायक की मौत के मामले में प्रशासन और परिजनों के बीच समझौता
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में दौरान शारदा नायक की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजनों और कांग्रेस द्वारा किया जा रहा था, आज प्रशासन के साथ समझौते के बाद परिजनों का आंदोलन समाप्त हो गया है। प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता और अन्य मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी, हालांकि अभी तक कोई लिखित समझौता प्रशासन द्वारा जारी नहीं किया गया है।
समझौते के मुख्य बिंदु:
वार्ता में प्रशासन ने जन सहयोग (भामाशाहों) से 25 लाख रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
सरकारी मुआवजा: राज्य सरकार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजने पर भी दोनों पक्षों में सहमति बनी है।
रोजगार: प्रशासन की ओर से मृतका के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है।
लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई: समझौते में यह तय हुआ है कि परिजनों द्वारा परिवाद दिए जाने पर पुलिस जांच करेगी। यदि जांच में किसी भी चिकित्सक या अन्य कार्मिक की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा।
चार दिन बाद होगा पोस्टमार्टम:
पति राकेश नायक की सहमति मिलने के बाद, मृतका शारदा नायक का पोस्टमार्टम अब चार दिन बाद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद बुधवार को ही शारदा का अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।
शारदा नायक बीकानेर के श्रीरामसर गांव की रहने वाली थीं। उनके पति राकेश मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।