
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने रविवार को कानपुर में संगठन के पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक कर जमीनी स्थिति, संगठनात्मक कमजोरियों और जनहित से जुड़े कार्यों की जानकारी ली।
बैठक में 33 विधानसभा क्षेत्रों के 124 मंडल अध्यक्षों, क्षेत्र, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों तथा महामंत्रियों के साथ संवाद किया गया। इस दौरान संगठन की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई।
हारी और कमजोर सीटों पर विशेष नजर:
भाजपा की चुनावी रणनीति में उन विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पार्टी को पिछले चुनाव में हार मिली थी अथवा जीत का अंतर काफी कम रहा था। इन सीटों पर संगठन की स्थिति, मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ और संभावित उम्मीदवारों को लेकर जमीनी फीडबैक जुटाने की प्रक्रिया तेज होने की बात सामने आई है।
पार्टी अपने मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता के साथ-साथ ऐसे चेहरों की भी तलाश कर रही है, जिन्हें आगामी चुनाव में मजबूत दावेदार माना जा सके। हालांकि, अभी तक किसी विधायक का टिकट काटने या किसी नए चेहरे को प्रत्याशी बनाने का कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
मंडल से बूथ तक पहुंचने का निर्देश:
बीएल संतोष ने संगठनात्मक अभियानों को केवल बैठकों और कागजी गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बूथ और जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। जिला पदाधिकारियों से मंडल स्तर पर प्रवास तथा मंडल पदाधिकारियों से शक्ति केंद्रों तक सक्रिय रहने की अपेक्षा की गई।
पार्टी की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रमों को बूथ और जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है। भाजपा संगठन की ताकत को बूथ अध्यक्षों से जोड़ते हुए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
2024 के लोकसभा चुनाव से सबक लेने की तैयारी:
भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों से भी सबक लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी उन क्षेत्रों की पहचान कर रही है जहां संगठन या चुनावी प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। इसके साथ ही पुराने मजबूत क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखने और कमजोर क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विधायकों के प्रदर्शन, संगठन की सक्रियता और संभावित प्रत्याशियों की जमीनी पकड़ का आकलन भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
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अस्वीकरण: यह समाचार 15 सितंबर 2026 तक उपलब्ध प्राप्त तथ्यों और रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। संभावित प्रत्याशियों, टिकट में बदलाव अथवा किसी विधायक को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि भाजपा के अधिकृत नेतृत्व द्वारा घोषणा के बाद ही मानी जाएगी।#UttarPradesh #UPPolitics #UPAssemblyElection2027 #Mission2027 #BJP #BJPPolitics #BLSantosh #BJPOrganization #ElectionStrategy #AssemblyElection #PoliticalNews #WinningCandidates #BJPMLAs #GroundFeedback #BoothLevel #MandalLevel #ElectionPreparation #PoliticalStrategy #UPNews #AkOneNews