
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने चालाकी की सारी हदें पार करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की आईजीकेवी शाखा प्रबंधक श्वेता शर्मा को ही अपना शिकार बना लिया। ठग ने खुद को एक कार कंपनी का संचालक बताकर बैंक में ₹2 करोड़ की एफडी कराने का लालच दिया। इसके बाद डायरेक्टर को इमरजेंसी होने का बहाना बनाया और चेकबुक खत्म होने की बात कहकर बिना चेक के तत्काल आरटीजीएस करने का दबाव डाला। ठग ने कंपनी से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी से फर्जी प्राधिकरण पत्र और वाउचर भेजे, जिनके हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खा गए। बड़े बिजनेस के लालच और धोखे में आकर मैनेजर ने ₹4.99 लाख बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
कंपनी के असली प्रतिनिधियों से संपर्क होने पर जब इस बड़े फर्जीवाड़े की पोल खुली, तो हड़कंप मच गया। तेलीबांधा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (BNS 318(4)) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पड़ताल में यह रकम मुंबई के कुर्ला स्थित एक केनरा बैंक खाते में ट्रांसफर होना पाई गई है। साइबर सेल की टीम पैसे होल्ड कराने के साथ ही कॉल डिटेल्स, फर्जी ईमेल आईडी के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच जारी है कि आरोपी के पास बैंक ग्राहकों और कंपनी के दस्तावेजों की सटीक जानकारी कैसे पहुंची।
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