
बारुण : सोन नदी उफान पर, इंद्रपुरी बराज से 5.90 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज; तटीय गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा।
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बारुण (औरंगाबाद)। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सोन नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इंद्रपुरी बराज से करीब 5 लाख 90 हजार क्यूसेक पानी सोन नदी की मुख्य धारा में छोड़े जाने के बाद नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जलस्तर बढ़ने से सोन नदी के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
बराज और तटीय इलाकों में प्रशासन की नजर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इंद्रपुरी बराज सहित सोन नदी के संवेदनशील तटीय इलाकों में अधिकारियों की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एडीएम उपेंद्र पंडित और बारुण अंचलाधिकारी नारायण राय समेत जल संसाधन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने इंद्रपुरी बराज और नदी से सटे संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बराज के कंट्रोल रूम में पहुंचकर पानी की आवक और निकासी से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की तथा कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।
तटीय गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को किया जा रहा सचेत
बारुण के अंचलाधिकारी नारायण राय ने बताया कि सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण तटीय क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ा है। प्रशासन द्वारा संभावित खतरे को देखते हुए बारुण, इंग्लिश, गोठौली, नरारी, बेनी बीघा समेत सोन नदी से सटे दर्जनों गांवों में विशेष निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों को लगातार लाउडस्पीकर और माइकिंग के माध्यम से सावधान किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और किसी भी तरह के बहाव वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की अपील की है।
बच्चों और पशुओं को लेकर विशेष सावधानी की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से कहा है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखें तथा बच्चों को नदी और पानी के तेज बहाव से पूरी तरह दूर रखें। ग्रामीणों को बिना आवश्यकता नदी के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
राहत और बचाव दल अलर्ट
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित पंचायतों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
स्थानीय नाविकों को भी बिना अनुमति नदी में नाव नहीं उतारने का निर्देश दिया गया है। नदी किनारे बसे ग्रामीणों में बढ़ते जलस्तर को लेकर भय का माहौल है और कई लोग रात में भी नदी के हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि सोन नदी के जलस्तर और बराज से पानी के डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।