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पटना और हाजीपुर में नकली दवाओं का काला कारोबार करने वाले मास्टरमाइंड नीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नीरज नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे हाजीपुर से दबोच लिया। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार की निगरानी में बनी एक स्पेशल टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नीरज का दवा कारोबार और काम करने का तरीका क्या था नीरज का गिरोह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से दवाओं की खेप मंगाकर बिहार के पटना, हाजीपुर और राघोपुर में सप्लाई करता था। यह गिरोह सीएनएफ एजेंसियों से एक्सपायर्ड दवाएं खरीदता था और उनके रैपर बदलकर नकली लेबल लगाकर बाजार में बेचता था। पुलिस ने उसके गोदाम से सरकारी मुहर लगी दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम सीरम भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था। गिरफ्तारी कैसे हुई और अब तक क्या कार्रवाई हुई पुलिस को खबर मिली थी कि नीरज दिल्ली से हाजीपुर आया है, जिसके बाद छापेमारी कर उसे 29 मई 2026 को पकड़ा गया। नीरज के खिलाफ पहले से ही नौ मामले दर्ज हैं और वह 2017 से इस धंधे में सक्रिय था। अप्रैल और मई 2026 में उसके ठिकानों से करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए थे। पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार साथी गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस ने नीरज की निशानदेही पर जीएम रोड समेत चार अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार इस पूरे नेटवर्क के बारे में जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देंगे। इस गिरोह का एक और साथी रवि अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। दवा माफिया नीरज कौन है और उसने क्या किया? नीरज बिहार का एक बड़ा दवा माफिया है जो हिमाचल और उत्तराखंड से एक्सपायर्ड दवाएं मंगाकर उनके लेबल बदलता था और उन्हें पटना व हाजीपुर जैसे इलाकों में नकली दवा के तौर पर बेचता था। नीरज के खिलाफ कौन सी धाराएं लगी हैं? नीरज के खिलाफ अगमकुआं और चित्रगुप्त नगर थानों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/22 सी के तहत मामले दर्ज हैं, जिसमें 14 साल तक की सजा हो सकती है।

Lalganj, Vaishali | Jun 2, 2026

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पटना और हाजीपुर में नकली दवाओं का काला कारोबार करने वाले मास्टरमाइंड नीरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नीरज नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे हाजीपुर से दबोच लिया। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार की निगरानी में बनी एक स्पेशल टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नीरज का दवा कारोबार और काम करने का तरीका क्या था नीरज का गिरोह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से दवाओं की खेप मंगाकर बिहार के पटना, हाजीपुर और राघोपुर में सप्लाई करता था। यह गिरोह सीएनएफ एजेंसियों से एक्सपायर्ड दवाएं खरीदता था और उनके रैपर बदलकर नकली लेबल लगाकर बाजार में बेचता था। पुलिस ने उसके गोदाम से सरकारी मुहर लगी दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम सीरम भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था। गिरफ्तारी कैसे हुई और अब तक क्या कार्रवाई हुई पुलिस को खबर मिली थी कि नीरज दिल्ली से हाजीपुर आया है, जिसके बाद छापेमारी कर उसे 29 मई 2026 को पकड़ा गया। नीरज के खिलाफ पहले से ही नौ मामले दर्ज हैं और वह 2017 से इस धंधे में सक्रिय था। अप्रैल और मई 2026 में उसके ठिकानों से करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए थे। पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार साथी गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस ने नीरज की निशानदेही पर जीएम रोड समेत चार अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार इस पूरे नेटवर्क के बारे में जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देंगे। इस गिरोह का एक और साथी रवि अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। दवा माफिया नीरज कौन है और उसने क्या किया? नीरज बिहार का एक बड़ा दवा माफिया है जो हिमाचल और उत्तराखंड से एक्सपायर्ड दवाएं मंगाकर उनके लेबल बदलता था और उन्हें पटना व हाजीपुर जैसे इलाकों में नकली दवा के तौर पर बेचता था। नीरज के खिलाफ कौन सी धाराएं लगी हैं? नीरज के खिलाफ अगमकुआं और चित्रगुप्त नगर थानों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/22 सी के तहत मामले दर्ज हैं, जिसमें 14 साल तक की सजा हो सकती है। - Lalganj News