
आर.सी.सी. पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव
दही हांडी प्रतियोगिता में डीसेंट हाउस ने मारी बाजी, नन्हे-मुन्नों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
बस्ती। आर.सी.सी. पब्लिक स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक, मनोरंजक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर शैलेश चौधरी एवं प्रधानाचार्य नवनीत दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी बाल लीलाओं और उनके आदर्शों पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
‘नटखट-नटखट’ पर थिरके नन्हे कलाकार
प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों ने ‘नटखट-नटखट’ गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने ‘वो कृष्णा है’ गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने ‘राधा गोरी-गोरी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
दही हांडी प्रतियोगिता बना आकर्षण का केंद्र
जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता रही। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, उमंग और टीम भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। रोमांचक मुकाबले में डीसेंट हाउस (येलो) ने प्रथम, ग्लोरी हाउस (रेड) ने द्वितीय तथा लॉफ्टी हाउस (ग्रीन) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता टीमों के प्रदर्शन पर विद्यालय परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश
विद्यालय के डायरेक्टर शैलेश चौधरी ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सत्य, कर्म, प्रेम, अनुशासन और सदाचार का मार्ग दिखाया है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
प्रधानाचार्य नवनीत दीक्षित ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय पर्व एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, रचनात्मकता और सहभागिता की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समारोह का समापन ‘जय श्री कृष्ण’ के सामूहिक जयघोष के साथ हुआ।
Basti, Basti | Sep 3, 2026