जमीन के सौदे और कथित मारपीट को लेकर दो प्रार्थना पत्र, अजित महेश्वरी व अनुभव चतुर्वेदी पर गंभीर आरोप
अंकुर श्रीवास्तव ✍️
उरई (जालौन)। उरई कोतवाली क्षेत्र में जमीन के सौदे, पैसों के लेनदेन और कथित मारपीट व धमकी को लेकर दो अलग-अलग प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक जालौन को दिए गए हैं। प्रार्थना पत्रों में अजित महेश्वरी और अनुभव चतुर्वेदी समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पहले प्रार्थना पत्र में अभिषेक यादव पुत्र राजेन्द्र सिंह यादव निवासी इकलासपुरा, उरई ने बताया कि उसके पिता के नाम पैतृक भूमि गाटा संख्या 93ग में से 1100 वर्गफुट प्लॉट का सौदा 13.20 लाख रुपये में अजित महेश्वरी व अनुभव चतुर्वेदी के माध्यम से हुआ था। प्रार्थी के अनुसार 28 अक्टूबर 2023 और 22 नवंबर 2023 को 50-50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, लेकिन शेष धनराशि नहीं दी गई और न ही प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई। आरोप है कि आरोपितों ने प्लॉट मुफ्त में देने अथवा 10 लाख रुपये देने की मांग करते हुए धमकी दी। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि 19 सितंबर 2026 को जिला जजी उरई के गेट के बाहर अनुभव चतुर्वेदी, उसके भाई कौस्तुभ चतुर्वेदी और तीन अज्ञात लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी के मुताबिक मौके पर कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। उसने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का भी आरोप लगाया है।
वहीं, दीपक सिंह पुत्र अहिवरन सिंह निवासी अमगुवां ने भी एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में अजित महेश्वरी और अनुभव चतुर्वेदी पर जमीन के लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थी का आरोप है कि 4 जुलाई 2024 को उसके पिता की संपत्ति का बैनामा कराया गया था, लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया गया। बाद में 6 जनवरी 2026 को बैनामा वापस किए जाने के दौरान चार लाख रुपये की चेक और गारंटी के तौर पर दूसरी चेक ली गई। दीपक सिंह ने आरोप लगाया कि 7 अप्रैल 2026 को उसे कथित तौर पर कार्यालय बुलाकर मारपीट की गई और करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर 10 लाख रुपये देने अथवा 20 लाख रुपये की जमीन दिलाने का दबाव बनाया गया। प्रार्थी के अनुसार इस दौरान जान से मारने और चेक के माध्यम से रकम वसूलने की धमकी भी दी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि थाने में शिकायत के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। दोनों प्रार्थना पत्रों में पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। अब पुलिस जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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Orai, Jalaun | Sep 28, 2026