
पीएम पोषण के आंकड़ों में गड़बड़ी पर छह स्कूलों पर शिकंजा,, नामांकन के सापेक्ष भोजन करने वाले बच्चों की संख्या भेजी गलत,,
सीईओ ने तलब किया स्पष्टीकरण, भविष्य में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,,
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण योजना की ऑटोमेटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में छात्र-छात्राओं की संख्या संबंधी त्रुटिपूर्ण सूचना भेजे जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर जनपद के छह विद्यालयों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में वास्तविक एवं सही आंकड़े ही फीड कराने के निर्देश दिए हैं।
एसएमएस से भेजे आंकड़ों की पड़ताल में खुली पोल,,
बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने पीएम पोषण योजना की ऑटोमेटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज सूचनाओं की समीक्षा की। योजना के तहत प्रत्येक कार्यदिवस भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या संबंधित संस्थाध्यक्ष अथवा पीएम पोषण प्रभारी द्वारा एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है। समीक्षा का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता के साथ भोजन प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या की निगरानी करना है।
इन छह विद्यालयों में मिली त्रुटिपूर्ण फीडिंग,,
समीक्षा के दौरान छह विद्यालयों द्वारा पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या की सूचना त्रुटिपूर्ण भेजी गई। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज नारायणकोटि, जनता जूनियर हाईस्कूल विनोधारा, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिल्ला, प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर, प्राथमिक विद्यालय बौठा धनपुर तथा राजकीय इंटर कॉलेज कमसाल शामिल हैं।
हर माह सात तारीख तक पूरा करना होगा डाटा फीडिंग का काम,,
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्रुटिपूर्ण सूचना के लिए जिम्मेदार प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण लिया जाए तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की चेतावनी दी जाए। उन्होंने पीएम पोषण योजना का डाटा प्रत्येक माह की सात तारीख तक अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।
वास्तविक मील के आधार पर ही दर्ज होगा आंकड़ा,,
सीईओ ने कहा कि नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की स्थिति भी स्पष्ट की जाए। पीएम पोषण योजना में वास्तविक रूप से वितरित एवं ग्रहण किए गए भोजन के आधार पर ही आंकड़े दर्ज किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजना की लगातार समीक्षा और विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि नौनिहालों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।