ग्राम बैरहना में राशन वितरण में बड़ा घोटाला, गेहूं के साथ बांटे जा रहे कंकड़-पत्थर
सतना। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक बार फिर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। मामला ग्राम बैरहना का बताया जा रहा है, जहाँ शासकीय उचित मूल्य की दुकान से जुलाई और अगस्त माह के खाद्यान्न में ग्रामीणों को गेहूं के साथ कंकड़ और पत्थर बांटे जा रहे हैं। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा भ्रष्टाचार समिति प्रबंधक गुलजारी लाल के संरक्षण में हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार रीता गौतम और उनके पति विकास गौतम जो सहायक के रूप में दुकान का संचालन करते हैं, वे मिलकर इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। आरोप है कि अच्छी गुणवत्ता का गेहूं बाजार में बेच दिया जाता है और उसके स्थान पर कंकड़, पत्थर मिला हुआ घटिया गेहूं ग्रामीणों को वितरित किया जाता है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गेहूं में बड़ी मात्रा में मिट्टी के ढेले और पत्थर मिले हुए हैं, जिसे खाने योग्य नहीं कहा जा सकता। गरीब परिवारों ने बताया कि इस मिलावटी गेहूं को साफ करने में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद होती है, फिर भी पूरी तरह से कंकड़ नहीं निकल पाते।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समिति प्रबंधक गुलजारी लाल कुछ साल पहले तक एक सामान्य व्यक्ति था, लेकिन खाद्यान्न वितरण में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के कारण आज वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है। ग्रामीणों ने शासन से उसकी संपत्ति की जांच कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मैहर कलेक्टर द्वारा इसी तरह की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कई सेल्समैनों को निलंबित किया गया था। अब बैरहना का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि सतना कलेक्टर भी इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषी कोटेदार और समिति प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
Majhgawan, Satna | Sep 12, 2026