
*WhatsApp पर फर्जी बैंक अलर्ट से रहें सावधान! ‘NO’ लिखकर जवाब देने के बहाने ठगी का जाल बिछा रहे साइबर अपराधी : एसपी निकिता खट्टर*
*– पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस ने जारी की विशेष साइबर सुरक्षा एडवाइजरी, बैंक खाते से पैसे कटने के संदिग्ध संदेशों पर बिना सत्यापन प्रतिक्रिया न देने की अपील*
*– साइबर ठगों के डर और जल्दबाजी पैदा करने वाले हथकंडों से रहें सतर्क, आर्थिक ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत : एसपी निकिता खट्टर*
फतेहाबाद, 22 अक्टूबर। डिजिटल युग में साइबर अपराधी आमजन की मेहनत की कमाई हड़पने के लिए लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में WhatsApp पर बैंक खाते से पैसे कटने के फर्जी संदेश भेजकर लोगों को ठगी के जाल में फंसाने के प्रयासों को लेकर *पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने जिलावासियों के लिए विशेष साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अनजान नंबरों से प्राप्त बैंक ट्रांजैक्शन संबंधी संदेशों पर घबराकर कोई प्रतिक्रिया न दें तथा किसी भी संदिग्ध संदेश की सत्यता जांचे बिना उसमें दिए गए निर्देशों का पालन न करें।
*कैसे बिछाते हैं साइबर अपराधी ठगी का जाल?*
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठगी के इस संदिग्ध तरीके में अपराधी किसी अनजान WhatsApp नंबर से संदेश भेजते हैं कि आपके बैंक खाते से एक निश्चित राशि काट ली गई है। इसके बाद संदेश में लिखा होता है कि यदि आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है तो तुरंत 'NO' लिखकर जवाब दें। ऐसे संदेशों का उद्देश्य व्यक्ति के मन में आर्थिक नुकसान का डर पैदा करके उसे जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करना होता है। जवाब मिलने के बाद साइबर अपराधी बातचीत आगे बढ़ाकर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने, संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाने अथवा अन्य तरीकों से ठगी करने का प्रयास कर सकते हैं।
*एसपी निकिता खट्टर* ने स्पष्ट किया कि केवल 'NO' लिखकर जवाब देने से मोबाइल हैक होने अथवा बैंक खाता खाली होने के दावे की तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, ऐसे संदिग्ध संदेशों पर प्रतिक्रिया देना साइबर ठगों को आगे धोखाधड़ी करने का अवसर दे सकता है।
*साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें विशेष सावधानियां*
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को सलाह दी कि अनजान WhatsApp नंबरों से प्राप्त बैंक संबंधी संदेशों पर 'YES' या 'NO' लिखकर प्रतिक्रिया देने से बचें। खाते से पैसे कटने की सूचना मिलने पर घबराने के बजाय अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या अधिकृत कस्टमर केयर के माध्यम से ट्रांजैक्शन की सत्यता जांचें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल या अन्य एप्लिकेशन डाउनलोड न करें। अपना OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध नंबर को तुरंत ब्लॉक एवं रिपोर्ट करें।
*डर और जल्दबाजी साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार : एसपी निकिता खट्टर*
*पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर* ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को डराकर या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करके धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और न ही कोई वित्तीय लेनदेन करें।
उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं।
*एसपी निकिता खट्टर* ने कहा कि आपकी एक छोटी सी सतर्कता जीवनभर की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है। किसी भी संदिग्ध संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।