
प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 22.10.2026 जिला रोहतक
गूगल मैप बना बिछड़े बालक के घर पहुंचने का रास्ता
पुलिस की सूझबूझ से बिहार के बालक को मिला परिवार, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
रोहतक पुलिस ने तत्परता, तकनीकी सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रास्ता भटके एक बालक को सकुशल उसके परिजनों से मिलवाया। बालक अपने माता-पिता का मोबाइल नंबर तक नहीं बता पा रहा था, लेकिन पुलिस ने गूगल मैप की मदद से उसके घर तक पहुंचने का रास्ता खोज निकाला।
थाना लाखन माजरा पुलिस को सूचना मिली कि एक बालक रास्ता भटकने के कारण सड़क पर घूम रहा है। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक शमशेर सिंह ने बालक से संपर्क कर उसे विश्वास में लिया और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि बालक बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर के एक गांव का रहने वाला है। बालक अपने माता-पिता का मोबाइल नंबर भी नहीं बता पा रहा था।
गूगल मैप की मदद से खोजा घर तक पहुंचने का रास्ता
पुलिस ने तकनीक और अपनी सूझबूझ का सहारा लेते हुए गूगल मैप पर बालक के गांव के आसपास के घर और प्रमुख स्थान दिखाए। इस दौरान बालक ने अपने घर के पास स्थित एक मंदिर को पहचान लिया। मंदिर की पहचान मिलने के बाद पुलिस ने गूगल मैप की सहायता से आसपास के क्षेत्र में बनी एक फोटोग्राफर की दुकान पर लिखे मोबाइल नंबर के माध्यम से संपर्क स्थापित किया गया। पुलिस ने व्हाट्सऐप पर बालक की तस्वीर भेजकर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई गई और बालक के परिवार से संपर्क हो गया।
बालक के सकुशल मिलने की सूचना पर उसके पिता ने सफीदों में काम कर रहे अपने भाई को बालक को लेने के लिए भेजा। आवश्यक तस्दीक के बाद लाखन माजरा पुलिस ने बालक को सकुशल उसके परिजनों के हवाले कर दिया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की तत्परता एवं मानवीय प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
पुलिस की यह पहल दर्शाती है कि पुलिस का दायित्व केवल अपराध पर अंकुश लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों की मदद करना और बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाना भी है।
Uklana, Hissar | Oct 22, 2026