
सर्पदंश से घबराएं नहीं - एक घंटे के भीतर एंटीवेनम इंजेक्शन लगवाएं
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी सर्पदंश से बचाव एवं उपचार की सलाह
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वर्तमान में बारिश होने के साथ वातावरण में लगातार तापमान अधिक रहता है। साँप तथा अन्य जीव-जंतुओं के छिपने के स्थानों में पानी भर जाने के कारण उनका सतह पर विचरण शुरू हो जाता है। इसलिए बारिश में साँप एवं अन्य जहरीले जंतुओं के काटने की घटनाएं होती हैं। कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देशन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने आमजनता को सर्पदंश से बचाव तथा उपचार की सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि विन्ध्य क्षेत्र में प्रमुख रूप से तीन जहरीले सांपों, करैत, रसेल वाइपर तथा कोबरा के काटने के कारण मौत की घटनाएं होती हैं। साँप काटने के बाद एक घण्टे की अवधि में सही उपचार होने पर पीड़ित की जान आसानी से बचाई जा सकती है। साँप काटने के तत्काल बाद निकट के अस्पताल जाकर एक घण्टे के भीतर एंटीवेनम इंजेक्शन लगवाएं। यह इंजेक्शन रीवा जिले के सभी विकासखण्डों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पताल में उपलब्ध है। समय पर इंजेक्शन लगने पर जान का खतरा समाप्त हो जाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि साँप काटने के स्थान पर तीखी जलन होती है। पीड़ित को अवसाद, उल्टी आना, लकवा तथा आँख की पुतलियों के फैल जाने के लक्षण दिखाई देते हैं। विष का प्रकोप होने के बाद पीड़ित में माँसपेसियों में ऐंठन और चेतनाहीनता हो जाती है। इसके बाद साँस रूकने से मौत हो जाती है। विष का सर्वाधिक असर तंत्रिका तंत्र और साँस लेने में होता है। कई बार साँप के काटने के स्थान पर सूजन आ जाती है तथा काटा हुआ स्थान काला पड़ जाता है। साँप काटने के बाद हाथ पैरों में झनझनाहट, चक्कर आना, पसीना छूटना, दम घुटना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सर्पदंश के बाद तत्काल अस्पताल जाकर पीड़ित का उपचार कराएं। झोलाछाप डाक्टरों तथा झाड़फूक करने वालों के चक्कर में पड़कर समय न गवाएं। सर्पदंश से पीड़ित के काटने के स्थान से थोड़ा ऊपर हल्की पट्टी बांधे। काटने के स्थान पर चीरा भी न लगाएं इससे संक्रमण का खतरा रहता है। डॉ शुक्ला ने कहा है कि सर्पदंश तथा अन्य जहरीले कीड़ों के काटने से बचने के लिए कुएं, अंधेरे गड्ढे, झाड़ियों आदि में हाथ न डालें। घर से बाहर निकलते समय जूते अवश्य पहनें। ठंडे, अंधेरे और नम स्थानों में साँप छिपते हैं, ऐसे स्थानों में जाने से बचें। सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
Jansampark Madhya Pradesh
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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