
उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या चंदा मामले को लेकर एक बार फिर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं और पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होने दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में गड़बड़ी हुई या किसी को बचाने का प्रयास किया गया तो वह दोबारा अपनी बात मजबूती से रखेंगे।
मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि, "बृजभूषण शरण सिंह डरने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। हम किसी से डरते नहीं हैं। जांच होने दीजिए। अगर जांच सही हुई तो ठीक है, लेकिन यदि गलत हुई तो हम फिर बोलेंगे।"
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या चंदा मामले की जांच जारी है और इस मुद्दे पर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है।
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले दिन से ही इस मामले में "खेल" होने का अंदेशा था। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
राम मंदिर दर्शन नहीं करने संबंधी अपने बयान पर उन्होंने कहा कि वह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी और लोगों को उसके भाव को समझना चाहिए। अखिलेश यादव के आरोपों पर क्या बोले ?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर सीधे प्रतिक्रिया देने से बृजभूषण शरण सिंह ने परहेज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम आरोप लगाना है और वह किसी के आरोप पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "आरोप सही हैं तभी तो जांच हो रही है, एफआईआर दर्ज हो रही है, गिरफ्तारी हो रही है और पूछताछ चल रही है।" साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि यदि जांच के दौरान किसी को बचाने की कोशिश की गई तो वह फिर इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखेंगे।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि फिलहाल वह जांच पूरी होने का इंतजार करेंगे। उनके अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। उनका यह बयान राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले अयोध्या चंदा मामला फिर से चर्चा में आ सकता है।
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