
"न्यायालय की संवेदनशील पहल से पांच वर्ष का अलगाव समाप्त, पति-पत्नी फिर हुए एक
नेशनल लोक अदालत केवल लंबित प्रकरणों के निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि आपसी विवादों को संवाद, समझ और समझौते के माध्यम से समाप्त कर परिवारों को फिर से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बन रही है। रतलाम में आयोजित नेशनल लोक अदालत में ऐसा ही भावनात्मक और प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया, जहां न्यायालय की सक्रिय पहल से लगभग पांच वर्ष से अलग रह रहे पति-पत्नी ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
प्रकरण में पति-पत्नी वर्ष 2017 में विवाह बंधन में बंधे थे और उन्हें दो संतानें हैं। पारिवारिक मतभेद एवं अन्य कारणों से दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और वे अलग रहने लगे। वर्ष 2022 में पत्नी द्वारा पति एवं अन्य परिजनों के विरुद्ध मारपीट, क्रूरता एवं आपराधिक अभित्रास से संबंधित प्रकरण दर्ज कराया गया।
न्यायालय श्रीमती सपना शर्मा, रतलाम द्वारा प्रकरण में संवेदनशील एवं सक्रिय पहल करते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया गया। फरवरी माह से ही समझौते की संभावनाओं पर प्रयास किए गए तथा दोनों को अपने वैवाहिक संबंध को पुनः स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। नेशनल लोक अदालत के पूर्व आयोजित प्री-सिटिंग में विशेष काउंसलिंग के माध्यम से भी दोनों पक्षों को समझौते के लिए समझाया गया।
निरंतर परामर्श और सकारात्मक संवाद का परिणाम यह रहा कि पति-पत्नी ने अपने विवाद को समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्षों ने उपस्थित होकर कहा कि अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है और वे मधुर वैवाहिक जीवन साथ-साथ व्यतीत करना चाहते हैं।
इस अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दोनों को सकुशल उनके नए जीवन के लिए रवाना किया गया। इस प्रकरण में पीठासीन अधिकारी एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
तीन वर्ष पुराने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में वरिष्ठ नागरिकों को मिला 32 लाख रुपये का प्रतिकर
नेशनल लोक अदालत में न्यायालय श्री राजेश नामदेव, सप्तम मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण, रतलाम में लगभग तीन वर्ष पुराने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण का भी आपसी राजीनामे से निराकरण हुआ।
प्रकरण में आवेदकगण वरिष्ठ नागरिक थे और उनके पुत्र की मृत्यु हो चुकी थी। लंबे समय से लंबित प्रकरण में दोनों पक्षों के मध्य आपसी सहमति एवं राजीनामा होने के बाद नेशनल लोक अदालत में न्यायालय द्वारा आदेश पारित किया गया। इसके तहत बीमा कंपनी द्वारा आवेदकगण को 32 लाख रुपये का प्रतिकर प्रदान किया जाएगा।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से एक ओर जहां वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी पुनः साथ आए, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिकों को लंबे समय से लंबित प्रकरण में 32 लाख रुपये का प्रतिकर प्राप्त हुआ। ये दोनों प्रकरण लोक अदालत की उस भावना को साकार करते हैं, जिसमें न्याय के साथ समझौता, समाधान के साथ संतोष और विवाद के स्थान पर सौहार्द को प्राथमिकता दी जाती है।
#jansampark #ratlam
#MadhyaPradesh