पोस्ट डिलीट कर देने से सच्चाई नहीं बदल जाती,महाशय खुलेआम उन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के समर्थन में खड़े थे,जिन पर आज खुद बिहार सरकार कार्रवाई कर चुकी है,सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर साफ संकेत दे दिया कि मामला गंभीर था और जनता के सवाल सही थे......!
जब पूरा देश भरत तिवारी एनकाउंटर पर जवाब मांग रहा था,तब ये साहब पुलिस की कहानी को ही अंतिम सत्य बताने में लगे थे। लेकिन जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई और सच सामने आने लगा,वैसे ही पोस्ट गायब कर दिए गए.....!
अब भी समय है,एक वीडियो बनाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगिए,भरत तिवारी की आत्मा से,उनके परिवार से और उन लोगों से जिन्होंने न्याय की आवाज उठाई,क्योंकि जनता सब देख रही है कौन सत्ता के साथ खड़ा था और कौन सच के साथ......!