
सीएक्यूएम के फैसले अनुसार सभी स्टोन क्रशरों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर अनिवार्य:- संदीप कुमार
पर्यावरण संरक्षण में क्रेसर एसोशियसन बने विशेष भागीदार:- एसडीएम
पहाड़ कम्पनी और क्रेसर संचालकों और क्रेसर यूनियन के बीच बेहतर तालमेल है :-
लोगों में अफवाह फलाने वालों के खिलाफ प्रशासन करेगा सख्त कानूनी कार्यवाही :-
तोशाम, 30 सितंबर।
एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग/सीएक्यूएम ने जारी किए गए आदेशों के अनुसार सभी स्टोन क्रशरों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर अनिवार्य है।
एसडीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता अपने कार्यालय में आज बुधवार को पर्यावरण संरक्षण को लेकर क्रेसर एसोशियसन के पदाधिकारियों और संचालकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहें थे।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में क्रेसर एसोशियसन विशेष भागीदार बने।
एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि पर्यावरण के लिए हमें चारों ओर जो कुछ भी है। हवा, पानी, जमीन, पेड़-पौधे, जीव-जंतु, सूर्य का प्रकाश, सब मिलकर पर्यावरण बनाते हैं। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना, प्राकृतिक संसाधनों को सही तरीके से इस्तेमाल करना और आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना ही पर्यावरण संरक्षण है।
उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के
नए आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर में चल रही पत्थर क्रशर इकाइयों के लिए पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सीएक्यूएम ने सीपीसीबी की 2023 की पर्यावरण गाइडलाइन को अब सीटीओ की शर्तों में शामिल कर दिया है, जिसके तहत क्रेसर पर लगातार निगरानी करने वाले सेंसर और ऑटोमेटिक व्हील वाशिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा।
एसडीएम ने बताया कि यह नया नियम आगामी 01 नवंबर 2026 से पूरे दिल्ली- एनसीआर में लागू हो रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी यूनिट ने तय समय तक सेंसर नहीं लगवाए तो उस पर भारी जुर्माना और यूनिट बंद करने तक की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी क्रेसर संचालकों को जल्द से जल्द इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम संदीप कुमार ने बैठक में क्रेसर संचालकों और क्रेसर यूनियन के पदाधिकारियों से समीक्षा करते हुए कहा कि पहाड़ कम्पनी और क्रेसर संचालकों और क्रेसर यूनियन के बीच बेहतर तालमेल है। लोगों में बिना बात की अफवाह फलाने वालों के खिलाफ प्रशासन करेगा सख्त कानूनी कार्यवाही :-