
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, जिला अस्पताल में आयोजित हुआ प्रशिक्षण
डिंडौरी सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय डिंडौरी में कैशलेस ट्रीटमेंट (पीएम राहत) योजना के संबंध में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में चिकित्सा विभाग एवं एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा धर्मेन्द्र सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री सतीश द्विवेदी के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण में एनआईसी के जिला सूचना अधिकारी अरुण डबास, डीआरएम चेतन तिवारी तथा यातायात थाना प्रभारी श्री सुभाष उइके ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना के क्रियान्वयन संबंधी प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
प्रशिक्षण के दौरान जिला आयुष्मान सहायकों, ओपीएम, एएम एवं एम्बुलेंस टीम लीडरों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के तहत अधिकतम सात दिनों तक अथवा 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा सकता है।
सत्र के दौरान मेडिकल स्टाफ द्वारा सामने रखी गई समस्याओं और जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। आयुष्मान सहायक नितिन कुमार द्वारा यह प्रश्न पूछे जाने पर कि क्या योजना का लाभ लेने के लिए एफआईआर दर्ज होना आवश्यक है, डीआरएम चेतन तिवारी ने स्पष्ट किया कि एफआईआर अनिवार्य नहीं है। दुर्घटना की पुष्टि संबंधित थाना द्वारा किए जाने पर योजना का लाभ प्रदान किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के घायलों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
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