
*द रोज़ ऑर्किड वर्ल्ड स्कूल में 'एजुकेटिंग पेरेंट्स अबाउट एजुकेशन' विषय पर CBP कार्यशाला का आयोजन
द रोज़ ऑर्किड वर्ल्ड स्कूल पांवटा साहिब में आज सीबीएसई द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (CBP) का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय *'एजुकेटिंग पेरेंट्स अबाउट एजुकेशन'* रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने, नई शिक्षा नीति 2020 में अभिभावकों की भूमिका को समझाने और घर-विद्यालय के बीच मजबूत व सकारात्मक साझेदारी विकसित करने के व्यावहारिक तरीकों पर प्रशिक्षित करना था।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें *होली हार्ट स्कूल, नाहन और डिवाइन विजडम स्कूल, माजरा* के शिक्षक भी शामिल रहे। सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में रंजना भारद्वाज और आराधना ठाकुर* ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। सभी सत्र अत्यंत इंटरैक्टिव और गतिविधि-आधारित रहे। केस स्टडी, रोल-प्ले, समूह चर्चा और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि कैसे अभिभावकों को केवल अंक-आधारित सोच से हटाकर कौशल-आधारित और खुशहाल शिक्षा के लिए जागरूक किया जाए।
विद्यालय के निदेशक ललित शर्मा* ने कहा, “जब तक अभिभावक और शिक्षक एक ही दिशा में नहीं चलेंगे, तब तक बच्चे का समग्र विकास संभव नहीं है। यह कार्यशाला इसी सेतु को मजबूत करने का कार्य करेगी।”
डायरेक्टर एकेडमिक्स अंजू अरोड़ा* ने कहा, “एनईपी 2020 में अभिभावक शिक्षा के सबसे बड़े सहयोगी हैं। हमें उन्हें समझाना होगा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है।”
प्रधानाचार्या ममता सैनी* ने सभी प्रतिभागियों और रिसोर्स पर्सन्स का धन्यवाद करते हुए कहा कि कार्यशाला से मिले विचारों को अभिभावक-शिक्षक बैठकों में अवश्य लागू किया जाएगा।
उप-प्रधानाचार्या प्रिया सरीन* ने कहा, “बच्चा उसी माहौल में सबसे अच्छा सीखता है जहाँ घर और स्कूल दोनों में सकारात्मकता हो। आज की कार्यशाला ने हमें यही दृष्टिकोण दिया है।”
अंत में सभी शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।