
*नियमों की अनदेखी: राज्य शासन द्वारा अटैचमेंट पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद भिंड शिक्षा विभाग में बैकडोर से अटैचमेंट का खेल जारी है।*
*ई-अटेंडेंस के नाम पर सेटिंग: डीईओ सुधांशु द्विवेदी ने 'ई-अटेंडेंस प्रबंधन समिति' का गठन कर अपने चहेतों को जिला कार्यालय में अटैच किया।*
*4 सदस्यीय समिति गठित: प्राचार्य परमानंद दीक्षित को नोडल अधिकारी, आकाश तोमर व नीरज पाठक को सदस्य और गोपाल सिंह राजावत को ऑपरेटर नियुक्त किया गया।*
*तकनीकी आड़ में मनमानी: ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज न होने का बहाना बनाकर समिति के नाम पर सीधे तौर पर अटैचमेंट किया गया।*
*शिक्षक संगठनों में भारी रोष: शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया कि बैन के बावजूद समिति बनाकर मनमाने तरीके से स्टाफ को खींचना गलत परंपरा है।*
*स्कूलीय व्यवस्था प्रभावित: स्कूलों से कर्मचारियों को जिला मुख्यालय में अटैच करने से ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई की व्यवस्था ठप हो रही है।*
*भ्रष्टाचार के आरोप: तकनीकी समाधान के लिए आईटी हेल्पडेस्क बनाने के बजाय पूरे स्टाफ को अटैच करने की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।*
*पुराना रिकॉर्ड: डीईओ पर पहले भी शासन के प्रतिबंधों को दरकिनार कर अनुचित लाभ के लिए अटैचमेंट करने के आरोप लगते रहे हैं।*
*उच्चस्तरीय जांच की मांग: मामला उजागर होने के बाद दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।*
*वरिष्ठ अधिकारियों पर नजर: अब देखना होगा कि राज्य शिक्षा केंद्र व भोपाल स्तर से इस नियम विरुद्ध अटैचमेंट पर क्या कड़ा संज्ञान लिया जाता है।*
CM Madhya Pradesh
Chambal Commissioner
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