
अब अभियान के रूप में होगा उर्वरक का वितरण
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हर किसान को अग्रिम के रूप में खाद देने की योजना
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किसानों को सुगमता से उर्वरक वितरण को ध्यान में रखकर भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल एवं प्रदेश के उर्वरक विक्रेता (रिटेलर) के स्टॉक का मिलान करने हेतु शुक्रवार 14 अगस्त शाम 7 बजे से उर्वरक विक्रय बंद किया गया है। मिलान का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसानों को तकलीफ नहीं होगी। सोमवार 17 अगस्त से जितनी खाद चाहिये उतनी मिलेगी, यह सुनिश्चित है। गुरूवार 20 अगस्त से "हर किसान-हर घर-हर खेत खाद" अभियान भी प्रारम्भ हो रहा है, ताकि रबी की खाद इसी माह से किसानों को मिलना प्रारम्भ हो जाये।
प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है। 1 अप्रेल से अभी तक यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उठाव किसानों द्वारा किया गया है। वर्तमान में 4.21 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता हैं, जबकि विगत वर्ष इसी समय यूरिया की उपलब्धता 1.60 लाख मीट्रिक टन थी।
इसी प्रकार प्रदेश में 1 अप्रैल से अभी तक डीएपी एवं एनपीके की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया हैं। वर्तमान में 4.10 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता हैं, जबकि विगत वर्ष इसी समय डीएपी और एनपीके की उपलब्धता 3.00 लाख मीट्रिक टन थी।
प्रदेश में 1अप्रेल से अभी तक एसएसपी की कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन थी, जिसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया हैं। वर्तमान में 3.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की उपलब्धता है।