राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण एवं मीजल्स प्रकोप की विस्तृत समीक्षा की
भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम ने जिला से ग्राम स्तर तक किया निरीक्षण, टीकाकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने दिए तकनीकी सुझाव
मीजल्स प्रकोप की रोकथाम तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार 29 से 31 जुलाई 2026 तक झाबुआ जिले में तीन दिवसीय रूट कॉज एनालिसिस (आरसीए) एसेसमेंट संपन्न हुआ। एसेसमेंट भारत सरकार के विशेषज्ञ डॉ. सुनील कांत गुलेरी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (यूएनडीपी) के विशेषज्ञ श्री योगेश शर्मा द्वारा किया गया।
एसेसमेंट के प्रथम दिवस जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कोल्ड चेन प्रबंधक, जिला वैक्सीन स्टोर प्रभारी एवं जिला टीकाकरण दल के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मीजल्स प्रकोप की स्थिति, नियमित टीकाकरण की प्रगति, सर्विलांस व्यवस्था, माइक्रोप्लान, वैक्सीन उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन एवं फील्ड गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। विशेषज्ञ टीम ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव एवं सुधारात्मक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इसके पश्चात विशेषज्ञ टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिटोल का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. डावर, संस्था प्रभारी डॉ. विजेंद्र मेहरावत, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री अभिलाष भुरिया एवं स्वास्थ्य अमले के साथ मीजल्स प्रकोप के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीकाकरण सत्रों की गुणवत्ता, रिकॉर्ड संधारण, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं सर्विलांस प्रणाली का भी मूल्यांकन किया गया।
द्वितीय दिवस विशेषज्ञ दल ने विकासखंड रामा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उमरकोट का निरीक्षण किया। यहां संस्था प्रभारी डॉ. जतीन भार्गव, बीएमओ डॉ. शैलेश बबेरिया, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री मोतीराम सेनानी, सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सेक्टर सुपरवाइजर एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ नियमित टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। टीम ने वैक्सीन भंडारण, तापमान अनुरक्षण, टीकाकरण रजिस्टर एवं अभिलेखों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों से संवाद कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
तृतीय दिवस विशेषज्ञ टीम ने विकासखंड रामा के ग्राम मुंडत स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं नियमित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीकाकरण से वंचित बच्चों के कारणों की जानकारी प्राप्त की गई तथा मौके पर उपस्थित पात्र एवं छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी कराया गया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बताया कि समय पर सभी टीके लगवाने से बच्चों को लगभग 10 से 11 गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील भी की।
तीन दिवसीय एसेसमेंट के दौरान जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर मीजल्स प्रकोप के कारणों, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, वीएचएसएनडी सत्रों, सेशन मॉनिटरिंग, सर्विलांस प्रणाली, कोल्ड चेन प्रबंधन, तापमान अनुरक्षण, रिकॉर्ड संधारण एवं फील्ड कार्यप्रणाली का गहन मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा के दौरान विशेषज्ञ टीम ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नियमित टीकाकरण सत्र निर्धारित समय पर आयोजित किए जाएं तथा प्रत्येक सत्र की यू-विन (U-WIN) पोर्टल, एचएमआईएस (HMIS) एवं अन्य संबंधित पोर्टलों पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। साथ ही सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ, एएनएम एवं समस्त फील्ड स्टाफ द्वारा नियमित मॉनिटरिंग, अभिलेखों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा टीकाकरण से वंचित प्रत्येक बच्चे की समय पर पहचान कर उसका टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
विशेषज्ञ टीम ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुझावों एवं सुधारात्मक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से झाबुआ जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम और अधिक सुदृढ़ होगा तथा भविष्य में मीजल्स सहित अन्य टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के प्रकोप की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जा सकेगी।
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1 views | Jhabua, Madhya Pradesh | Aug 3, 2026