किसानों की 76 मांगों को लेकर गरजा भारतीय किसान संघ, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
धान खरीदी का लक्ष्य 22 से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने और जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग, जिलाध्यक्ष बोले—“भावान्तर नहीं, भाव चाहिए”
किसानों की ज्वलंत समस्याओं और जिले की प्रमुख मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों की संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और कृषि, खाद, बीज, फसल बीमा, बिजली, सिंचाई, पशु चिकित्सा, उद्यानिकी एवं राजस्व से जुड़ी 76 मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई।
संघ ने केंद्र सरकार से कृषि आदान एवं कृषि यंत्रों पर जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने तथा किसान सम्मान निधि में वृद्धि कर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने की मांग की। साथ ही कृषि उत्पादों की आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाने और जीएम फसलों को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग भी रखी गई।
खाद और फसल बीमा की समस्याएं भी उठाईं
ज्ञापन में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराने, एनपीके पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने और फसल बीमा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई। संघ ने सैटेलाइट सर्वे के स्थान पर फसल कटाई प्रयोग को प्रभावी बनाने तथा अतिवृष्टि, कीट एवं बीमारियों से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी उठाई।
किसानों ने कृषि मंडियों में आधुनिक टेस्टिंग, तौल एवं ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करने तथा धान, सोयाबीन, मक्का, ज्वार और बाजरा सहित प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की।
धान खरीदी का लक्ष्य 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग
भारतीय किसान संघ ने डिंडौरी जिले की स्थानीय समस्याओं को भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल किया। संघ ने धान खरीदी का लक्ष्य 22 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने, जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने और किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने की मांग की।
इसके अलावा मेंहदवानी तहसीलदार को हटाने, जिले में नवीन समितियों के कार्यालय खोलने तथा पशु चिकित्सा विभाग में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
सिंचाई के लिए स्थाई बिजली कनेक्शन की मांग
किसानों ने नदी, कुआं, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों से लगी कृषि भूमि के लिए सिंचाई हेतु स्थाई विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में बदलने और किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में पावर ट्रेलर, जैविक खाद, स्थाई ढांचा और फेंसिंग तार के लक्ष्य बढ़ाने की मांग भी संघ ने उठाई।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू ने किसानों की उपज के उचित मूल्य की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए कहा—“भावान्तर नहीं, भाव चाहिए।” संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक मांग पर समय-सीमा तय कर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ज्ञापन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, आशाराम यादव, तहसील उपाध्यक्ष लालसिंह, प्रचार प्रमुख कृष्ण कुमार, रामेश्वर, लखन, हीरालाल सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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