*‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ के दूसरे दिन स्क्रीन प्रिंटिंग की तकनीक एवं रचनात्मक पहलुओं पर प्रशिक्षण*
भागलपुर, 26 सितंबर 2026।
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ के अंतर्गत भागलपुर संग्रहालय, भागलपुर में चल रही स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला के दूसरे दिन आज प्रशिक्षुओं को स्क्रीन प्रिंटिंग की तकनीक, इतिहास, विभिन्न प्रकारों, उपयोगी सामग्रियों तथा इसके रचनात्मक पक्षों की विस्तृत जानकारी दी गई।
दूसरे दिन के प्रशिक्षण सत्र में उदय कुमार, प्रशिक्षक—स्क्रीन प्रिंटिंग एवं अंकित रंजन, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, भागलपुर सह सहायक संग्रहालय अध्यक्ष ने प्रशिक्षु कलाकारों के साथ स्क्रीन प्रिंटिंग की तकनीकी प्रक्रिया और इसके रचनात्मक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। अंकित रंजन ने स्क्रीन प्रिंटिंग के विकास एवं इसके कलात्मक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी कला तकनीक का वास्तविक महत्व तब बढ़ जाता है, जब कलाकार उसमें अपनी मौलिक कल्पना और स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भों को जोड़ता है।
प्रशिक्षक उदय कुमार ने प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षुओं को स्क्रीन प्रिंटिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं से अवगत कराया। उन्होंने स्क्रीन/मेश, फ्रेम, स्क्वीजी, इमल्शन, फोटोसेंसिटिव कोटिंग, प्रिंटिंग इंक तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षुओं को स्क्रीन तैयार करने, डिजाइन को एक्सपोज करने, स्क्रीन की धुलाई एवं सफाई तथा तैयार स्क्रीन के माध्यम से कागज और कपड़े जैसी सतहों पर डिजाइन प्रिंट करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध ढंग से समझाया गया।
उन्होंने बताया कि स्क्रीन प्रिंटिंग में प्रयुक्त फोटोसेंसिटिव इमल्शन एवं अन्य रसायनों का प्रयोग निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक सावधानियों के साथ किया जाता है। डिजाइन की स्पष्टता, इंक की मात्रा, स्क्रीन की गुणवत्ता तथा स्क्वीजी के उचित दबाव जैसे तकनीकी पहलू बेहतर प्रिंट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षुओं को रंगों के संयोजन तथा एक ही डिजाइन में विभिन्न रंगों के प्रयोग की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके पश्चात अंकित रंजन ने प्रशिक्षुओं के साथ प्रश्नोत्तरी एवं संवादात्मक सत्र किया। उन्होंने प्रतिभागियों से जाना कि वे प्रशिक्षण के दौरान क्या सीख रहे हैं तथा स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग अपनी कला में नवाचार के रूप में किस प्रकार कर सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को स्थानीय लोक कला, सांस्कृतिक प्रतीकों एवं समकालीन डिजाइन को स्क्रीन प्रिंटिंग के माध्यम से नए रूप में प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक सोच, निरंतर अभ्यास और प्रयोग की प्रवृत्ति किसी भी कलाकार की अभिव्यक्ति को अधिक प्रभावी बनाती है। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को केवल स्क्रीन प्रिंटिंग की तकनीक सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी मौलिक कलात्मक पहचान विकसित करने के लिए प्रेरित करना भी है।
दूसरे दिन प्रशिक्षुओं ने प्रायोगिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्क्रीन तैयार करने से लेकर डिजाइन को प्रिंट में रूपांतरित करने की प्रक्रिया को समझा। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें तकनीकी बारीकियों एवं रचनात्मक प्रयोगों के लिए प्रोत्साहित किया।
‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ के अंतर्गत आयोजित स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला 25 से 29 सितंबर 2026 तक भागलपुर संग्रहालय में संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को कला एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराना तथा पारंपरिक एवं समकालीन कला के बीच रचनात्मक संवाद स्थापित करना है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
भागलपुर
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31 views | Bhagalpur, Bihar | Sep 26, 2026