टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई ऊर्जा, निश्चय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण
सहरसा, 17 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज सहरसा प्रेक्षागृह में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निश्चय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्री दीपेश कुमार ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री दीपेश कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य भारत को क्षय रोग (टीबी) से पूर्णतः मुक्त बनाना है। इस अभियान के तहत समय पर जांच, निःशुल्क उपचार, पोषण सहायता तथा जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मरीजों को संपूर्ण सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से ही टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी, चेंबर ऑफ कॉमर्स, रेनबो रिसोर्ट, लायंस क्लब, शिव शक्ति हॉस्पिटल, लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सत्यम हॉस्पिटल, देव हॉस्पिटल, होटल परदेशी कार्डो, नारायण मेडिकल कॉलेज, नजमी फर्नीचर तथा ज्योति विवेकानंद संस्थान सहित अनेक संस्थाओं ने निक्षय मित्र के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट उपलब्ध कराया। जिला प्रशासन ने सभी निश्चय मित्रों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि निश्चय मित्र पहल के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, संस्था अथवा कॉर्पोरेट (CSR) टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें अतिरिक्त पोषण, आर्थिक अथवा मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों की नियमित निगरानी एवं उपचार की सतत मॉनिटरिंग के लिए निक्षय पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। पोर्टल पर उपलब्ध एआई आधारित चैटबॉट "खुशी" मरीजों को दवा सेवन एवं पोषण संबंधी दैनिक रिमाइंडर भी उपलब्ध कराता है। सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि सहरसा जिले में 14 अगस्त 2026 तक विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले के 114 संवेदनशील गांवों में व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए 97 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें चिकित्सक, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO), जीएनएम, एएनएम तथा जीविका दीदियाँ शामिल हैं। ये टीमें गांव-गांव एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील आबादी की स्क्रीनिंग के लिए पोर्टेबल एक्स-रे तथा आधुनिक स्वदेशी ट्रू-नैट मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि 24 मार्च से 16 जुलाई 2026 तक जिले में 2,72,636 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 6,554 लोगों की जांच (टेस्ट) हुई तथा 159 टीबी मरीजों की पहचान की गई। 3 जुलाई से 16 जुलाई के बीच 126 टीपीटी (TPT) किए गए। जिले में अब तक 1,487 टीबी मरीजों की अधिसूचना (Notification) दर्ज की गई है, जिनमें से 1,158 मरीजों को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही 200 टीपीटी पूर्ण किए गए हैं। निश्चय मित्रों के सहयोग से आज 205 टीबी मरीजों को फूड बास्केट एवं पोषण सहायता उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम मे सिविल सर्जन, जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थाओं से जुड़े निश्चय मित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में निश्चय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करें और टीबी मुक्त सहरसा, टीबी मुक्त बिहार तथा टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज और स्वास्थ्य तंत्र के संयुक्त प्रयास से सहरसा शीघ्र ही टीबी मुक्त जिला बनने की दिशा में एक मजबूत उदाहरण स्थापित करेगा।